ऐसे बना चंद्रप्रकाश से चंदा रानी

मैं एक नई दुनिया में था. ऐसा लग रहा था जैसे मैं उनका गुलाम हो गया था. मैं जानता था कि मेरा लंड छोटा है, लेकिन मुझे यह नहीं मालूम था कि मेरे अंदर लड़की वाले गुण हैं. मैंने हां में सिर हिलाया.
उन्होंने मुझे उठाकर अपने सीने से लगा लिया, वो रोने लगे, सिसकते हुए बोले- देखा चांदनी! तुम्हारी लाश को विदा करते हुए मैंने कहा था न कि मैं तुम्हारा रास्ता देखूंगा और तुम आओगी. तुम आ गयी हो चांदनी. सिर्फ मेरी चांदनी … मेरी चंदा.

मैं सत्यम से लिपट गया, मुझे लग रहा था कि मैं उनकी वाइफ हूँ. मैं ही चांदनी हूँ. चंदा … चन्द्रप्रकाश को चंदा करना कितना सही है ना.

उस दिन सत्यम मुझे बाजार ले गये. बहुत सारी शॉपिंग करवाई. उसमें काजल, बिंदी, पावडर, ब्रा, पैन्टी और सलवार सूट भी थे. मेरे मोहल्ले तक मुझे छोड़ने भी आये.
जाते जाते उन्होंने पूछा- अब कब मिलेंगे चंदा?
मैंने इठलाते हुए कहा था- अगले रविवार आउंगी सत्यम. अब चंदा सिर्फ तुम्हारी है. और हाँ अब टिकट लेने की जरूरत नहीं है. मैं सीधे तुम्हारे घर आऊँगी. मेरा रास्ता देखना सत्यम!

चंद्रप्रकाश चंदा बन गये. शरीर वही मगर मन बदल गया था.

यह मेरी पहली गे स्टोरी है. और लिखूंगी.
आपको अच्छी लगी या नहीं, मेल करें.

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