मैडम ने गर्लफ्रेंड बनकर मुझसे गांड चुत चुदवाई

एक दिन की बात है, मैं मैडम के कमरे में उनसे पढ़ रहा था और हमारी बातें भी चल रही थीं.

एकदम अचानक से मैंने ऐसे ही मैडम से पूछा- यार दीदी, ये तो मेरी समझ में ही नहीं आ रहा है.
मैडम ने कहा- तुम मेरा नाम ले सकते हो या मैडम बोल सकते हो.

मैंने शुरू में तो उनसे मैडम ही बोला, फिर एक दो बार उनका नाम भी लिया.
जब मैंने मैडम का नाम लिया कि गुलनिहाल जी … मुझे ये बता दीजिएगा.

मैडम बहुत खुश हुईं और बोलीं- हां तुम्हारा गुलनिहाल कहना मुझे बड़ा अच्छा लगा और सुनो अब से तुम मुझे सिर्फ गुल ही कहा करो यार … निहाल जी लगा देने से मैं खुद को तुमसे बहुत बड़ी महसूस करने लगती हूँ.

मैंने गुलनिहाल मैडम की आंखों में देखा, तो वो बड़ी मस्त नजरों से मुझे देख रही थीं.

मैंने उनसे कहा- ओके … अब से आपको गुल ही कहूँगा.
मैडम ने ओके कह कर मेरी पीठ सहला दी और बोली- गुड ब्वॉय.

उस दिन पढ़ाई बंद हो गई और हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे.

मैंने मैडम से पूछा- आप अपने बालों में क्या लगाती हो … बहुत खुशबू आती है.
मैडम शर्माते हुए बोलीं- मैं फलां शैम्पू लगाती हूँ.

उन्होंने शैम्पू का नाम तो लिया था मगर वो सब छोड़िए.

मैंने धीरे से बुदबुदाते हुए कहा- ऐसी महक लगाने से तो मन करता है कि गुलनिहाल … मैं तुझे खा ही जाऊं.

मैं ये बहुत ही हल्की आवाज में बोला था लेकिन शायद उन्होंने सुन लिया था.

मैडम बोलीं- क्या बोला?
मैंने अचकचाते हुए कहा- क..कुछ नहीं.
वो बोलीं- अच्छा नहीं बताना है तो मत बताओ, कोई बात नहीं.

कुछ देर बाद मैडम बोलीं- चलो छत पर चलते हैं.

मैंने हामी भर दी और हम दोनों छत पर आ गए. उधर टहलते हुए हम दोनों में थोड़ी देर बातचीत हुई.

उन्होंने कहा- यार हम लोग दोस्त बन गए हैं … तो क्या हम दोनों किसी भी तरह की बात कर सकते हैं?
मैंने कहा- हां हां … कहो न आपको क्या बात करनी है.

मैडम- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड वगैरह है या नहीं!
मैंने शर्माते हुए कहा- अभी तो कोई नहीं है लेकिन सोच रहा हूं कि कोई आपके बालों जैसी खुशबू वाली मिल जाए, तो उसे ही अपनी गर्लफ्रेंड बना लूं.

मैडम ने हंस कर कहा- अरे वाह तुमको तो मेरे बालों की खुशबू बड़ी पसंद आने लगी है.
मैं उनकी इस बात से शर्मा गया.

मैडम ने मेरी शर्म को खत्म करने के लिए कहा- अरे इसमें शर्माने वाली क्या बात है. अच्छा बताओ तुमको कितनी उम्र की गर्लफ्रेंड चाहिए?
मैंने कहा- उम्र से क्या फर्क पड़ता है. वो बड़ी उम्र की भी हो, तब भी मुझे चलेगी. बस उसके बालों की खुशबू ठीक आपके बालों जैसी होनी चाहिए.

वो बोली- तो फिर 26-27 की उम्र की हो, तो उसे संभाल लोगे?
मैंने कहा- संभालने में क्या है, मुझे आप कम समझती हैं क्या?

इस पर मैडम थोड़ी जोश में आ गई और मेरा हाथ पकड़ कर बोलीं- क्या तुम मुझे संभाल लोगे?
मैंने कहा- अरे गुल … आप ये क्या बोल रही हो?

मैडम- हां मैं सही बोल रही हूं … बताओ क्या तुम मुझे सम्भाल लोगे?
मैंने मैडम की आंखों में वासना के डोरे देखे और कह दिया- ठीक है आपको तो मैं संभाल क्या … खा ही जाऊंगा.

मैडम ने एक कदम आगे बढ़ते हुए पूछा- हर रोज खा सकोगे?
मैंने कहा- आजमा कर देखो, फिर कुछ कहना.

उन्होंने आंख दबा कर कहा- अच्छा ये तो बता दो कि खाते कैसे हो?
मैंने उनसे कहा- ठीक है, मैं आज शाम को जब आपके पास ट्यूशन के लिए आऊंगा, तब बता दूँगा.

मैडम ने मुस्कुरा कर हां कर दी और बोलीं- क्या मुझे कुछ तैयारी करनी होगी?
मैंने कहा- आपको तैयारी करने की क्या जरूरत है. वो मैं सब देख लूंगा … बस आप मेरा इंतजार करना.

मैडम ने हां में सर हिला दिया.

मैं उनके रूम में रात को करीब 9:00 बजे गया और उनके कमरे में कुर्सी पर बैठ गया.
वो चुपचाप चारपाई पर चादर ओढ़ कर लेटी हुई थीं.

मैंने उनकी तरफ देखा और पूछा- क्या हुआ गुल … आप लेटी क्यों है तबियत तो ठीक है न!
उनकी आंखों में ऐसा नशा सा छाया था, जैसे उन्होंने शराब पी रखी हो.

उन्होंने अपनी उंगली के इशारे से मुझे अपने पास आने को कहा.
मैं आने लगा तो मैडम ने कहा- पहले दरवाजे बंद कर दो.

मैंने दरवाजे बंद किए और उनके करीब आ गया.

मेरे आते ही मैडम ने अपनी चादर हटा दी.
ओहह … मेरी नजरें चुधियां गईं, मैडम जिस स्थिति में लेटी थीं, वो किसी का भी लंड खड़ा कर सकता था. मैडम सिर्फ ब्रा पैंटी में लेटी थीं.

मैं कुछ कहता कि तब तक मैडम ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने ऊपर खींच लिया. मैं उनके जिस्म पर लगभग चढ़ सा गया था.
वो मेरे सर को दबाते हुए अपने मम्मों पर खींचने लगीं.

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