ब्लू फिल्म के बहाने भाभी की चुदाई

अचानक भाभी ने फिर से वैसा ही किया तो इस बार मैंने सोचा कि जो होगा देखा जाएगा यार.. अब तो आर या पार..
बस ये सोच कर ही मैं भाभी पर टूट पड़ा और साइड से उनके मम्मों को दबाने लगा. साथ ही मैं उन्हें किस करने लगा.

इस पर भाभी नखरे दिखाने लगीं और बोलने लगीं कि ऐसा मत करो दीप.. ये गलत है.
पर वो मना करते समय भी मुझे अपने ऊपर खींच रही थीं. मैं जान गया था कि वो भी पूरी तरह से गर्म हैं और मज़ा करना चाहती हैं.
मैंने भाभी को बोला- भाभी अब मत रोको.

मैं उन्हें किस करने लगा और उनके मम्मों को दबाने लगा. अब वो भी मज़े लेने के लिए पूरी तैयार थीं. भाभी ने शर्म छोड़ दी और मेरी टी शर्ट निकाल दी. मैंने भी उनकी सलवार का नाड़ा खोल दिया. उन्होंने नीचे ब्लैक कलर की पैंटी पहनी हुई थी, जिसमें वो मस्त लग रही थीं.

आज मेरा सपना पूरा होने वाला था दोस्तो … मैं उनके कपड़े ऊपर से निकालने लगा, तो उन्होंने मना कर दिया. मैंने ज्यादा फ़ोर्स नहीं किया और उनकी पैंटी निकाल दी. इसके बाद मैंने उनकी दोनों टांगों को खोला तो पाया कि भाभी की चुत बिल्कुल चिकनी चमेली थी.

मैं पहले बार किसी की नंगी चुत को सामने से देख रहा था. क्या मुलायम चुत थी उनकी.. मुझसे रहा नहीं गया और भाभी की चुत को चूसने लगा. वो जोर जोर से ‘आह हूँ..’ कर रही थीं.

मेरे सर को भाभी अपनी चुत पर दबा रही थी. वे साथ में बोल रही थीं- खा जाओ मेरी चुत को दीप.. अह्हह्ह मैं बहुत प्यासी हूँ.. मेरी प्यास बुझा दो.. मैं बहुत दिनों से तुमसे प्यार करती हूँ, पर कभी कह ना पाई.
मुझे भाभी की इस बात से पता चला कि जिनको चोदने का मैं सपने रोज देखता था, वो तो खुद ही मुझ से चुदना चाहती थीं.

मैं उनकी चुत को चूसता रहा. वो भी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ करके मेरा पूरा साथ दे रही थीं. फिर उनका पानी निकल गया और मैं उनका सारा माल पी गया.
उसके बाद उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींचा और मुझसे ऐसे लिपट गईं.. जैसे कोई सांप चन्दन क़े पेड़ से लिपट जाता है.

उन्होंने मुझसे कहा- तुम तो खिलाड़ी लगते हो.. लगता है कि तुमने बहुत बार सेक्स किया है.. तुम्हारे भाई तो कभी मेरी चुत चूसते ही नहीं.. पर तुमने मुझे मज़ा दे दिया. आज से मैं तुम्हारी हुई. आई लव यू दीप.
मैंने भी उनको ‘आई लव यू टू भाभी..’ बोला.
तो वो बोलीं- आज से सिर्फ माया बुलाना मुझे.

यह बोल कर वो मुझे किस करने लगीं. मेरा लंड भी पैन्ट फाड़ कर निकलने को बेताब था. हम किस करते रहे और फिर मैं दोबारा से उनकी चुचियों को चूसने लगा और उनकी चुत में उंगली करने लगा. वो इससे फिर से गर्म हो गईं और बोलीं- अब जल्दी से डाल दो.. अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं होता.

मैंने भी भाभी को तड़पाना सही नहीं समझा और अपनी पैन्ट खोल कर नीचे कर दिया. फिर भाभी ने खुद ही मेरी अंडरवियर को निकाल दिया.
वो मेरा लंड देख कर बोलीं- इतना बड़ा और मोटा.. मेरी चुत तो फट जाएगी. तुम्हारे भाई का तो इससे तो आधा है.
मैंने कहा- भाभी कुछ नहीं होगा.. बस आप भी थोड़ा सा मेरा लंड मुँह में ले कर चूस लो.

पहले तो भाभी ने लंड चूसने से मना कर दिया. ये बोल कर कि उन्हें लंड चूसना पसंद नहीं है.
मैंने उनको ज्यादा फ़ोर्स नहीं किया. अब मैंने भाभी को सीधा लेटा दिया और उनकी दोनों टांगों की बीच में आ गया.

फिर भाभी की चुत और अपने लंड पर थूक लगाया और लंड अन्दर डालने लगा. पहली बार होने के कारण कभी मेरा लंड इधर.. तो कभी उधर फिसल जाता था. तो भाभी ने खुद ही मेरा लंड पकड़ कर अपनी चुत पर लगाया और धीरे धीरे डालने को बोला.

मैंने जोश में आकर एकदम से धक्का मार दिया. इस धक्के से मेरा आधा लंड भाभी की चुत में धंस गया.. जिस वजह से उनकी चीख निकल गई. भाभी दर्द से रोने लगीं. ये देख कर मैं डर गया कि पता नहीं क्या हुआ. क्यूंकि मेरा फर्स्ट टाइम था. मैं लंड डाल कर थम गया.

फिर भाभी ने कहा- मैंने धीरे डालने को बोला भी था.
मैंने उनको बताया कि पहले बार है मेरा इसलिए सॉरी भाभी.

इसके बाद भाभी ने रुकने को बोला और कुछ देर तक हम दोनों यूँ ही चूमते चाटते रहे. फिर भाभी सामान्य हुईं, तो मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा. अब वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं और नीचे से अपनी गांड उठा कर मेरे पूरे लंड को मज़े से अपनी चुत में ले रही थीं.

हम दोनों बस एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे. जब भी मेरा लंड अन्दर जाता, तो वो अपनी चुत से मेरे लंड को दबा देतीं. मुझे तो जन्नत का मज़ा आ रहा था. बस दिल कर रहा था कि ये पल कभी रुके ना.

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