कॉलेज टीचर ने मुझसे अपनी चूत की प्यास बुझवायी

अब तक कंचन मैम एक बार और झड़ चुकी थीं. मैंने कंचन मैम से कहा- मैम मेरा होने वाला है … कहां डालूँ?
मैम ने कहा- अन्दर ही डाल दो … मैं बाद में दवाई ले लूँगी.

फिर चार पाँच धक्के लगाने के बाद मैंने उन्हें कसके जकड़ लिया. कंचन मैम दुबारा अकड़ने लगीं और उन्होंने भी मुझे कसके पकड़ लिया. मैम ने उत्तेजना में मेरी पीठ पर नाख़ून चुभो दिए. इतने में हम दोनों एक साथ फ्री हो गए और हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे से चिपक कर लेटे रहे.

वो मुझे चूमते हुए बोलीं- आज दो साल बाद मुझे शान्ति हुई … सच में मज़ा आ गया.
कुछ देर यूं ही लेटे रहने के बाद हमने टाइम देखा तो बारह बज चुके थे.

चुदास भड़कने लगी तो हम दोनों ने एक राउंड और लगाया. फिर थकान के चलते कब हम दोनों को नींद आ गयी, पता ही नहीं चला. रात को मुझे कुछ महसूस हुआ तो मेरी आंख खुल गई. ये महसूस हुआ कि कोई मेरा लंड सहला रहा है. मैंने लगा उठ कर देखा, तो कंचन मैम ने फिर से मेरा लंड मुँह में ले लिया था और वो लंड चूसने में लगी थीं.

सीन देखा तो मेरा लंड भी सलामी देने लगा. मैंने कंचन से कहा- मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.
पहले तो उन्होंने मना कर दिया. मैम ने बोला- मैंने पहले कभी गांड नहीं मरवाई है.

पर मेरे ज़ोर देने पर मैम गांड मराने के लिए मान गयी. मैम ने बोला- पहले कुछ चिकनाई लगा लो.

मैंने पास में पास पड़ी कोल्ड क्रीम उठा ली और थोड़ी क्रीम उनकी गांड पर लगा दी, थोड़ी मैंने अपने लंड पर भी लगायी. फिर मैंने लंड को मैम की गांड पर रखा और ज़ोर लगा दिया. पर लंड फिसल गया. तो मैंने दुबारा और क्रीम लगा कर एक झटका मारा, तो टोपा अन्दर घुस गया.

अभी टोपा ही अन्दर गया था कि मैम चिल्लाने लगीं और उनकी आंख से आंसू आने लगे. मैम दर्द से कराहते हुए बोलीं- लंड बाहर निकालो … नहीं तो मैं मर जाऊँगी.

मैं थोड़ा रुक गया. फिर दुबारा थोड़ा तेल डाला और ज़ोर लगाया तो मेरा पूरा लंड मैम की गांड में अन्दर चला गया. मैम को अभी भी दर्द हो रहा था. पर थोड़ी देर बाद उन्हें भी मज़ा आने लगा और वो भी गांड उछाल कर मेरा साथ देने लगीं.

कुछ देर मैम की गांड मारने के बाद मेरा काम होने वाला था, तो मैं उनकी गांड में ही झड़ गया.
फिर हम दोनों को कब नींद आ गयी, पता ही नहीं चला.

यह थी मेरी सेक्स कहानी … आपको कैसी लगी, मुझे मेल करके ज़रूर बताना.

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