भूत का डर दिखाकर चाची की चूत मारी

2 मिनट बाद ही चाची की आँख खुल गयी।
“राज!!! तू ये सब क्या कर रहा है? तेरे चाचा से शिकायत करूंगी.” चाची बोली.
मैं अपने शरीर में आत्मा घुसने की एक्टिंग करने लगा। मैं उठकर बैठ गया और घूरकर उनको देखने लगा।

“निकिता की बच्ची!! मैं एक बड़ी बुरी और दुष्ट आत्मा हूँ। तेरे घर के बगल में जो औरत छत से कूदकर मरी है, उसे मैंने ही सुसाईड करने को मजबूर किया था। सीधे सीधे आज मुझे अपना सेक्सी जिस्म चोदने को दे दे वरना मैं तेरे शरीर में घुस जाऊँगी और तेरा भी वही हाल होगा!!” मैंने भूत की तरह सीधा चाची की आँख में देखते हुए कहा।

मैं खामोश हो गया और चाची को एकटक घूरने लगा तो मैं काफी डरावना लग रहा था।

चाची की गांड फट गयी- आ अ अ अ ओह्ह्ह भूत जी!! प्लीज मेरे साथ ऐसा वैसा कुछ मत करना। मुझे जान से मत मारना। मैं मरना नहीं चाहती हूँ। आप जो कहोगे मैं वैसा करूंगी.”
चाची कांपते हाथों को जोड़कर बोली- आप मुझे चोदना चाहते हो तो चोद लो पर प्लीज मुझे जान से मत मारना!!
चाची हांफती हुई बोली.

“तेरे भतीजे राज के जिस्म में मैं घुस गया हूँ। उसी के जरिये मैं तुझे पूरी रात चोदूंगा। पर अगर तूने ये बात किसी से कही तो मैं फिर से वापिस आ जाऊँगा और तुझे छत से धक्का देकर मार दूंगा.” मैंने भूत की सी भारी आवाज बनाकर कहा.
चाची ने तो हथियार डाल दिए, वो सह मान बैठी कि मेरे अंदर कोई भूत आ गया है।

“चलो अपने दोनों पैर खोलो!!” मैंने फिर भूत की आवाज में कहा.

चाची ने कांपते हुए अपने पैर खोल दिए। वो बड़ी डरपोक थी, सब कुछ सच मान बैठी।
मैंने खुद अपने हाथ से उनकी पेंटी उतार दी, उन्होंने पैर खोल दिए, मैं चाची की चूत के सामने आकर बैठ गया।
उह्ह्ह!! कितनी चिकनी और सुंदर चूत थी … बिल्कुल साफ़ … एक भी झांट नहीं!

मैंने उंगली मुंह में डालकर गीली की और चूत में घुसा दी, फिर अंदर बाहर करने लगा, फिर जल्दी जल्दी फेंटने लगा।
निकिता चाची ‘ओहह्ह … ओह्ह्ह्ह … अह्ह ह्हह… अई..अई …. अई… उउउऊह…’ करने लगी।

मैं जल्दी जल्दी चूत फेंटने लगा, उंगली खूब अंदर बाहर करके मजा लेने लगा। चाची की कामुकता भारी चीखें निकालने लगी। मुझे मजा आने लगा, मैं और जल्दी जल्दी चूत फेंटने लगा।

मैं झुक कर लेट गया और एक हाथ से चूत में उंगली कर रहा था और मुंह लगाकर चूत चाट रहा था। मेरा मुंह चाची की चूत पर था, उनकी चूत के होंठ सुर्ख लाल थे, मैं मुंह में लेकर चूसने लगा। धीरे धीरे उनकी चूत का रस बाहर निकलने लगा। मैं जल्दी जल्दी चाटने लगा।

उधर निकिता चाची भी गर्म हो चुकी थी, बार बार “आआअह्ह ह्हह … ईईईई … ओह्ह्ह … अई..अई..अई … अई..मम्मी …” की सेक्सी आवाजें निकाल रही थी।
उनको जोश में आता देखकर मुझे और अच्छा लगा, मैं और मेहनत से चूत चाटने लगा।

चाचा ने चाची की चूत चोद चोदकर छेद को बहुत चौड़ा कर दिया था इसलिए आराम से मेरी उंगली अंदर बाहर सरक रही थी।
अब मैं 2-2 उंगली चूत में घुसाने लगा। उनको अब और मजा आने लगा।

15 मिनट तक मैंने निकिता चाची की फुद्दी में उंगली की। फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया, अपना अंडरवियर भी मैंने उतार दिया। मेरा लंड काफी लम्बा और मोटा किसी सांड की तरह था।

मैं बिस्तर पर लेट गया।
“निकिता की बच्ची!! नाईटी उतारकर नंगी हो जा और लौड़ा चूस मेरा!!” मैंने धमकाते हुए भूत की आवाज में कहा.
“पर भूत जी!! मुझे ये काम बिल्कुल नहीं पसंद है। प्लीज!! ऐसा मत करवाओ.” चाची बोली और उन्होंने काली नाईटी उतार दी।
अब वो बड़ी जबरदस्त माल दिख रही थी.

“चुपचाप चूस मेरा लौड़ा … वरना कल तेरी लाश पड़ोस वालों को मिल जाएगी!” मैंने फिर भूत की नकल करके कहा.
वो डरते डरते मेरे पास आ गयी, मेरा लंड पकड़कर हाथ से फेंटने लगी, फिर मुंह में लेकर चूसने लगी। उनका मन तो नहीं था पर डर के मारे सब कर रही थी। मुझे बहुत आनन्द आ रहा था। अगर भूत का बहाना नहीं बनाता तो कभी उनकी मलाई जैसी चूत चोदने को नहीं मिलती।

धीरे धीरे वो मान गयी और बिना कोई बहाना किये चाची मेरा लंड चूसने लगी। उनको भी अच्छा लगने लगा, वो मेरी गोलियों को हाथ से दबा रही थी और जीभ से चाट रही थी। मेरे लंड के छेद से बार बार रस निकल जाता था, वो उसे मुंह में लेकर चाट जाती थी। उनको भी आनंद आने लगा, वो जल्दी जल्दी मेरा मोटा खीरे जैसा लंड फेंटने लगी जोर जोर से ऊपर नीचे हाथ चलाकर फेंट रही थी। मुझे भी आनंद आया। मैं दोनों हाथ पैर खोलकर नंगा होकर लेटा था।

“चल निकिता की बच्ची!! पैर खोल अपने!!” मैंने कहा.

चाची लेट गयी, पैर खोल दिए। मैंने अपना मोटा पहलवान लंड चूत पर रख दिया और अंदर दबाने लगा। धीरे धीरे लंड पूरा अंदर घुस गया। फिर मैं चाची की चुत चुदाई करने लगा।
चाची ‘मम्मी… मम्मी … सी सी सी सी.. हा हा हा … ऊऊऊ … ऊँ…ऊँ…ऊँ… उनहूँ उनहूँ…’ करने लगी। मैं तो स्वर्ग में पहुँच गया था। आज चाची के चिकने जिस्म को भोगने का सुख मिल रहा था। मैं जल्दी जल्दी धक्के देने लगा। चाची चुदने लगी। मैंने उनको अपनी बांहों में लपेट लिया और उनके होंठों को मुंह में भर लिया और गरमागर्म चुम्बन करने लगा, चुम्बन के साथ चुदाई करने लगा।

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