बहन की चुत चोद कर सेक्स का पहला अनुभव

तब मैंने थोड़ी सी हलचल की और उसकी चूत में अन्दर डाल कर अपनी उंगली चलाने लगा. वो कुछ नहीं कह रही थी, शायद उसे भी मजा आ रहा था. उसकी चूत कुछ गीली होने लगी थी.

उसने कहा- भैया अब बहुत गर्मी लग रही है.
मैंने कहा- हां.
तभी किस्मत ने मेरा साथ दिया और लाइट चली गई. तब और गर्मी बढ़ गई. उसने कहा- भैया मैं अपने कपड़े उतार लूं?
मैं खुश हो गया और कहा कि हां बिल्कुल..

उसने अपने कपड़े उतार दिए और सिर्फ ब्रा और नीचे चड्डी में सोने लगी. मैं उसके पेट पर हाथ फेरते हुए लेट गया. अब तक लाइट आ चुकी थी. फिर कुछ समय बाद मैं बाथरूम के लिए उठा और कमरे की लाइट जला दी.

वापस आते समय मैंने देखा कि वो कितनी खूबसूत लग रही थी. मैंने सोचा इतना अच्छा मौका मिला है और मैं बजाए इसे चोदने के, सो रहा हूँ.

तब मैंने लाइट फिर से ऑफ कर दी और अपने कपड़े उतार कर फिर से सोने चला गया. मैंने उसकी कमर से हाथ फेरते हुए उसकी ब्रा के ऊपर से उसके मम्मों को दबाने लगा. अभी मैंने जाना कि उसका फिगर 32-28-32 का था.

मैं उसके मम्मों को दबाता ही रहा. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मैं अपना हाथ नीचे ले गया और धीरे धीरे मैंने उसकी पैंटी को अलग कर दिया और उस पर अपनी उंगली फेरने लगा.

फिर मैंने अपने लंड को पीछे से सटा दिया और रगड़ने लगा.

मुझे लगा कि वो जाग रही है और वो कुछ नहीं कह रही थी, तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई. मैं चूत में उंगली करता रहा. तभी उसकी सिसकारी निकल गई.
मैं अब समझ गया कि इसे भी आज चुदाना है. मैंने उसे अपनी ओर मोड़ लिया. उसके होंठों को अपने होंठों से मिला दिया और चूसता रहा.

अब मैंने पीछे हाथ करके उसकी ब्रा का हुक खोल दिया. उसके चूचे भी आजाद हो गए थे. मैं उन्हें मुँह में लेकर चूसने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी.. और सिस्कारियां लेने लगी ‘आ आह आह..’

मेरा लंड पूरा तन गया था. मैंने उससे कहा कि मेरा लंड चूसो.
उसने साफ साफ मना कर दिया.. लेकिन मेरे बहुत जोर देने पर वो मान गई. मैंने उसके मुँह की तरफ लंड किया तो पहले उसने मेरे लंड को चूमा और फिर लंड चूसने लगी.

कुछ ही पलों बाद हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और एक दूसरे के गुप्तांगों को चूसने लगे. हम दोनों की चुदास भड़क उठी. उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि उसकी आग कैसे शान्त हो.

कुछ समय बाद मैं उठा और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा. दोनों तरफ आग हद से ज्यादा भड़क चुकी थी.

मैंने चूत की फांकों में सुपारा फंसाया और एक धक्का दे मारा. मेरा लंड फिसल गया. फिर मैंने एक और कोशिश की, तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया.
वो दर्द से चिल्लाने लगी- उई माँ मर गई.. निकालो इसे..

मैंने उसकी एक न सुनी और उसके होंठों को अपने होंठों से दबा दिया. मैं कुछ समय बिना हिले डुले शांत पड़ा रहा. जब वो चुप हुई तो मैंने धक्का मार दिया. इस बार लंड पूरा अन्दर घुस गया था. वो फिर से जल बिन मछली की तरह उछलने को हुई.. लेकिन मेरे नीचे दबी होने के कारण वो ज्यादा कुछ नहीं कर सकी. अब मैं लंड को आगे पीछे करने लगा. कुछ ही देर में फर्स्ट टाइम सेक्स का दर्द काफूर हो गया और उसे भी भी लंड का मजा आने लगा. अब वो मजे से उम्म्ह… अहह… हय… याह… करके चुदने लगी.

कुछ समय बाद कुछ गर्म सा अहसास होने लगा. मुझे पता चल गया कि उसकी चूत झड़ गई है.
मैं भी अपनी स्पीड बढ़ाता गया और कहा- माँ बनना है मेरे बच्चे की?
उसने कहा- नहीं.

तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मम्मों पे सब निकाल दिया.
कुछ देर बाद मैंने उसकी फिर से चुदाई की. उस रात मैंने उसे तीन बार चोदा.

अब जब भी हम अकेले मिलते हैं चुदाई हो जाती है. वो खुल कर चुदती है और कहती है कि अब तो मैं तेरी रांड हूँ जब चाहे चोद ले.
मैंने बहुत बार उसे चोदा है, कई सारे पोजीशन सिखाये है. अब हम दूर रहते हुए भी फ़ोन से सेक्स कर लेते हैं.

आपको मेरी बहन की चुत चोदने की कहानी कैसी लगी.. मुझे मेल कीजिये, आशा करता हूँ आपको ये कहानी अच्छी लगी हो.

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