गर्लफ्रेंड रूबी की कुवारि चूत

ये बात सुन कर मुझे बहोत घुस्सा आया और फिर मैने उससे पूरे 3 दिन बात नही करी. और यही टेंशन मे उसने फिर एक रात मुझे फोन किया और कहा की हम मूवी देखने चलेंगे पर सनडे को नही. क्योकि तुम तो घरवालो को जानते ही हो इसलिए हम ऑफीस की छुट्टी ले कर चलेंगे.

ये सुन कर मैं बहोत खुश हुआ और फिर मैने अगले दिन ही मूवी जाने का प्लान बनाया और हमने ऑफीस से छुट्टी ले ली. अगले दिन मैने उसे उसके घर के पास से पिक किया और मैने देखा की उसने पिंक कलर का सलवार सूट डाल रखा था और जिसमे वो बहोत खूबसूरत लग रही थी.

अब मैने उसे बाइक पर बैठने को कहा और हम फिर सिनिमा के लिए निकल पड़े. वो मुझसे थोड़ा चिपक कर बैठी थी जिससे उसके बूब्स मेरी कमर पर लग रहे थे. और जब मैं बाइक की ब्रेक मारता था तो उसके बूब्स मेरी कमर मे डब जाते थे जो की मुझे पागल कर रहे थे.

फिर हम वाहा पहोच गये और मूवी देखने लग गये. मूवी स्टार्ट हो गई थी और रूबी मूवी मे बिज़ी हो गई थी पर मेरा ध्यान तो रूबी पर ही था. अब ऐसे ही मैने उसके कंधे पर हाथ रख दिया और फिर उसने मेरे कंधे पर अपना सिर रख दिया. ये सब होने से मेरा लंड पैंट मे खड़ा हो गया था.

मैने अब धीरे से उसके बूब्स पर हाथ लगाया तो वो चोंक गई और बिना कुछ कहे सीधी बैठ गई. फिर हम दोनो ऐसे ही मूवी देखने लग गये और सारी मूवी मे मैने उसके साथ कुछ नही किया. और फिर जब मूवी ख़तम हुई तो मैकडॉनल्ड्स मे बर्गर खाए और तब टाइम देखा तो तब सिर्फ़ 1 ही बजा था. तो मैने उससे कही और घूम कर आने को कहा तो वो मान गई.

फिर मैं उसे एक ऐसे पार्क मे ले गया जहा पर कपल ही कपल होते है. और मैं आपको ये बता दूँ की ये पार्क कपल पार्क के नाम से भी फेमस है. हम वाहा पहुचे तो बाइक से उतर कर अंदर आ गये. वाहा सारे कपल एक दूसरे की बहो मे बैठ कर आशिक़ी लड़ा रहे थे और ये सब देखते हुए हम भी जा कर कही बैठ गये.

हम दोनो वाहा बैठ कर एक दूसरे के साथ बाते कर रहे थे और तब मेरा मन उसकी बाहो मे लेटने को कर रहा था. इससे पहले की वो मुझे ना करे मैने खुद को बेंच पर लेटाया और उसकी गोद मे सिर रख कर लेट गया. मेरे सिर रखते ही वो बोल पड़ी की ये क्या कर रहे हो.

मैं – कुछ भी नही बस ऐसे ही तुम्हारी गोद मे सिर रख कर लेटा हुआ हूँ.

मेरी बात सुन कर पहले वो घबराई पर बाद मे ठीक हो गई. फिर मैने ऐसे ही धीरे-धीरे उसके जिस्म पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और तब वो तोड़ा खुद को संभालने लग गई. मैने अब उसके फेस को अपने पास किया और होंठो से होंठ मिलाने लगा जिसमे मैं सफल भी हुआ.

पर हाँ ये होते ही साथ मे उसने अपने होंठ हटा लिए और फिर मैने भी उसे फोर्स नही किया. फिर ऐसे ही हमने बाते करके टाइम पास किया और फिर मैने उसको घर तक छोड़ दिया. मैने उससे होटेल मे जाने को भी कहा था पर उसने मेरी बात नही मानी जिसका मुझे बुरा भी नही लगा.

फिर ऐसे ही एक हफ़्ता निकल गया और फिर एक दिन उसने मुझे फोन पर खा की मैं सनडे को ऑफीस आयूंगी क्योकि कुछ देर के लिए काम है. मुझे तो उसकी बात से इशारा मिल गया और मैं मन ही मन बहोत खुश होने लग गया. और जैसे तैसे सनडे का इंतेज़ार करने लग गया. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अब जब सनडे आया तो मैं ऑफीस पहुचा तो मैने देखा की वो पहले से ही ऑफीस आ रखी थी. पर उसके साथ ऑफीस मे एक और बंदा भी आ रखा था जो की अपने काम मे लगा हुआ था. ये देख कर मेरा मूड थोड़ा अपसेट हो गया और सोचने लग गया की अब कुछ कैसे होगा.

मैं तो वैसे भी वेल्ला ही अपने कंप्यूटर मे टाइम पास कर रहा था और मोके की तलाश मे था. तभी रूबी ने मुझे बुलाया और कहा की देखो ना इस कंप्यूटर को क्या हो गया है. मैं अब उसके कंप्यूटर को देखने लग गया और ऐसे ही घंटा लगा दिया की तभी जो वो लड़का आ रखा था. हमे बोला की मैं अब घर जा रहा हूँ क्योकि मेरा काम हो गया है.

यह सुनने के लिए ही तो मैं इतनी देर से सिर खपा रहा था और उसके जाते ही मैने रूबी को पीछे से बाहो मे जकड लिया और उसकी गर्दन पर किस करने लग गया. वो भी गरम होने लगी थी और फिर मैने उसे सीधा किया और उसके होंठो को अपने होंठो मे भर लिया और मज़े से चूसने लग गया.

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