चुदक्कड़ भाभी सेक्स स्टोरी

उनकी गरम बातें सुनकर मेरा रॉकेट भी खड़ा हो गया, मुझे चुदाई की बातें सुनने में मजा आ रहा था. मैं दरवाज़े के और पास हो गया और मैंने उनकी बातें रिकॉर्ड कर लीं.

जैसे ही मुझे लगा कि उनका खेल हो गया है, मैं घर के बाहर निकल गया और अपने घर से देखने लगा. जैसे ही वो आदमी बाहर आया, मैं भी झट से अपने घर से बाहर आ गया. मुझे देख कर भाभी फिर से डर गईं.

मैं- हाय भाभी कैसी हो?
भाभी डरते हुए बोलीं- ठीक हूँ.
मैं- भाभी, अभी कोई गेस्ट था?

मेरे सवाल से उनके पसीने छूटने लगे.
भाभी- हां, वो उनका दोस्त था. घर पर कुछ ऑफिस की फाइल लेने आया था.
मैं- ओह.. मैंने देखा है, वो काफी आता है.

भाभी मेरी बात सुन कर और भी डर गईं.
मैं- क्या हुआ भाभी?
भाभी- कुछ नहीं हुआ.. तुम मेरे घर में आओ.. मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.

मैं सीधा भाभी के पीछे उनके चला गया.

भाभी- तुम यह बात प्लीज किसी को मत बताना कि वो यहाँ आया था. वो सिर्फ मेरा अच्छा दोस्त है.
मैं- कितना अच्छा दोस्त है भाभी.. मैं जानता हूँ.

ये कह कर मैंने रिकॉर्डिंग चालू कर दी, जिसमें भाभी की चुदाई की आवाजें आ रही थीं.
भाभी तो जैसे जम के रह गईं. वो मेरी तरफ एकटक देख रही थीं.
भाभी- यह क्या है?
मैं- आपकी ही आवाज़ है.. आप सुनो.. क्या कह रही हैं, आप बेहतर समझ सकती हैं.

भाभी सीधे बोलीं- तुम यह मुझे सुना कर क्या चाहते हो?
मैं भी सीधे मूड में आ कर बोल उठा- मैं कुछ नहीं चाहता.. बस आपको चोदना चाहता हूँ.
भाभी- क्या बकवास कर रहे हो?
मैं- ओहो.. ये तेवर.. कोई बात नहीं भाभी, मैं चलता हूँ.
भाभी- रुको.. रुको.. तुम ऐसे क्यों कर रहे हो और क्या चाहिए तुम्हें?
मैं- मुझे वही सब चाहिए, जो आपने उस आदमी को दिया है. मैं यह किसी को नहीं बताऊंगा. विश्वास रखिए, आपको कमी नहीं होने दूँगा.

मेरी ये बात सुनकर भाभी सोच में पड़ गईं और थोड़ी देर सोचने बाद बोलीं- ठीक है, लेकिन किसी को इस बात का पता नहीं चलना चाहिए.
मैं- ठीक है भाभी. अभी आप यहां मेरे बाजू में बैठो.

भाभी पास आ कर बैठ गईं.
मैं- भाभी आपको मुझे खूब मज़ा देना होगा.. क्योंकि यह मेरा पहली बार है.
भाभी ने जैसे ही ये जाना कि मैं लंड से कुंवारा हूँ तो वे जरा खिल सी गईं और बोलीं- ठीक है.. मैं भी आज तुझे जन्नत की सैर कराऊंगी.

यह कहकर भाभी ने मेरी टी-शर्ट उतार दी. जैसे ही भाभी ने मेरे बदन पर हाथ फेरना शुरू किया, मैं तो जैसे पागल हो गया. मेरे बदन में करंट दौड़ गया. मैंने भी भाभी के चूचे दबाने शुरू कर दिए. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैंने भाभी की ब्रा उतार दी और जोर जोर से उनके ठोस दूध दबाने लगा. भाभी भी आहें भरने लगीं.

थोड़ी देर बाद मैंने अपनी जींस और अंडरवियर उतार दिए और अपने नंगे लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगा.
भाभी ने मेरे मूसल लंड देखा तो एक बार तो उनके चेहरे पर घबराहट सी आ गई- यह तो बहुत बड़ा है. इतना बड़ा मैं नहीं सह पाऊंगी.
मैं- भाभी कुछ नहीं होगा.
यह कहते हुए मैंने अपना लंड भाभी के हाथ में दे दिया. भाभी मेरे लंड को मुट्ठी में पकड़ कर हिलाने लगीं.

थोड़ी देर बाद मैं लंड भाभी के मुँह के सामने ले गया.. वो समझ गईं. भाभी लंड को देखते हुए मुझसे कहने लगीं- देखो मैं यह नहीं करने वाली … मैंने आज तक नहीं किया.
मैं जरा गुस्सा हो गया और बोला- ठीक है.. फिर तुम्हारे पति के पास ही जाता हूँ.
यह सुन कर भाभी डर गईं और बोलीं- ठीक है.. मैं करती हूँ.

यह कह कर भाभी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं. मैं तो सातवें आसमान पर था. कुछ ही पल बाद मैंने जोर से झटका मारा और पूरा लंड भाभी के मुँह में ठूंस दिया. अब भाभी साँस नहीं ले पा रही थीं. उनके मुँह से ‘गूं.. गूं..’ की आवाज निकल रही थी. थोड़ी देर में मैं भाभी के मुँह में ही झड़ गया और उनको अपना सारा पानी पिला दिया.

भाभी के लंड चूसने के अंदाज से मैं समझ गया कि भाभी पुरानी चुसक्कड़ हैं, बस जरा नखरे कर रही थीं. वे मेरे लंड को पानी को चाट चाट कर पी गईं. भाभी लंड रस पीने के बाद चटखारा लेते हुए मेरी तरफ देख कर कहने लगीं- सच में तुम्हारे साथ तो बहुत मज़ा आ गया. इतना मजा तो मुझे अभी तक कभी नहीं आया.
मैं- अभी और मजा आने वाला है मेरी जान.

यह कह कर मैंने फिर से अपना लंड भाभी के मुँह में दे दिया और वो फिर से लंड चूसने लगीं. थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से तन कर तैयार हो गया.

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