मासूम गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार चुदाई पार्क में

मैं कुछ न कहते हुए उसे किस करता रहा. मैं भूल गया था कि मेरे ब्लेजर की जेब में कंडोम रखे हुए हैं. मदहोशी में उसने मेरा प्लेज़र पकड़ा हुआ था और पता नहीं कैसे कंडोम का एक पैकेट नीचे गिर गया और उसने देख लिया. ये देखकर मैं घबरा गया और जल्दी से उठाने की कोशिश की.

उसने मेरे हाथों से कंडोम का पैकेट ले लिया और उसे देख कर मेरी तरफ देखा. मैंने बिना कुछ सोचे उससे माफ़ी मांगी, लेकिन उसने मुझे वापिस गले लगा लिया और बोली- कोई बात नहीं, पर यह करने का अभी सही वक्त नहीं है.
मुझे निराशा हुई, लेकिन मैं हार नहीं मानना चाहता था.

हम दोनों अब हाथों में हाथ रखे पार्क में घूम रहे थे और प्यारी बातें कर रहे थे.

फिर मैंने देखा रिस्ट्रिक्टेड एरिया सामने ही था, उसने मुझे बोला कि यहां जाना मना है.
लेकिन मैंने उसे आश्वासन दिलाया कि ऐसा कुछ नहीं है.

फिर वह जगह आयी, जहां मैंने सोचा था कि हम सेक्स करेंगे. हम वहां एक पुरानी सीट पर बैठ गए. मैं उसे चूमने लगा, उसके गाल, उसके गले पर किस करने लगा.

फिर कुछ देर बाद वह भी मेरा साथ दे रही थी और वो मदहोश हो चुकी थी. मैंने यह मौका देख कर उसकी चूचियों को दबाने लगा. उसने भी इंकार नहीं किया. फिर उसने मेरे बालों को पकड़ा और ज़ोर से किस करने लगी.

मैंने सोचा कि सही मौका है, अभी इसे चोद सकते हैं. मैंने देर न करते हुए उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.
वह मुझे ऐसा करता देख कर बोली- यह हम गलत तो नहीं कर रहे न?
उसे प्रेग्नेंट होने का डर था. मैंने उसे बोला कि ऐसा कुछ नहीं होगा.
वह मुझसे बोली कि मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं.

इसका मतलब था कि आगे का रास्ता आसान है. मैंने जल्दी से उसकी सलवार को बांधा और उसे उस गुप्त जगह पर ले गया, जहां मैंने उसे चोदने का सोचा था. सुनसान होने के कारण यह जगह सबसे सेफ थी. मैंने उसकी सलवार उतारी, तो देखा उसने पिंक कलर की पैंटी पहनी हुई थी. फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए. अब वो मेरे सामने अपनी पैंटी और ब्रा में थी. उसकी गांड मैंने पहली बार मैंने देखी थी. इतनी प्यारी गांड मैंने आज तक नहीं देखी थी. फिर उसने अचानक से आकर मुझे चूमना शुरू किया और मेरे कपड़े उतारने लगी.

मैंने उसी मदद की और फिर मैंने उसके चुचों पर, उसकी जांघ पर, गांड पर किस करता रहा. फिर मैंने उसकी ब्रा और पैंटी को उतार दिया और खुद भी नंगा हो गया. अब हम दोनों जन्मजात नंगे थे. मुझे या उसे शर्म बिल्कुल नहीं आ रही थी.

मैंने उसे अपना लंड चूसने को बोला, तो वो घबरा गयी. क्यूंकि उसे नहीं पता था कि ऐसा भी कुछ होता है. मैंने उसे समझाया, तो वह मान गयी और मेरे लंड को हाथों से हिलाने लगी और फिर उसे मुँह में लेकर चूसने लगी. करीब 10 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था, लेकिन मैं उसके मुँह में नहीं झड़ा. मैं उसे उठा कर उसके लिप्स को किस करने लगा. फिर उसकी चूत में उंगली करने लगा.

कुछ ही पलों में वह पागल होकर बोली- अब बस कर दो प्लीज.

मैंने उसे जमीन की नर्म घास पर लिटाया और कंडोम का पैकेट को खोल कर कंडोम लंड पहनने लगा. फिर मैं उसे किस करके अपना लंड उसकी चुत में रगड़ रहा था. वह कुंवारी थी, इसलिए मुझे लंड आराम से घुसाना था. मैंने धीरे धीरे लंड उसकी चूत में डालना शुरू किया. लेकिन वह दर्द से दबी आवाज में चिल्लाने लगी उम्म्ह… अहह… हय… याह… मैंने उसकी आवाज़ रोकने के लिए उसके होंठों को अपने होंठों से बन्द कर दिया और ज़ोर का एक झटका देकर पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया. साथ ही उसके वे आंसू, जो उसकी आंखों से निकल रहे थे, उनको मैंने पी लिया.

फिर कुछ देर बार करीब उसे 5 मिनट तक चोदने के बाद उसे भी मज़ा आने लगा. मैं उसकी आंखों में आंखें डाल कर चोद रहा था. उसकी आंखों में कामुकता और प्रेम था.

फिर कुछ देर तक उसे चोदने के बाद मैंने उसे अपने ऊपर आने को बोला. उसने मेरी बात सुनी, फिर वह मेरे लंड की सवारी करके चुदने लगी थी. वो चूत को लंड में फंसाए हुए आगे पीछे हिल रही थी. उसकी मदमस्त चूचियां मुझे मदहोश किए जा रही थीं.

मैं उसको देख कर और कामुक हो गया और कुछ ही देर में हम दोनों एक साथ झड़ गए. वह मेरे ऊपर लेट गयी और मैं उसकी चूचियों को चूसता रहा.

कुछ देर बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. मैंने उसे फिर से उठा कर डॉगी पोजीशन में कर दिया और पीछे से लंड पेल कर उसे चोदने लगा. इस बार करीब 30 मिनट तक रेस्ट ले ले कर उसे चोदता रहा. उसे भी चूत चुदवाने में मज़ा आ रहा था.

Pages: 1 2 3