दीदी को हिला डाला

करीबन आधा घंटा चुदाई के बाद मेरा लंड बोहत तन गया और मैं दीदी को घुमा कर दीदी के मूह खोलने को कहा और दीदी के मूह मे माल निकाल दिया जिससे दीदी के मूह के विटार भर गयी थी और थोड़ी दीदी के चेहरे पे भी मारा दीदी माल को सारा पी गयी और मैं लंड पोछ के बेड पे सो गया और दीदी अपने गॅंड के छेद को एक छोटा सा कपड़े से पोछ कर कपड़ा फेक दिया और बाथरूम चली गयी तब दोपहर 3 बज रहे थे

बाबू स्कूल से आया और बोला अरे मामा आप कब आए और मा कहा है मैं बोला तेरी मा नहा रही है चल तू भी नहाले और तब तक दीदी आई दीदी थोड़ी सूज सी गयी थी क्यू ना हो जोरदार चुदाई जो हुई थी दीदी हल्की आवाज़ मे बोली चल खाना लगाती हू ख़ाले मेरा बदन टूट रहा है खाना ख़ाके सोना है बाबू भी रेडी हो गया तीनो खाना खा रहे थे तो मैं दीदी को ऐसे चिपक चिपक के बात कर रहा था और थोड़ी सी दीदी को पकड़ रहा था तो दीदी मुझसे दूर दूर हट रही थी जब दीदी फिर किचन मे गयी तो मैं दीदी को पीछे से प्यार से पकड़ा तो दीदी भी बिल्कुल अपनी पति जैसे मुझसे भी बोली आहिस्ते से तुम्हे मेरे चेद को बोहत चौड़ा कर दिया चेद फट गया है इतनी बेरहमी से कोई चोदता है हा मैं इतनी सुंदर लगती हू तुम्हे हुम्म

मैं बोला दीदी मैं तुमसे बोहत प्यार करता हू तेरे रंग रूप नें नक्स सब अछा है रे काश मैं तेरा पति होता दीदी बोली तो मैं तो अब तेरी पत्नी ही बन गयी हू जब चाहे मेरे पास चला आना मैं भी तुझे बोहत प्यार दूँगी मैने कहा तो चलो फिर शादी कर लेते है दीदी बोली नही समाज क्या कहेगा और तेरा भांजा भी बड़ा हो रहा है सब समझता है वो क्या खहेगा फिर मैं थोड़ा उदास हो गया तो दीदी बोली पागल तू जब चाहे मुझे आके चोदना ठीक है और वैसे भी मेरे घर मे तो कोई है नही जब मर्ज़ी आ जाना तेरे जीजाजी के जाने के बाद आज पहली बार मैं खुश हुई हू तू और किसी के चक्कर मे मत पड़ना सिर्फ़ और सिर्फ़ अपनी दीदी को प्यार देना और जी भर कर चोदना

मैं बोली दीदी पर आज तूने अपने पेट मे बच्चा ठहरने नही दिया पर मैं तेरे पेट मे बच्चा लाना चाहता हू दीदी बोली चल पागल वो बाद मे सोचेंगे पहले तू सोजा थोड़ा थक गया होगा और मैं सो गया दीदी भी बाबू को लेके सोने चली गयी और 4.00 4.30 बजे जब थोडा अंधेरा हुआ तो बाबू सो रहा था पता नही दीदी को क्या हुआ वो मेरे कमरे मे आई और मैं तो सो नही रहा था यही सोच रहा था की क्या हो गया आज यार ज़िंदेगी मिल गयी दीदी आई और मुझे देखा और जाके दरवाज़ा बंद करके आई

और बोली तू मुझे बच्चा देना चाहता है ना चोद मुझे मेरे भाई और अपनी कपड़े उतारने लगी और देखते ही देखते साड़ी पेटिकोट ब्लाउस खोलके नंगी हो गयी और मुझे लिपट गयी और पता नही दीदी पागलो की तरह मुझे चूम रही थी घिस रही थी और बोल रही थी भाई चोद मुझे मा आज हाइईइ हाइईइ उम्म्म मैं भी देर नही किया नंगी दीदी को लेके पटक दिया और पैर को चौड़ा करके दीदी के चुत मे मेरा लॅंड डाल दिया और लगा दे दनादन चोदने दीदी को बोहत बुरी तरह चोद रहा था खटिया भी पूरा हिल रहा था और दीदी पैर मे जो पायल पहनती थी उसकी सन सन आवाज़ भी रूम मे गूँज रही थी

और दीदी को चोदते चोदते मैने माल दीदी के चुत मे डाल दिया दीदी और मैं दोनो पसीने से लटपट और दोनो ही संतुष्टि मे हाफ़ रहे थे मैने पूछा अचानक यह क्या था दीदी दीदी बोली आज जो आग तू लगाई थी पहले तो मैं शरम के कारण कुछ नही कर पाई अब वो आग को तुझे चोदके ठंड की है मेरे भाई क्या चोदा तूने

इसी तरह दीदी को डेड दो महीना चोदने के बाद अचानक दीदी की पेट मे मेरा बच्चा ठहर गया और एकदिन जब बाबू और मैं बाज़ार जा रहे थे तो अचानक बाबू मुझे पूछा मामा आप और मा दोनो साथमे क्यू सोते हो मैं बात काटने के लिए कहा क्यू तुम्हारे साथ नही सोते क्या बोली नही मेरे साथ सोते है पर जब आप आते हो तो मा मुझे सुलाके आपके पास चले जाते है और सुभह अपनी साड़ी पेटीकोटे ब्लाउस ठीक करते हुए मेरे कमरे मे आती है और तो उस्दीन मैने आपके बिस्तर पर मा की टूटी चूड़िया भी पाई मैने सोचा बच्चा चालक हो गया है पता इसको सब कुछ है फिर ना जानने का बहाना कर रहा है

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