कॉलेज के सीनियर से पहली चुदाई

अमित- नेहा, आज रात मेरे फ्लैट पर चलो न … तुम्हें जन्नत की फीलिंग दिलवाऊंगा।
मैं- रजनी भी न है साथ में!
अमित- उसे राहुल अपने फ्लैट पर ले जाएगा।

मैं उससे अलग हो गई और अपने कपड़े ठीक करने लगी. तभी सिनेमा हॉल की लाइट जल गई. मैंने फोन में देखा रजनी का मैसेज स्क्रीन पर दिखाई दे रहा था.
रजनी- नेहा, आज बहुत मन कर रहा है राहुल के साथ. तो मैं जा रही हूँ।
मैं- अच्छा मेरी बन्नो, जा ले मज़े उसके लन्ड के और अच्छे से जाना।
रजनी- तू भी ले ले मज़े आज अमित के।

तभी अमित ने मुझसे चलने के लिए कहा और हम बाहर आ गए।
अमित- राहुल और रजनी तो गए।
मैं -हाँ।
अमित- तो हम भी चलते हैं …

मैं उसकी तरफ देखकर मुस्कराई और उसकी बाइक पर बैठ गई। अमित पूरी स्पीड से बाइक चलाने लगा और जल्दी ही हम एक अपार्टमेंट में जा पहुंचे. उसने बाइक रोकी और हम अंदर घुस गए.
अमित- आओ चलो, सेकेण्ड फ्लोर पर मेरा फ्लैट है।

मैं उसके पीछे चल दी. हम जैसे ही फ्लैट में दाख़िल हुए अमित ने गेट लॉक कर दिया और मुझे गोद में उठा लिया.
मैं- अमित क्या कर रहे हो?

बेडरूम में लाकर अमित ने मुझे पटक दिया और मेरे ऊपर आकर चढ़ गया. अमित अब मेरे होंठों को अपने होंठों में भरकर दमदार तरीके से चूमने लगा जिससे मैं भी उसकी दीवानी होने लगी और उसके होंठों को हल्का सा काट लिया मैंने. वह मुस्कराया और अपने कपड़े निकाल कर मेरे ऊपर आ गया. उसने अपने होंठों को मेरी गर्दन पर रखा और मेरी एक चूची को दबा दिया जिससे मैं और ज्यादा मदहोश होने लगी.

अमित ने मेरे भी कपड़े निकाल दिये थे और हम 69 की पॉजीशन में आ गए. अमित का बड़ा लण्ड अब मेरे सामने था, जिसे मैं अपने मुंह मे लेकर चूसे जा रही थी और वो भी मेरी चूत को ऐसे चूसने में लगा हुआ था कि खा ही जाएगा। उसकी चुसाई से आनंदित होकर मैं उसके मुंह में जल्दी ही झड़ गई और उस रस को वो साथ-साथ पी भी गया. फिर उसने मुझे सीधा कर दिया.

अमित- नेहा, तुम्हारा जिस्म बहुत मस्त है यार … मैं आज पूरी रात तुम्हें चोदना चाहता हूँ।
मैं- मैं तो तुम्हारी ही हूँ जान … आज पूरी रात के लिए.

अब उसने मेरी चूची को मुंह में ले लिया और हल्के से काटने लगा. मुझे हल्के दर्द के साथ मज़ा भी आ रहा था. इसलिए मैं भी मस्ती में आकर उसके लंड को सहलाने लगी.
अमित- नेहा, अब घोड़ी बन जा, अब रहा नहीं जाता.

मैं घोड़ी बन गई और अमित ने पीछे से मेरी गांड को पकड़ कर मारा जिससे मैं और ज्यादा उत्तेजित हो गई. अब वह अपने लण्ड को मेरी गांड और चूत की जगह रगड़ने लगा. मैं तो जैसे उसका लंड लेने के लिए मरी जा रही थी अब.
मैं- अमित अब बर्दाश्त नहीं हो रहा … प्लीज़, डाल दो न!
अमित- क्या डाल दूँ मेरी जान?
मैं- अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दो.

मेरे इतना बोलते ही उसने एक धक्का मारा जिससे उसका लण्ड मेरी चूत को चीरते हुए अंदर चला गया.
मैं- अमित निकालो … बहुत दर्द हो रहा है!

अमित कुछ देर के लिए रुका और मेरा दर्द कम होने लगा. मैं अपनी चूत को थोड़ा एडजस्ट करने के बाद सहज हो गई. अमित भी समझ गया कि अब मैं उसका लंड फिर से लेने के लिए तैयार हूँ और उसने फिर से लंड को चूत के मुख पर रखकर एक धक्का मार दिया. अबकी बार उसका धक्का काफी ज़ोरदार था जिससे लंड पूरा मेरी चूत में समा गया और मुझे मज़ा आने लगा. अब अमित ने मेरी ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी और पूरे कमरे में कामुक सिसकारियाँ गूंजने लगीं. हम दोनों ही चुदाई का मज़ा लेने लगे थे.

अमित- चल सीधी हो जा मेरी जान.

मुझे अमित ने सीधा किया और चूत में फिर से लंड को पेल दिया. साथ ही साथ वह मेरे बूब्स को भी मसल रहा था. उसकी इस मस्त चुदाई से मैं जल्दी ही आनंद में मस्त हो गई और अपने चरम पर पहुंच गई.
मैं- आह … अमित!
मेरे मुंह से कामुक आवाज़ निकली और उस आवाज़ के साथ मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया. अमित के धक्के अब पहले से ज्यादा तेज़ हो गए थे और मेरी कामुक चीखें पूरे कमरे में गूंज उठीं.
मैं- अह्ह … अमित अह्ह!

फिर उसने अचानक से मेरी चूची को मुंह में ले लिया और झटके मारते हुए उसका माल मेरी चूत में गिरने लगा.
अमित- अह्ह … नेहा, बहुत टाइट माल हो तुम मज़ा आ गया … उम्म …

उसने मुझे चूमा और हल्के से मेरी चूची को मसल दिया. फिर हम वैसे ही सो गए.

सुबह में फिर से एक बार मस्ती भरी चुदाई हुई और मैं फिर हॉस्टल में वापस चली गई.

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