दोस्त की गर्लफ्रेंड की फ्रेंड की चुदाई

तब मैं वाहा से उठा और फोन का बहाना करके टेरेस पर आगया. उधर साइड मे एक छोटासा रूम भी था. शायद सोने के लिए बनाया था. फिर थोड़ी देर बाद वाहा पे नेहा भी आ गयी मुझे पता था वो ज़रूर आएगी.

नेहा: हे हर्ष क्या कर रहे हो?

मैं: अरे तुम यहा बाकी सब क्या कर रहे है.

नेहा: सब नीचे है एंजाय कर रहे है. तुम क्या कर रहे हो अकेले यहा पे.

मैं: कुछ नही यार मन नही लग रहा था नीचे इसीलिए उपर आ गया.

नेहा: क्यू क्या है आजकल तुम गुम्सुम से से रहते हो. मेधा भी कह रही और अमय भी.

मैं: सच कहु तो उस दिन जब हम मूवी से आए तब से कुछ अधूरा अधूरा लग रहा है पता नही क्यूँ.

नेहा: एक बात कहु

और वो मेरे करीब आकर बातें करने लगी.

मैं: कहो ना.

नेहा: मुझे भी ऐसेही लग रहा है. कुछ अधूरा अधूरा.

अब मैं भी उसके और करीब गया लेकिन वो हिली नही वैसे ही खड़ी रही.

मैं: शायद ये सब उसी की वजह से है जो हमने मूवी थियेटर मे अधूरा छोड़ा था.

नेहा ने अब अपनी पलके नीचे करली और हल्की सी स्माइल दी. मैं भी समझ गया यही सही मौका है. टेरेस पे हमे कोई भी देख लेता था.

इसीलिए मैने उसका हाथ पकड़ कर उस रूम मे ले गया. और दीवार के सहारे उसे खड़ा किया. अब हम दोनो की साँसें तेज हो गयी शायद उसे भी पता चल गया था. लेकिन फिर भी उसने कहा.

नेहा: हर्ष कोई आ गया तो.

मैं: कोई नही आएगा नीचे सब अपनी मस्ती मे है.

अब मैं उसका हाथ पकड़ कर धीरे धीरे आगे बढ़ रहा था उसने अपनी आँखे बंद कर रखी थी. और फाइनली मैने उसके होंठों को चूमना चालू कर दिया. वो भी मस्त रेस्पॉन्स दे रही थी.

हम दोनो एक दूसरे को चूमते चूमते बेहद गरम हो रहे थे. फिर मैं धीरे से उसके गाल, कान गर्दन पर चूमने लग गया. और मेरे हाथ उसके पूरे बदन को सहला रहे थे.

नेहा: ऑश हर्ष ह्म.

मैं: ह्म नेहा तुम बोहोत प्यारी हो उम्माआअ.

फिर मैं धीरे धीरे उसके बूब्स को उसके ड्रेस के उपर से ही दबाने लग गया था. वो भी अब मेरे पीठ को सहला रही थी और धीरे धीरे मेरा टी-शर्ट निकाल दिया. अब मैने भी सोचा ज़्यादा देर कर दी तो गड़बड़ हो सकती है इसीलिए उसका भी टॉप और लेगैंग्स उतार दिया.

उसने अंदर मरून कलर की ब्रा और पेंटी पहनी थी वाह कयामत लग रही थी उसमे. मैं भी अब अंडरवेर मे था.

फिर मैने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके बाजू मे लेट गया. अब हम दोनो एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे थे.

नेहा: ऊहह. हर्ष जल्दी करो अब मुझसे और रहा नही जाता.

और इतना कहकर वो मेरे अंडरवेर मे से लंड बाहर निकाल कर अपने हाथों से सहला रही थी. अब मैं भी उसकी चूत मे उंगली डाल कर उसके बूब्स चूसने लगा था. वो भी मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी.

मैं: नेहा तुम्हारे बूब्स कितने प्यारे है, इन्हे चूसने मे बेहद मज़ा आरहा है, अहह उम्म्म्ममम.

नेहा: तो चूसो ना हर्ष. मूज़े बोहोत अच्छा लग रहा है आअहह, लेकिन अब देर ना करो जल्दी से मेरी चूत मे तुम्हारा लंड डाल दो, काफ़ी देर हो गयी है हमे उपर आए हुए.

मैने भी वक़्त की नज़ाकत देखते हुए. उसे सीधा किया और मिससिओनेरी पोज़ मे अपना लंड उसकी चूत के मूह पर रखा और रगड़ने लगा था. फिर धीरे धीरे अंदर डाल दिया.

नेहा: आआहहहाः हर्ष प्लीज़ धीरे धीरे ही करना तुम्हारा लंड बड़ा है. आआहहहहः प्लीज़.

मैं: हा जानू डॉन’त वरी. तुम्हे तकलीफ़ नही होगी.

अब मैने फिर से उसे धक्के लगाने शुरू किए, अब उसे भी मज़ा आरहा था. अब वो भी नीचे से मेरा साथ दे रही थी. फिर मैं उसको गोद मे उठाके चोदने लगा.

तभी मुझे लगा कोई खिड़की पे है. मैं वाहा देखा तो मेधा थी और उसने मेरी और देखकर मुस्कुराया और वाहा से चली गयी. लेकिन मैने ये बात नेहा को नही बताई.

वो बस अपनी आँखे बंद किए मोन कर रही थी. अब मैने उसे डॉगी पोज़ मे बेड पर बिठाया और पीछेसे उसे चोदने लगा. सच मे दोस्तो पोज़ बदल बदल चोदने मे बेहद मज़ा आता है.

फिर थोड़ी देर बाद मैने उसे अपने उपर लिया और वो उपर से मुझे चोदने लगी.

नेहा: अहह हर्ष ई कूम्म्मिंग अहह.

मैं: एसस्स, बेबी मईए तूऊऊ आअहह.

फिर दोनो भी एकसाथ झड़ गये. आआहहहहाआहहाः, उसके बाद पाँच दस मिनिट हम लेटे रहे फिर कपड़े पहन कर नीचे आ गये. नीचे सब खाना खाने की तयारि करने लगे हुए थे. फिर हम भी उनमे शामिल हो गये.

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