गाँव की देसी गर्लफ्रेंड की बुर चुदाई

सौम्या बड़े ध्यान से अपने पिता को पेशाब करते हुए देखने लगी। उसके पिता पेशाब कर के अपना लंड हिला कर अपनी पैंट के अंदर डालकर घर चले गए।

उनके घर जाने के बाद सौम्या मुझसे उसके सामने पेशााब करने के लिए कहने लगी। उसके ज्यादा जिद करने पर मैं उसके सामने पेशाब करने के लिए तैयार हो गया।

जैसे ही मैंने पेशाब करने के लिए अपना लंड अपने पैंट से बाहर निकाला, उसने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ लिया।

जब मेरा पेशाब निकलने लगा तो वह मेरे लंड की चमड़ी को आगे पीछे करने लगी। कुछ देर बाद हम दोनों अपने अपने घर चले गए।

उस दिन के बाद हम लोग रोज रात में फोन पर बात करने लगे। धीरे धीरे फोन पर फोन सेक्स करना शुरु हो गया। अब रोज रात को हम दोनों बिना फोन सेक्स किया नहीं सोते थे।
हम लोग चुदाई के लिए उचित समय का इंतजार करने लगे थे।

कुछ दिन बाद मेरी बहन की शादी थी। रात को संगीत का प्रोग्राम था तो सौम्या मेरे घर आई थी। उसने इशारे में मुझे बाथरूम की ओर जाने के लिए कहा. मैं सबकी नजरों से बच कर बाथरूम के पास जाकर खड़ा हो गया।

थोड़ी देर बाद सौम्या भी वहां पर आ गई. हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर एक दूसरे को किस करने लगे। समय कम था इसलिए हम लोग जल्दी से चुदाई करना उचित समझा. मैं सौम्या की सलवार नीचे सरका के उसकी बुर में उंगली डालने लगा.

कुछ देर उसकी बुर को उंगली से चोदने के बाद सौम्या अपनी बुर में लंड डालने के लिए कहने लगी।

मैंने अपना लंड उसकी बुर पर रखकर झटका मारा तो मेरा लंड फिसल गया. तब सौम्या ने मेरा लंड पकड़ कर अपनी बुर पर सेट किया और मुझे अंदर डालने के लिए कहा।
जैसे ही मैंने झटका मारा, मेरे लंड का सुपारा उसकी बुर में चला गया।
साथ ही वह दर्द के मारे छटपटाने लगी।

तभी उसको ढूंढते हुए उसकी बड़ी बहन बाथरूम की तरफ आने लगी। हम लोग जल्दी से एक दूसरे से अलग हो गए और मैं तुरंत टॉयलेट में जाकर छुप गया। सौम्या की बहन सौम्या को लेकर अपने घर चली गई।

मेरे घर का शादी का सारा फंक्शन समाप्त हो चुका था और हमें दोबारा मौका नहीं मिल पाया। हम दोनों एक दूसरे से मिलने के लिए परेशान रहने लगे।

2 महीने बाद मेरे गांव में एक लड़की की शादी थी. सौम्या ने मुझे उस शादी में मिलने के लिए कहा. हम लोगों ने शादी के दिन मिलने का प्रोग्राम बनाया।

जिस दिन शादी थी, उसी दिन सुबह सौम्या का फोन आया और उसने मुझे कहा- आज रात मेरे साथ सेक्स करना है.
और मुझे कंडोम लाने के लिए कहा।

शाम के वक्त सौम्या का भाई मुझसे मिला. वह बहुत जल्दी में था, उसे भी आज शाम को किसी भाभी से मिलना था जिसके लिए वह कंडोम लेकर आया था।

वह मुझे कंडोम का पैकेट देकर बोला- इसे अपने पास रख के रखना. और रात में मैं वापस लेने के लिए आऊंगा.
और वह वहां से चला गया।

रात को रात बरात आने के बाद सौम्या ने मुझे फोन करके शादी में आने के लिए कहा. जल्दी से शादी में पहुंचकर मैंने सौम्या को कॉल किया तो उसने कहा- मैं थोड़ी देर में फोन करती हूं.
और उसने फोन काट दिया।

जयमाला के वक्त जब स्टेज पर नजर गई तो मैंने देखा कि दुल्हन के साथ सौम्या लाल रंग की खूबसूरत साड़ी में खड़ी थी. उसे साड़ी में देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया. मेरा मन करने लगा कि मैं उसे स्टेज पर पटक कर चोद दूं।

स्टेज पर जयमाला का प्रोग्राम खत्म होने के बाद मैं खाना खाने चला गया.

जब मैं खाना खा रहा था, तभी सौम्या ने मुझे फोन किया और मुझे मेरे खेत के पास बुलाया।

सभी की नजरों से बचते हुए मैं खेत के पास चला गया। मेरे खेत में पहुंचते वह भी वहां वहां पहुंच गई। उस समय खेतों में सरसों बोया गया था। मैं उसे लेकर सरसों के खेत के बीच में चला गया। थोड़ी सी जगह बनाकर मैंने उसका दुपट्टा जमीन पर बिछाया। मैं सौम्या के पीछे आकर उसके गले पर किस करते हुए उसके मम्मे दबाने लगा. उसके मुंह से सिसकारी निकलने लगी।

अब धीरे-धीरे उसके बदन से एक एक कपड़ा निकालता गया। वह मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी। मैं धीरे-धीरे करके उसके पूरे शरीर को चूमने लगा। थोड़ी देर बाद उसने मेरे सारे कपड़े निकाल दिये। अब हम दोनों एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे थे।

मैं उसकी एक चूची अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और दूसरी चूची को अपने हाथ से दबाने लगा।
सौम्या अपना हाथ नीचे करके मेरे लंड को सहलाने लगी।

थोड़ी देर बाद मैं उससे अलग हुआ और मैंने उसे अपना लंड उसके मुंह में लेने के लिए कहा. तो वह मना करने लगी। पर मेरे बार-बार कहने पर वह तैयार हो गई। सौम्या मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।
थोड़ी देर लंड चूसने के बाद वह हट गई।

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