दिल्ली में बॉडी से बॉडी मसाज का मजा

उसकी चोदन क्रिया देख कर मेरे मुंह से सिसकारी फूट पड़ी, कसम से इतना मजा मुझे चुदाई में कभी नहीं आया था जितना मजा मुझे नेहा मुझे ड़े रही थी. मैं गया था उसे चोदने … लेकिन उसने मुझे ही चोद दिया. मेरे लिंग पर बैठकर गांड ऊपर नीचे करने लगी और मैं नीचे लेटा हुआ उसके चूचे मसल कर मजा लेता रहा.

मैंने अपनी जिंदगी में बहुत चुदाई की है लेकिन नेहा जैसी चुदक्कड़ रंडी कभी नहीं देखी और ना मुझे मिली थी. इसके जैसी चुदक्कड़ बहुत कम ही मिलती है लेकिन जिसे मिलती है उसके लंड का भाग्य बदल जाता है.

फिर उसने कहा- यार आप भी तो कुछ करो!
तो मैं उसकी चूची चूसने लगा, उसके चूतड़ दबाने लगा और वह अपनी गांड उठा उठाकर लंड पर पटकने लगी. पूरा कमरा हम दोनों की हवस भरी आवाजों से गूंज उठा ‘आ आ आ ई ई ई उ उ उ थोड़ा जोर जोर से चोद ए!

20 मिनट चुदाई करने के बाद कम से कम दो बार उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था लेकिन मेरा अभी नहीं गिरा था. फिर मैं उसके ऊपर आ गया और 10 से 15 मिनट मैंने भी उसकी चूत में लंड डालकर चोदना शुरू किया. 5 मिनट बाद मैंने उसके दोनों पैर हवा में उठा कर धक्का मारना शुरू किया और वह चिल्लाने लगी- आ आ उम्म्ह… अहह… हय… याह… उ उ उ!

फिर मैंने नेहा को घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया, उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी, मेरा लंड पूरी तरह से उसकी चूत के अंदर बाहर पानी से भीग चुका था और उसकी चूत का पानी जांघों तक आ चुका था.

मैंने जमकर उसकी चुदाई की, तब जाकर कहीं मेरा माल गिरा.
उसने कहा- बहुत अच्छी चुदाई करते हो… और काफी देर तक तुमने किया!

फिर कंडोम निकालकर वह मसाज करने लगी. उस दौरान हम दोनों ने एक दूसरे से बात करना शुरू किया. उससे मैंने पूछा- क्या तुम होटल में भी सर्विस दे सकती हो?
तो उसने कहा- नहीं, मैं केवल दिन में सर्विस देती हूं.
मैंने कहा- क्यों?
तो उसने बताया- मैं शादीशुदा हूं और मेरी एक बिटिया भी है, अगर रात को मैं बाहर रहूंगी तो मेरे पति को मुझ पर शक हो जाएगा.

फिर उसने मेरे बारे में पूछा तो मैंने बताया- मैं गोरखपुर से हूं और अक्सर दिल्ली आता जाता रहता हूं.
उसने कहा- जब भी आना मुझसे मिलना जरूर!
और हम दोनों ने एक दूसरे का नंबर एक लिया.

उसके बाद मैंने उससे पूछा- तुम्हें चुदाई पसंद है या मजबूरी में करती हो?
उसने बताया- दिल्ली में रहना इतना आसान नहीं होता है, उसके लिए पैसों की जरूरत ज्यादा होती है. रही चुदाई की बात… तो चुदाई किसको नहीं पसंद है, चाहे वह आदमी हो या औरत!

उसकी बातें सुनकर मेरा लंड फिर तैयार हो गया, मैं फिर खड़ा हो गया तो उसने कहा- अभी और चूत चोदने के लिए चाहिए क्या?
मैंने कहा- लग तो ऐसा ही रहा है!
उसने कहा- कंडोम तो एक ही था, पार्लर वाले ही देते हैं, अब कैसे होगा?
तो मैंने कहा- मुझे कंडोम में मजा नहीं आता लेकिन मजबूरी है!
उसने कहा- बिना कंडोम के ही कर लो लेकिन अलग से पैसे देने पड़ेंगे!
आगे उसने कहा- लेकिन अपना माल समय से बाहर निकाल देना… नहीं तो तुम गोरखपुर में रहोगे मैं तुम्हारे बच्चों को यहां खिलाऊंगी!
तो मैंने उसे ₹1000 और दिया और बिना कंडोम के उसकी चुदाई करने लगा.

मैंने कहा- तुम्हारे साथ क्या क्या कर सकता हूं?
तो उसने कहा- लिप किस, गांड में… पर लंड नहीं चूसूँगी. बाकी सब जैसा चाहो कर लो!

फिर मैंने उसकी चूची को खूब दबाया और चूसा, जमकर उसकी चुदाई की.
इसके बाद मैंने उसको नीचे उतार कर मेज पकड़कर खड़ा कर दिया और पीछे से उसकी चूत चोदने लगा और वह मस्त होकर मुझसे चुदने लगी.
इस चुदाई में मुझे बहुत मजा आया. इतनी कामुक रंडी या कॉल गर्ल पहली बार मिली थी जिसे जितना चोदो मन नहीं भरता था. ऐसी मस्त चुदाई जितनी बार करने को मिले कम है.

हमारी अभी भी वाटसएप पर चैटिंग होती है.

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