दारू पार्टी में चुदाई पार्टी हो गयी

मैंने उसे बिस्तर से उठाया और उसके मुंह में लंड डालकर चोदने लगा।
उसने लंड बाहर निकाल दिया और बोली- तुम पंकज नहीं हो!!
मैंने कहा- मैं राज़ हूं। पंकज ने ही मुझे यहां लेटने को कहा था।

भाभी गर्म थी। एक बार तो उसने विरोध किया लेकिन मैंने रिक्वेस्ट की तो वो मान गयी और मैं फिर से उसके मुंह में लंड देकर चोदने लगा।
धीरे धीरे अब वो खुद लंड को चूसने लगी मैंने उसके बूब्स सहलाने शुरू कर दिए।

अब वो पूरी तरह से चुदने के लिए तैयार हो गई थी।
मैंने उसकी चूत के नीचे तकिया लगाया और उसके ऊपर आ गया और लन्ड को सेट करके धक्का लगाया।
उसकी एकदम से हल्की चीख निकली तो मैंने मुंह पर हाथ रखा और पूरा लंड पेल दिया।

फिर मैंने उसके होंठों पर होंठ रख दिए और तेज तेज उसकी चूत में लंड को पेलने लगा।
कुछ देर के बाद उसका दर्द कम हुआ तो वो भी मेरा साथ देने लगी।

पंकज नशे में सो रहा था और मैं रूपा को उसी के बिस्तर में चोद रहा था।

रूपा को मजा आने लगा और वो मेरे लौड़े को अंदर तक ले रही थी।

अब मैंने उसे उठाकर घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में लन्ड घुसा दिया।
उसकी आहह … आह्ह … निकलने लगी।

मैं उसे घोड़े के जैसे चोदने लगा; वो अपनी गांड को चलाने लगी।

मैं रूपा के बूब्स दबाने लगा और उसकी गान्ड में हाथ फेरने लगा। वो गांड आगे पीछे करके लंड लेने लगी थी। रूपा की चूत मेरे लन्ड को कसने लगी थी।

फिर मैंने अपने लौड़े की रफ्तार बढ़ा दी और तेज़ी से अंदर-बाहर करने लगा।
उसकी सिसकारियां तेज़ हो गईं और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया।

अब फच्च फच्च करके गीला लंड सटासट सटासट अंदर तक जाने लगा। मैंने उसे बिस्तर पर सीधा लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया।
उसने लंड अपनी चूत में रखा और मैंने झटके से घुसा दिया और उसकी गीली चिकनी चूत में गपागप गपागप अंदर बाहर करने लगा।

गीला लंड फिसलता हुआ बच्चेदानी तक जाने लगा और उसकी आहहह आह्ह … आह्ह … आह्ह … की आवाजें तेज होने लगीं।

अब मैंने अपने लौड़े को चौथे गियर में डाल दिया और पूरी रफ्तार से चोदने लगा।
मेरा लौड़ा पूरा अन्दर तक जाने लगा और फिर एकदम से मेरे लौड़े ने वीर्य छोड़ दिया।
उसकी चूत लबालब भर गई और मैं उसके ऊपर लेट गया।

थोड़ी देर बाद हम दोनों अलग हो गए।

10-15 मिनट हमने बातें कीं तो उसने बताया कि पंकज उसे कभी ऐसे नहीं चोदता है। वो जल्दी जल्दी करता है और फिर झड़कर सो जाता है।

हम दोनों की नींद गायब थी।
पंकज का नशा भी ढीला हो गया था इसलिए मैंने रुपा को पैग बनाने को कहा।
वो उठी और लाइट जलाकर पैग बनाने लगी।

मैंने पैग मारा और रूपा ने फिर नींद में ही पंकज को दारू पिला दी।

मैं अभी रूपा की चूत के और मजे लेना चाहता था। शायद वो भी यही चाहती थी इसलिए जैसा मैं बोल रहा था वो वैसे ही कर रही थी।

दारू पीने के बाद अब लाइट बंद करके हम दोनों बिस्तर पर आ गए और रूपा मेरा लौड़ा चूसने लगी।
मैं उसके बूब्स मसलने लगा और वो लोलीपॉप समझकर मेरा पूरा लौड़ा अंदर लेते हुए चूसने लगी।

अब मैंने उसे 69 पोजीशन में किया और उसकी चूत को चाटने लगा। मैंने उसकी चूत में जीभ घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगा। वो भी लंड को मुंह में अंदर तक ले रही थी और मस्ती से चूस रही थी।

मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी एक टांग उठा कर अपने कंधे पर रख ली। फिर मैंने लौडा़ चूत पर लगाया और चूत में लन्ड घुसा दिया और चोदने लगा।

वो आह्ह … ऊईई … आह्ह … करके चिल्लाने लगी।
उसे अब मैं बिना रूके चोदने लगा।
मैं नशे में था और उसकी चीखों से मजा आ रहा था मुझे! मैं और तेज़ तेज़ चोदने लगा।

उसको भी मज़ा आने लगा और वो बोली- राज चोदो … और तेज़ तेज़ … और तेज़ … चोदो।

मेरा लौड़ा मेरे काबू में नहीं था। वो रूपा की चूत में घोड़े के जैसे दौड़ने लगा।

अब रूपा भी गांड चलाने लगी। मैंने उसकी गान्ड पर चांटें मारना शुरू कर दिया वो और जोश में आकर चूत से लंड को दबाने लगी। मैंने झटकों की रफ्तार पूरी बढ़ा दी।

कुछ देर बाद मैंने लंड निकाल लिया और उसके मुंह में डाल दिया।
वो गपागप गपागप चूसने लगी और उसने पूरा लंड गीला कर दिया।

फिर मैं पीछे आ गया; पीछे आकर मैंने उसकी गान्ड में थूक लगाया।
वो बोली- राज नहीं … पीछे नहीं!
मगर मैंने उसकी नहीं सुनी।

उसकी गांड में मैंने उंगली घुसा दी और मैं उंगली अंदर बाहर करने लगा।
फिर मैंने उंगली निकाल कर गांड में और थूक लगाया और लंड को फेरने लगा।

Pages: 1 2 3 4