हम दोनो सेक्स के भूके

मैने कहा क्या बात कर रहे हो आप भी आप के साथ सेक्स करने के लिए आधी दुनिया तैयार है. अचानक ही वो बोली क्या तुम मेरे साथ करने के लिए तैयार हो. मैने झट से कहा क्या बात कर रहे हो आप भी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

फिर वो बोली देखो कल मम्मी सुबह ही कही बाहर जा रहे है. अगर तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहते हो तो प्लीज़ कल आ जाना गुड नाइट अब मैं सो रही हूँ. अगले दिन मेरे दिल मे खुशी के लड्डू फुट रहे थे. मैं सुबह उठते ही नहा लिया और अपने दोस्त के पास गया. उसके पास से कॉन्डोम लिए और सीधा फिर मैं कीर्ति के घर गया. उसने दरवाजा खोला वो बहोत ही खूबसूरत लग रही थी.

जैसे की उसने बताया था की वो घर पर अकेली होगी. वो सच मे घर मे अकेली ही थी. फिर हम दोनो बेडरूम मे बैठ गये मैं बहोत ही डर रहा था. फिर वो बोली अब शुरू भी करो यार. मैं बहोत हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ा और उसे बेड पर सीधा लेटा दिया. मैं उसके उप्पर आ गया और उसके उप्पर आ कर उसके होंठो पर अपने होंठ रखा और उसके होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया.

वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. दोनो होंठो को अच्छे से चूसने के बाद मैने उसके सारे कपड़े उतार दिए सिर्फ़ पैंटी को छोड़ कर. फिर मैने उसके दोनो गोल गोल दूध जैसे गोरे बूब्स को चूसना शुरू कर दिया. कीर्ति कुछ ही देर मे पूरी पागल सी होने लग गई. वो मेरे नीचे मछली की तरह तड़प रही थी. करीब 20 मिनिट तक मैने दोनो बूब्स चूस चूस कर गोरे से लाल कर दिए.

फिर मैं नीचे गया और उसकी पैंटी भी उतार दी. पैंटी के नीचे उसकी गुलाबी चूत थी. जिसे देखते ही लंड पागल हो गया और मेरे मूह मे पानी आ गया. उसके बाद मैने उसकी दोनो टाँगे खोली और मैने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. क्या चूत थी उसकी चूत मे से थोड़ा थोड़ा पानी बाहर आ रहा था. जिसे मैं अपनी जीब से चाट-चाट कर पी रहा था. उसके बाद उसने अचानक ही मेरे मूह पर अपनी चूत का सारा पानी निकल दिया.

अब कहीं जा कर वो थोड़ी ठंडी हो गई थी. फिर वो बोली यार तूने मुझे आज वो मज़ा दिया जिसके लिए मैं बहोत टाइम से तड़प रही थी. पर आइ एम सॉरी मेरी चूत ने तुम्हरा मूह गंदा कर दिया है. मैने कहा कोई बात नही मेरी जान ये सब प्यार मे चलता है. अब मैने उसे कहा की तुम मेरा लंड चूसो तो वो बोली क्यो नही इसी तरह हिसाब भी बराबर हो जाएगा.

मेरा लंड हाथ मे ले कर जैसे मानो उसको काफ़ी तसल्ली मिली या एक अजीब सी खुशी मिली. क्योकि ये खुशी उसके चेहरे पर सॉफ-सॉफ दिख रही थी. वो पहले तो मेरे लंड के साथ काफ़ी अच्छे से खेलने लग गई और फिर उसने अपने हाथो मे बॉल्स भी ले ली और उससे खेलने लग गई. मुझे उसका ये बचपना काफ़ी अच्छा लग रहा था और ये सब देख कर और ये सब करवा कर मुझे भी काफ़ी मज़ा आ रहा था.

वो पहले तो ऐसे ही देखती रही और फिर धीरे-धीरे खुद ही अपने हाथो से उसे उप्पर नीचे करने लग गई. मुझे भी ये देख कर काफ़ी ज़्यादा मज़ा आ रहा था और मज़े तो मैं उसके नरम नरम होंठो से लंड को उप्पर नीचे करने के भी ले रहा था.

ये सब देख कर मुझसे रहा नही जा रहा था इसलिए मैने उसे लंड को चूसने को कहा. उसने भी बिना कोई देर किए मेरे लंड को मूह मे भर लिया. अरे यार क्या बताऊ की कितना मज़ा आ रहा था जब उसके मूह मे लंड था और वो उप्पर नीचे कर रही थी.

अब मैने उसके फेस को पकड़ लिया और खुद ही लंड को उसके मूह मे अच्छे से उप्पर नीचे कर चोदने लग गया. वो भी मज़े से चुस्वाई जा रही थी और मुझे काफ़ी मज़ा आ रहा था. ऐसे ही कुछ देर करने के बाद मेरे लंड ने जवाब दे दिया और फिर मैने उसके मूह मे ही अपना पानी निकाल दिया.

पानी निकलते ही मेरा लंड ठंडा पड़ गया और मैं आपको बता दूँ की मेरे लंड से इतना पानी निकाला जिसकी वजह से उसका पूरा मूह भर गया. पहले तो मुझे लगा की वो सारा का सारा पानी बाहर निकाल देगी. पर नही मैने सोचा उसके बिल्कुल अपोजिट ही हुआ और उसने मज़े मे सारा पानी पी लिया.

अब मेरा लंड सो चुका था तो मैं भी थोड़ी देर रेस्ट करने के लिए लेट गया और उसे बाहो मे ले कर बाते करने लग गया. अब मैने साथ ही साथ उसके जिस्म को चूसना और चाटना शुरू कर दिया जिससे वो खुद ही गरम होने लग गई.

Pages: 1 2 3