भांजी की चुत चुसाई

घर जाकर देखा तो सारे लोग कहीं बाहर घूमने के लिए जा रहे थे, उनकी जल्दबाजी चल रही थी। उन्होंने मुझे भी चलने के लिए कहा, लेकिन मैने थका हुआ होने का बहाना मार दिया। प्रिया शायद किचन में थी, मैने किंचन में जाकर पानी पिया, और प्रिया से बातें करने लगा। तो पता चला कि, प्रिया भी सबके साथ घूमने जा रही है। तो मैंने उससे कहा, “क्या प्रिया, तुम इन के साथ पक जाओगी, तुम एक काम करो, तुम कोई बहाना मारकर रुक जाओ, मै तुम्हे कहीं और ले चलता हूं। वहां हम दोनों ही मजे करेंगे।”

इस बात पर वो भी मान गई और तबियत ठीक ना होने का बहाना बनाकर घर पर ही रुक गई। सब घरवालों के जाने के बाद, वो मेरे कमरे में आ गई और अचानक मुझसे पूछने लगी कि, “मामा जी आप सुबह क्या कर रहे थे?”
उसके मुंह से यह सब सुनकर मै तो चौंक गया। मुझे तो लगा था कि वह नींद में है। जब मै पूरी तरह से चुप हो गया तब जाकर वह मेरे पास आई और मेरे गले लग गई। मुझे कुछ समझ नही आ रहा था। तो वो बोलने लगी कि, “मामा जी मुझे भी सुबह बहुत मजा आया, इसलिए मै चुप होकर लेटी रही।”
यह बात सुनते ही मै खुश हो गया और फिर मैने भी उसे अपनी बाहों में भर लिया। और उससे कहा, “तो अब कहीं बाहर घूमने चले या घर मे अकेले होने का फायदा उठाया जाए?”
तो वो मेरा हाथ पकडकर मेरे पास बैठ गई।

पास बैठते ही मैने उसके सर को पकडकर थोडा सा नीचे झुका दिया और उसके होठों को चूमने लगा। उसके होंठ बहुत ही रसीले थे, सुबह तो मै प्रिया के उठने के डर से ठीक से चुम नही पाया था। लेकिन अब तो कोई डर नही था, तो पूरी तरह से खुलकर मै उसके होंठ चूसते हुए उसके बदन पर एप्ने हाथ घुमाने लगा था। अब उसने टॉप और जीन्स पहनी हुई थी। उसे चूमते हुए ही मैने उसका टॉप ऊपर उठा दिया और ब्रा के ऊपर से ही उसकी चुचियां मसलने लगा। अब उसे भी मजा आ रहा था, उसे देखकर लग रहा था कि, उसने अब तक किसी से भी अपनी चुत नही चुदवाई थी। प्रिया अब धीरे धीरे सिसकारियां भरने लगी थी।

मैने अब अधिक देर ना करते हुए उसका टॉप निकाल दिया और उसकी ब्रा का हूक भी खोल दिया। फिर जैसे ही मैने उसकी जीन्स उतारनी चाही, उसने मुझे रोकते हुए कहा, “मामाजी मै चुदने को राजी नही हूं, बाकी आप सब कुछ कर सकते हो।”
मैने भी उसे ठीक है कहते हुए उसके ऊपर आ गया। फिर उसके उरोजों को अपने मुंह में भरकर चूसने लगा। उसके मुंह से सिसकारियों की आवाज और भी बढती ही जा रही थी। मैने धीरे से अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी पैंट का बटन खोल दिया। और अब उसकी जीन्स को नीचे खिसकाकर उसके घुटने से नीचे कर दिया।

फिर उसने खुद ही अपनी पैंटी को नीचे किया और मेरे मुंह को अपनी जांघों के बीच दबाने लगी थी। मैने भी अपना मुंह सीधे उसकी चुत पर रख दिया और उसकी चुत चूसने लगा। उसकी चुत का रसपान करने में बडा ही मजा आ रहा था। प्रिया की चुत भी बहुत रसीली थी, जो अपना रस बहाते ही जा रही थी।

प्रिया भी पूरी मस्ती के साथ अपनी चुत मुझसे चुसवा रही थी। और इसी के साथ वो कुछ ही देर में जोर से मेरे मुंह मे ही झड गई। मै भी पूरे मजे के साथ उसका सारा रस गटक गया। इस तरह से मैने अपनी भांजी की चुत चुसाई की।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, कमेंट करके बताइए। धन्यवाद।

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