कानपुर की नूर बेगम

अब हम दोनों एक दूसरे से चिपक गए. हमारे होंठ आपस में जुड़ गए. फिर धीरे धीरे एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे. कुछ ही पलों में हम दोनों सिर्फ अंदरूनी कपड़ों में बचे रह गए. मैंने उसको सीने से लगाया और पीछे से उसकी ब्रा खोल दी. उसके चूचे मेरे सामने थे. उसके चूचे ज्यादा बड़े नहीं थे. मैंने अपने होंठ उसके मम्मों की चोंचों से लगा दिए और जोर जोर से निप्पल चूसने लगा.

वो ‘सीएईए सीई..’ करने लगी. अभी वो खड़ी थी, मैं बिस्तर पर बैठ कर उसकी चूचियों को चूस रहा था.

कुछ पल बाद मैंने नीचे बैठ कर उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को किस किया. फिर धीरे धीरे उसकी पैंटी नीचे उतार दी. एकदम साफ चूत मेरे सामने थी.. वो आज ही चूत को चिकना करके आई थी. मैंने अपने होंठ उसकी चूत पे रख दिए, वो मेरा सर अपनी चूत पे दबाने लगी.

फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसके बदन से खेलने लगा. कुछ देर बाद हम दोनों मस्त हो गए थे. कुछ देर बाद मैंने बियर निकाली और पीने लगा. मैंने एक बियर उसको भी दी, तो वो मना करने लगी. फिर मेरे जोर देने पर उसने बोतल ले ली और हम एक दूसरे के बदन से खेलते हुए बियर पीने लगे.

मैंने बियर अपने मुँह में भर ली और वो मेरे मुँह से मुँह लगा कर बियर पीने लगी. इस वक्त हम दोनों अलग ही दुनिया पे पहुंच चुके थे. दोनों बियर खत्म होते होते हमारे ऊपर अलग ही नशा छाने लगा था.

मैं फिर से उसकी चूत चाटने लगा और वो मेरा सर सहलाने लगी. अब मैंने उसे अपने ऊपर बुलाया तो वो मेरे मुँह पर अपनी चूत खोल कर 69 में बैठ गयी और मेरा लंड चूसने लगी. वो बियर के हल्के नशे में मस्त होकर लंड को ऐसे चूस रही थी, जैसे कोई बच्चा लॉलीपॉप चूस रहा हो. वो मेरा पूरा लंड गले तक लेकर चूस रही थी. उधर नीचे से मैं उसकी चूत चूसे जा रहा था.

अचानक ऐसा लगा कि उसने सुसु कर दी, जबकि वो झड़ने लगी थी. मैं उसकी चूत का पानी बियर समझ कर पीने लगा.

झड़ कर वो थक गयी और बगल में लेट गयी.
मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो बोली- न जाने कितने सालों बाद आज जिन्दा होने का अहसास हुआ है. मेरे राजा आज से में तुम्हारी गुलाम हो गयी, तुम जो बोलोगे, वो करूँगी.
मैंने उसे प्यार से किस किया और बोला- अब चुदने के लिए तैयार हो जाओ.
वो बोली- जो हुकुम मेरे आका.
हम हँसने लगे.

फिर मैंने कंडोम निकाला, उसने बड़े प्यार से कंडोम मुझे पहनाया और टाँगें ऊपर करके मेरे लंड डालने का इंतजार करने लगी. मैंने धीरे धीरे लंड उसकी चूत की गहराई में डालने लगा. उसके मुँह से सी.. सीई.. सीई की आवाज आने लगी, जो मुझे अलग ही जोश दिला रही थी.

बियर अपना काम कर रही थी और मैं उसको मस्त होकर काफी देर तक चोदता रहा. फिर वो मेरे लंड पर बैठ कर जबरदस्त उछली. उसने मेरी जो चुदाई की, समझो जिंदगी का मजा आ गया.
चुदाई करते हुए करीब आधा घंटा हो चुका था. हम बुरी तरह थक चुके थे. अब मैंने उसको घोड़ी बनाया और घमासान चुदाई चालू कर दी. उसमें भी बहुत दम था, वो मेरा बराबर साथ दे रही थी.

काफी देर चोदने के बाद मेरा पानी निकला तो उसने बाद में बताया कि उसको याद नहीं है कि वो कितनी बार झड़ी है.

फिर हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर सो गए. आधे घंटे बाद हम दोनों ने चिप्स और नमकीन खाये और आधी आधी बियर पी और फिर से दूसरे राउंड की चुदाई चालू कर दी.
दूसरी बार भी लगभग एक घंटे तक हमारी चुदाई चली. चुदने का मजा लेने के बाद वो मेरी बांहों में लेटी रही.

फिर मैंने अपने दोस्त को फ़ोन किया तो वो बोला- मुझे आने में एक घंटा लग जायेगा.
जब तक मेरा दोस्त आता, तब तक हमने एक बार और चुदाई की.

चुदाई खत्म ही हुई थी कि मेरा दोस्त आ गया. फिर हम दोनों वहां से निकल आए. मेरे दोस्त ने भी उसे चोदने की मंशा जाहिर की, तो नूर ने मना नहीं किया. लेकिन उसने अगली बार का वायदा किया.
दोस्त ने उसे अपनी बांहों में भरके चूमा और उसके दूध मसल कर हामी भर दी.

दोस्त के घर से निकलने के बाद मैंने उसे उसके घर के पास छोड़ दिया.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी ये सच्ची चुदाई की कहानी, प्लीज बताना जरूर. अगली कहानी में बताऊंगा कि कैसे मैंने और मेरे दोस्त ने मिल कर एक साथ कैसे नूर को चोदा.
धन्यवाद

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