बेटी बिस्तर पर और माँ चुदी यार से!

राज की 7 इंच का लंड देख ज्योति खुश हो गयी. ज्योति ने कहा की ये लंड है या काल नाग. राज ने कहा की मैंने कहा था ना की मेरे साप से बच के रहना आज ये मेरा साप तेरी चूत वाली बिल में घुसेगा. राज ने कहा तुम ने बोला था न की मुह मीठा कराओ तो अभी करता हूँ मुह मिठा.

ज्योति ने कहा क्या मतलब लंड से मुह मीठा कैसे कराओगे. राज ने जेब से चोकलेट निकाला और लंड पे लगा दिया. और बोल की लो अब तो मुह मीठा हो जायेगा मेरी जान बस इस लंड को चुसना शुरू कर दो. ज्योति ने कहा मैं लंड नहीं चूस सकती मुझे घिन्न आती है.

राज ने कहा चिंता मत करो सुबह होते होते सबसे ज्यादा स्वाद मेरे लंड में ही आयेगा ज्योति कुछ बोलती उससे पहले ही राज ने अपने नाग जैसे लंड को ज्योति के मुह में डाल दिया. और ज्योति के बाल पकड़ कर उसके मुह को चोदने लगा.

ज्योति पर भी मस्ती छाने लगी थी और ज्योति बहुत ही तेजी से राज के लण्ड को चूसने लगी. करीब 20 मिनट तक ज्योति राज के लंड को चुस्ती रही. एक हाथ से ज्योति राज का लंड पकड़ के चूस रही थी तो दुसरे हाथ से अपना चूत सहला रही थी. दोनों मस्ती में डूबे जा रहे थे. बीच बिच में ज्योति के चुचे भी राज दबाता और निप्पल भी चूसता. दोनों अब झड़ने वाले थे. राज ने ज्योति के मुह में लंड से पेलाई की स्पीड बढ़ा दी. पहले ज्योति का बदन अकड़ा और वो झड़ी.

उसके साथ ही राज के लंड ने विर्य की मोटी धार ज्योति के मुह में उड़ेल दिया. ज्योति ने लंड के एक एक बूंद पानी को चाट चाट के पि लिया. दोनों पसीने में दुबे हुए थे लेकिन दिनों के चेहरे पे एक संतुष्टि थी. दोनों एक दुसरे की बाँहों में प्यार और बासना का एह्साह कर रहे थे.

थोड़ी देर बाद ज्योति ने हाथ जोड़ते हुए कहा राज अब तो बहार चले जाओ मैं आती हूँ 5 मिनट में. जल्दी आना बोल के राज बाहर आ गया. ज्योति ने मुह पे पानी मारा और फिर बहार आयी. बिस्तर पे राज को पूरा नंगा देख ज्योति ने कहा ये क्या है. तो राज ने कहा की तुमने ही तो कहा था की जब तक स्वीटी जगी है तब तक के लिए कपडे पहन लो. अब स्वीटी सो गयी तो कपडे भी उतर गए. अब अपना कपडा तू खुद उतरोगी या मैं नंगी करू तुम्हे. हस्ते हुए ज्योति ने स्वीटी को देखा और फिर बनियान और हाफ पेंट उतर कर राज के बिस्तर पे आ गयी और एक दुसरे की बाँहों में खो गयी. राज ने कहा आज की रात का इंतजार कई दिन से था आज जम के पेलूंगा. ज्योति ने कहा तुम्हारे लंड के लिए तड़प रही हूँ आज प्यास बुझा दे.

नंगी ज्योति की टाँगे खोल के राज ने उसकी चूत पर चोकलेट लगाईं. और फिर अपनी जबान से वो चूत चाटने लगा. ज्योति के अन्दर की अन्तर्वासना भी बहार आ गई थी पूरी. बेटी साइड में बिस्तर में लेटी थी और वो किसी रंडी की तरह मस्तियाँ के कराह रही थी.

राज बुर को चूसते हुए एक हाथ से अपने लंड को हिला रहा था. फिर उसने ज्योति की तरह घूम के उसके साथ 69 पोजीशन बना ली. राज के लोडे को हिलाते हुए ज्योति ने उसे खूब चूसा. अभी कुछ देर पहले ही उसने वीर्य का खट्टा सवाद लिया था और अब वापस से लंड की मसकी स्मेल उसकी नाक में थी.

राज ने चूत के दाने के ऊपर जब जीभ घुमाई तो ज्योति के अन्दर जैसे आग ही लग गई. उसने अपने मुहं राज के लंड को बहार निकाल दिया और चद्दर को अपने हाथ से पकड़ के नोंचने लगी चूत के दाने के साथ साथ राज उसके चुदाई वाले छेद को भी अपनी जबान से घिस रहा था. ज्योति सातवें आस्मां पर थी और कराह रही थी बड़े ही मादक स्वर से.

ज्योति बोली, अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह जल्दीईईईईइ डालो अन्दरर्र्र्रर्र्र्रर!

राज उठा और उसने लंड पर लगी हुई चोकलेट को कपडे से साफ़ कर दी. फिर उसने लंड को तह से पकड़ के थोडा हिलाया. ज्योति ने अपनी दोनों टाँगे एकदम फाड़ के रख दी थी. राज का कडक लंड अब उसकी गुफा में था. और वो मादक सिसकियों के साथ चुदवा रही थी. बेटी साइड में पलंग में लेटी हुई थी और माँ ऐसे बिन्दास्त अपने यार का लंड ले रही थी!

दोस्तों उस रात राज ने ज्योति को 3 बार चोदा. सुबह में जब घर गया तो ज्योति के चहरे पर एक अलग ही ख़ुशी थी. और राज हमारे बेड पर अपनी दो टांगो के बिच में तकिया दबाये हे सोया हुआ था!

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