मैडम ने गर्लफ्रेंड बनकर मुझसे गांड चुत चुदवाई

मैंने उनकी ब्रा का एक कप हटाया और उनके एक निप्पल को अपने होंठों में भर कर चूसने लगा.
मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि मुझे थाली परोसी हुई मिलेगी.

मैं उनके दोनों मम्मों को मसलने लगा और उनकी दोनों चूचियों को बारी बारी से पीने लगा.

वो भी मुझे चूमे जा रही थीं. मैं भी उनके होंठ गाल आदि को चूमने लगा. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
गुलनिहाल जैसी कोमल लड़की मैंने इस हालत में पहली बार देखी थी.

मैं लगातार मैडम की चूची को खींच खींच कर पी रहा था और मैडम खुद अपने हाथ से अपने दूध पकड़ कर मुझसे चुसवा रही थीं.
उनकी मादक आवाजें लगातार निकल रही थीं.

फिर एकदम से मैंने उनकी चुत पर हाथ डाल दिया, तो वो बोलीं- नहीं, यहां पर नहीं.

मगर मैं कहां मानने वाला था. मैंने उनकी पैंटी में हाथ डाल ही दिया और उनकी गर्म चुत को मसलने लगा.
गुल की चुत किसी गर्म भट्टी की तरह तप रही थी.

कुछ पल बाद मैंने मैडम की पैंटी भी उतार दी. उनकी एकदम भभकती गर्म चुत अब पानी छोड़ने लगी थी. मेरा हाथ गीला हो गया था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैंने किसी उबलते गर्म पानी में अपना हाथ लगा दिया हो.

मैडम की चुत एकदम चिकनी थी चुत पर झांट का नामोनिशान नहीं था.

मैंने अब तक सिर्फ अन्तर्वासना की सेक्स कहानियों में ही पढ़ा था कि गोरी चुत होती है.
मैंने कभी भी इस बात पर भरोसा नहीं होता था कि किसी इन्डियन लड़की या महिला की चुत गोरी हो सकती थी.
हां ब्लू फिल्मों में विदेशी पोर्न ऐक्ट्रेसेज की चुत गोरी होती है, ये तो मैंने बहुत बार देखा था.

आज अपने सामने गुलनिहाल मैडम की एकदम दूध सी गोरी और बेदाग़ चुत देख कर दिमाग पागल हो गया था.

मैं मैडम की चुत में उंगली करने लगा. वो मोन करने लगीं और अपने दोनों हाथों से अपनी चादर पकड़ कर कुछ इठने सी लगीं.

मैंने आज तक किसी की चुत नहीं देखी थी, तो चोदने की बात दूर की थी.

ब्लू फिल्मों में चुत चुदाई, गांड चुदाई होती देखी थी, तो मैं सोचता था कि काश मुझे भी किसी की चुत गांड मारने को मिल जाए तो मैं भी करके देखूँ कि कैसा मजा आता है.

कुछ पल तक चुत में उंगली चलाने के बाद मैंने अपनी पूरी जीभ लंबी करते हुए बाहर निकाली और मैडम की चुत पर फेर दी.

वो एकदम से छटपटा उठीं और अगले ही पल उनका एक हाथ मेरे सर पर आ गया. वो मेरे सर को अपनी चुत पर दबाए जा रही थीं.

मैंने जीभ को मैडम की चुत में घुसा दी और चुत चाटने लगा.
मुझे खुद पर विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिन मैडम के मम्मों के नाम की मैं मुठ मारा करता था, आज उनकी चुत मेरी जीभ से चट रही है.

करीब डेढ़ से दो मिनट तक ही मैंने मैडम की चुत चाटी होगी कि मैडम मेरे सर को अपनी चुत पर दबाते हुए … और अपनी गांड उठाते हुए मेरे मुँह में झड़ गईं.
मैंने उनका सारा रस पी लिया.
चुत रस मैंने पहली बार पिया था, तो थोड़ा सा स्वाद कसैला, खट्टा और नमकीन सा स्वाद था.

मैं अपने मुँह को उनकी चुत पर लगाए रहा.
मैडम झटके देती हुई पूरी खल्लास हो गईं और ‘ओह्ह ओह्ह ..’ की सीत्कार भरते हुए निढाल हो कर बिस्तर पर ही ढेर हो गईं.

मैं मस्ती से अपनी जीभ से मैडम की चुत का एक एक कतरा चाट कर साफ़ करने में लगा हुआ था.

कुछ देर बाद मैडम ने आंखें खोलीं और मेरे सर पर हाथ फेरते हुए बोलीं- अब हटो … मुझे सुसु जाना है.

उनकी भावभंगिमा बदल गई थी और चेहरे पर एक गंभीरता आ गई थी.

मैं कुछ नहीं बोला, बस हट कर एक तरफ लेट गया.

मैडम ने चादर से अपने जिस्म को ढक लिया और बाथरूम में चली गईं.

कुछ देर बाद मैडम एक नाइटी पहन कर बाहर आ गईं.
उन्होंने मेरी तरफ देखा भी नहीं … बस सीधे ही पूछा- कुछ पियोगे?
मैंने कहा- हां.

मैडम बोलीं- क्या?
मैंने कहा- जो आपका मन करे.

मैडम ने सपाट शब्दों में पूछा कि व्हिस्की पीते हो?
मैंने हां में सर हिला दिया.

मैडम ने दो गिलास, पानी और नमकीन काजू सामने टेबल पर रखे और अल्मारी से व्हिस्की की बोतल निकाल आकर पैग बनाए.
फिर एक गिलास मुझे देते हुए वो बिस्तर के किनारे बैठ गईं.
चियर्स के बाद हम दोनों ने शराब का मजा लेना शुरू किया.

मैंने मैडम के साथ दो पैग खींचे और उसके बाद मैडम ने एक सिगरेट सुलगा ली. इस बीच हमारे बीच कोई बातचीत नहीं हुई.

कुछ देर बाद मुझे सुरूर चढ़ा तो मैंने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और एक ही झटके में उनकी नाइटी को उतार कर फेंक दिया.
मेरे सामने एक बार फिर से गुल मैडम नंगी हो गई थीं.

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