मेरी सेक्सी भान्जी को मेरे दोस्त ने चोदा

समीरा और आफरीन दोनों ही राहुल के साथ बैठी हुई थी. राहुल का लंड उसकी पैंट में खड़ा हो चुका था. आफरीन की गांड को छूकर उसमें आया हुआ तनाव अब तक गया नहीं था. ऊपर से अब समीरा की जवानी को देखकर उसके लंड का बुरा हाल होने लगा था.
आफरीन ने कहा- समीरा, तुम बाहर से आई हो थक गई होगी. कुछ खा लो. अगर किचन में जाओ तो राहुल मामा के लिए भी कुछ स्नैक्स वगैरह बना देना. वो पहली बार तेरे हाथ का स्वाद चखना चाहते हैं.

जबकि आफरीन भी जानती थी कि राहुल समीरा के हाथ का नहीं बल्कि उसकी चूत का स्वाद चखना चाहता था. उसकी नजरों से टपकती हुई हवस वो साफ देख सकती थी. मगर अभी वो समीरा को वहां से अंदर भेज कर खुद राहुल के मोटे लंड के मजे लेना चाहती थी.

समीरा बोली- ठीक है दीदी, मैं अपने और राहुल मामा के लिए किचन में जाकर कुछ स्नैक्स बना लेती हूं. तब तक आप राहुल मामा से बात कर लो नहीं तो वो बोर हो जायेंगे.

आफरीन समीरा की ओर देख कर मुस्करा दी. उसका रास्ता साफ था. वह राहुल के खड़े लंड को अपने हाथ में भरने के लिए बेताब थी. इसलिए समीरा के जाते ही वह राहुल की टांगों के बीच में जाकर नीचे जमीन पर बैठ गई. उसने राहुल की जिप को खोला और उसका मोटा लौड़ा बाहर निकाल लिया.

राहुल का तना हुआ लंड तो पहले से ही भूखा था. आफरीन ने राहुल का लंड अपने मुंह में ले लिया और उसको आंखें बंद करके मजे से चूसने लगी. राहुल ने आफरीन के सिर को पकड़ लिया और उसके मुंह को चोदने लगा और मजे में सिसकारने लगा- उम्म्ह… अहह… हय… याह…

फिर राहुल ने आफरीन की चूचियों को भींचना शुरू कर दिया. आफरीन समीरा के आने से पहले राहुल के लंड का स्वाद चख लेना चाहती थी. इसलिए उसने अपनी साड़ी ऊपर उठाते हुए पैंटी को नीचे सरका लिया और सोफे पर टांगें फैलाकर बैठे हुए राहुल के खड़े हुए लंड पर अपनी चूत को सेट करते हुए नीचे बैठती चली गई.

राहुल ने उसकी कमर को थाम लिया और पूरा लंड आफरीन की चूत में उतार दिया. जल्दी ही आफरीन राहुल के लंड पर उछलने लगी. सेक्स दोनों पर ही सवार था मगर मुंह से आवाज निकाल कर वो समीरा को दावत नहीं देना चाहती थी. इसलिए अंदर ही अंदर दबी हुई सिसकारियों के साथ राहुल के लम्बे और मोटे लंड से चुदते हुए मजा लेने लगी.

राहुल की हालत बहुत बुरी थी. आफरीन जैसी कमसिन लड़की की चूत में लंड को पेलते हुए वो ऐसे देख रहा था जैसे आज उसकी चूत को खा ही जायेगा. स्स्स … स्सस … ऊंह्ह … की बेहद हल्की सी आवाज दोनों के मुंह से निकल रही थी जो केवल उनके पास बैठा हुआ कोई शख्स ही सुन सकता था.

चुदते हुए आफरीन के चूचे उसके ब्लाउज में झूल रहे थे जिनको राहुल कैद से आजाद करके उनका रस पीना चाहता था. उसने आफरीन के ब्लाउज तक हाथ भी बढ़ाए मगर आफरीन ने उसके हाथों को रोकते हुए समीरा के आने के डर का इशारा कर दिया. इसलिए वो आफरीन के मस्त चूचों को अपने हाथों से दबाने में संतोष प्राप्त करने की कोशिश करने लगा.

आफरीन की चूत में राहुल का लंड तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था. चूंकि आफरीन हुस्न की मल्लिका थी इसलिए राहुल का लंड ज्यादा देर उसकी चूत की गर्मी के सामने टिक नहीं पाया और उसने उसकी चूत में अपना लावा उगल दिया.

राहुल ने धक्के देने बंद कर दिये तो आफरीन समझ गई कि राहुल का माल उसकी चूत में खाली हो चुका है. अपनी साड़ी को नीचे करते हुए वो उठकर दूसरी तरफ जा बैठी. अभी तक राहुल का लंड उसकी जिप के बाहर ही था जो धीरे-धीरे सिकुड़ते हुए अपने नॉर्मल आकार में आ रहा था. आफरीन अपने कपड़ों को दुरुस्त कर रही थी कि तभी पीछे से समीरा दबे पांव स्नैक्स की प्लेट हाथ में लिए उनकी तरफ आती हुई दिखाई दी.

राहुल का लंड उसकी जिप के बाहर लटका हुआ था. आफरीन ने राहुल को इशारा करने की कोशिश भी की कि वो अपने लंड को अपनी जिप के अंदर डाल ले मगर राहुल की आंखें अभी चूत चुदाई के नशे में बंद थीं और तब तक समीरा राहुल के करीब पहुंच चुकी थी.

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