गाँव की गोरियाँ देसी छोरियां

तभी राहुल और सीमा पास आकर खड़े हुए तो हम भी उन्हें देखकर रुक गए. हम दोनों भी चुदाई रोक कर उसी मुद्रा में खड़े हो गए थे.

राहुल ने कहा- रुक क्यों गए.. जारी रखो यार.. हम दोनों भी शुरू करते हैं.
वो दोनों ने भी हमारे पास ही कुत्ते कुतिया बन कर चुदाई करना शुरू कर दिया. इधर हम दोनों भी फिर से चालू हो गए.
हम दोनों जोड़े एक ही पोजीशन में चुदाई करने लगे थे.. खूब मजा आ रहा था.

यह एक अलग ही मज़ा था. चुदाई करते समय दूसरे को चुदाई करते देखना भी हम चारों को एक अलग सी उत्तेजना दे रहा था. मुझे सुजाता से दूध दबाते हुए चुदाई करने बड़ा मजा आ रहा था. मेरे जैसे राहुल भी सीमा की चूचियों को भींचता हुआ चुदाई कर रहा था.

इतनी अधिक उत्तेजना बढ़ गई थी कि राहुल अचानक झड़ गया और तभी मैं भी निकल गया.

हम चारों शिथिल हो गए थे. कुछ देर चूमा चाटी का दौर चला और हम चारों अपने कपड़े पहन कर जाने को तैयार हो गए.

ग्रुप सेक्स
सीमा, राहुल, सुजाता और मैंने हम चारों ने खेत में संभोग किया था। फिर आज मैंने और राहुल ने प्लान बनाया कि हम सब एक साथ ग्रुप सेक्स करेंगे। इसके लिए हमने सीमा और सुजाता को भी बताया तो वो दोनों तो समझो कि इसी बात का इंतजार में थी। हम सबको उस दिन सेक्स में एक अलग मजा आया था तो उसे आज फिर दोहाराने का प्लान बना दिया। बस अब हम सबको उसके लिए एक सही दिन का इंतजार था।

वो दिन भी जल्दी आ गया। उस दिन गांव में मेला था और लोग उस मेले में व्यस्त थे, सारे अपना काम धाम छोड़कर गांव में मेले का आनंद ले रहे थे। यह दिन हमें सही लगा और हम चारों ने वही जगह चुनी जहाँ हमने पिछली बार सेक्स का मजा लिया था। आज कोई भी खेत में नहीं था.
तो मैं और राहुल खेत में गए और उसी जगह पहुँच गए जहां एक बार पहले ग्रुप सेक्स का खेल हो चुका था। आज कुछ नया करना था जो हमारे एकदम कुछ हट के था। सबको इसमें एक अलग अनुभव आना था, खूब मजा आने वाला था।

नियत स्थान पर पहुंचने के उपरांत सभी ने सारे कपड़े निकाल दिए. सीमा आज अपनी चूत शेव करके आई थी तो उसकी चूत एकदम चमचमा रही थी। सुजाता की चुत पर कुछ बाल थे। मेरे लंड के आसपास भी बहुत झांटें थी और राहुल ने भी कुछ दिन पहले ही शेव किया होगा, ऐसा लग रहा था।

हम सब खड़े खड़े एक दूसरे की चुत और लण्ड को देख रहे थे। अजीब लग रहा था.
फिर मैं सीमा को अपने पास खींचकर उसे किस करने लगा तो उसने भी मेरा लण्ड अपने हाथ में पकड़ लिया. हमारी इस हरकत को देखकर वो दोनों भी वासना के खेल में कूद गए।

सुजाता सीमा की ओर मुंह करके खड़ी हुई तो सीमा उसके मम्मों को सहलाने लगी, सुजाता भी उसकी चूचियों को अपनी उंगलियों से दबाने लगी। सुजाता के पीछे राहुल खड़ा होकर अपना लण्ड उसके कूल्हों पर रगड़ने लगा। और मैं सीमा की गांड पर हाथ फेरकर चांटें मारने लगा। क्या मजा था … क्या नशा था।

फिर मैं और राहुल दोनों खड़े हो गए और उन दोनों नंगी लड़कियों को अपने लण्ड चूसने के लिए कहा। लेकिन यहां पर पार्टनर बदल दिए, सुजाता मेरा लण्ड और सीमा राहुल का लण्ड घुटनों पर बैठकर चूसने लगी। हम उनके बालों को पकड़ सहलाने लगे थे।

कुछ देर बाद उन दोनों को खड़े होने को कहां, वे खडी हुई तो हम दोनों ने नीचे बैठ कर उन दोनों की चुत चाटनी शुरू कर दी। उधर ऊपर सीमा और सुजाता … वो दोनों भी एक दूसरी के मम्मों को चूसने लगी थी।
अब हमारी कामवासना की गाड़ी ने रफ्तार पकड़ ली थी।

मैंने सुजाता को झुकाया और उसकी चुत पर लण्ड रगड़ने लगा। सीमा ने भी राहुल के सामने घोड़ी बन कर अपनी चुत के उभार को राहुल के लण्ड को अंदर लेने के लिए आगे कर दिया। राहुल ने अपना लण्ड सीमा की चूत में घुसा दिया और हिलाने लगा। राहुल का लण्ड मेरे लण्ड से छोटा और पतला था। सीमा को थोड़ा भी दर्द नहीं हुआ और वो चुपचाप आराम से चुद रही थी।

कुछ देर बाद अब हम दोनों ने एक साथ सिर्फ एक लड़की को चोदना था तो हमने पहले सीमा को चुना क्योंकि वो पहले कई बार चुद चुकी थी. इसमें मैं नीचे लेटा और सीमा अपनी चूत मेरे लण्ड पर रखते हुए लंड निगलती हुई बैठ गई और मेरी ऊपर झुक गयी. इससे उसकी गांड थोड़ी ऊपर की ओर उठ गयी।

अब राहुल ने अपने लण्ड पर थूक लगाकर सीमा की गांड में घुसाया। सीमा ने पहले भी कई बार गांड मरवा रखी थी तो उसे दर्द कम ही हुआ। सुजाता मेरे चेहरे पर अपनी चुत रख कर बैठ गई। मैं उसकी चुत को मेरी जीभ से चाटने लगा, उसमें उसे बहुत मजा आ रहा था।

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