जब चूत की झड़ी लगी

फिर जब मैने महसूस किया की वो कम से कम 2 बार झड़ गई हे मैने सोचा की अब मोका अच्छा हे उसकी गांड मारने का तो मैने बड़े प्यार से उससे कहा की उल्टे हो जाओ पीछे से मारनी हे तुम्हारी चूत. उसे क्या पता था की अब मे उसे चूत की कह कर गांड मारने लगा. खेर वो मान गई पहले तो मैने उसकी चूत मे ही लंड डाला ओर 2 मिनिट के लिये तकरीबन चूत की खिदमत मे लंड पेश किया खेर अब तक उसकी चूत भी गीली हो कर सुकुड़ना शुरु हो चुकी थी जिसकी वजह से मेरा लंड दबा रही थी खेर मैने कुछ देर चूत मारने के बाद जब देखा की शाज़िया थक चुकी हे अब तब मैने आराम से लंड निकाला और गांड पर रगडना शुरु किया उसे क्या पता था की गांड मे डालेगा ओर मैने बातो बातों मे लंड गांड पर रखा और हल्के से पूछा क्या लंड गांड मे घुस गया वो एकदम आगे को हिली लेकिन मैने उसे पकड़ रखा था ज़ोर से उसके बोबो के वहा से इसलिये वो हिल ना सकी खेर उसकी गांड नरम होने की वजह से लंड कुछ आसानी से गांड मे चला गया. यकीन मानो दोस्तो क्या मजे की गांड थी इतनी भरपूर गांड ओर टाइट छेद. क्या मज़ा था लंड को पता चलता था की फँस कर गांड मे जा रहा हे खेर शाज़िया दर्द से काफ़ी कराह रही थी लेकिन मैने उसकी एक ना सुनी ओर आराम आराम से उसकी गांड मारता रहा खेर कुछ देर बाद जब उसने अपनी गांड ढीली छोड़ी तो मे थोड़ा तेज हुआ ओर तेज तेज लंड अंदर बाहर करने लगा अब उसको भी मज़ा आ रहा था ओर वो भी कह रही थी तेज मारो झटके मैने उससे पूछा की पति ने गांड मारी तुम्हारी या नही तो कहने लगी नही बस वो उल्टी कर के चूत बहुत मारते हे.

अब मे भी झड़ने वाला था ओर मैने कुछ ही देर मे उसकी गांड मे तेज धार छोड़ कर वीर्य निकाल दिया शाज़िया ने मूझे गोर से देखते हुये कहा की बड़ा गर्म हे वीर्य तुम्हारा हहहहा. खेर दोस्तो शाज़िया ने बड़ी ज़ोर से मेरे लंड को अपनी गांड मे दबा कर सारा वीर्य चूस लिया गांड में एक साथ. खेर उस के बाद हम कुछ देर लेटे रहे ओर फिर वो उठी ओर बाथरूम मे चली गई अब बारी आंटी रुबीना की थी इसलिये मैने बाकी सब को कहा की प्लीज अब मूझे और मेरी जान को एक साथ अकेला छोड़ दो इस पर आंटी बहुत खुश हुई ओर नसरीन ओर शाज़िया आंटी रोबना को मज़ाक मे ओय होय वा जी वा कह कर दुसरे रूम मे चली गई लेकिन जाते जाते शाज़िया मेरे पास से गुज़रते हुये मेरे लंड को शरारत से पकड़ कर कहने लगी की वेसे काफ़ी शान्त कर देतो हो तुम जनाब चूत को ओर गांड को भी इस पर मैने कहा की अब कब का प्रोग्राम हे तो उसने कहा की अभी इस बार की जो चूत पिलवाई हे उसकी जलन तो दूर हो जाये आगे की भी जल्दी बताऊँगी 2, 3 दिन मे ही ओके.

यह कह कर वो भी चली गई दुसरे रूम मे अब मे ओर मेरी जानू आंटी रुबीना अकेले रूम मे चिपक कर लेट गये अब रुबीना ने प्यार से मूझसे पूछा की सच बताओ थक गये हो ना मैने कहा हाँ थक तो गया हूँ लेकिन तुम्हारी चूत ना लूँ यह हो नही सकता जानू आइ लव यू सो मच खेर इस पर वो खुश हो गई ओर कहने लगी कुछ देर आराम कर लो अभी तो रात के सिर्फ़ 4 बजे हैं 30 मिनिट आराम कर लो बाद मे फिर जनाब जेसा कहो जो कर लेना मैने कहा ओके ओर वो मेरी लिये गर्म गर्म गाजर का हलवा ले कर आई जो की मैने ओर उसने मिल कर खाया उसके बाद हमने अपना सेक्स केसे चालू किया वो मे तीसरे पार्ट मे बताऊंगा अभी तब तक दोबारा मूठ मार कर शान्त कर लो सब दोस्त आप. ओर लडकियां ओर आंटियो अपनी चूत की खुजली भी लंड डलवा कर या उंगली करके दूर कर लें। उम्मीद करता हूँ आप को मेरी यह स्टोरी पसन्द आई होगी.

हेलो प्यारे दोस्तो ओर प्यारी चूत वाली आंटियो ओर लडकियों सब को मेरा सलाम. अब मे आप लोगों को असली मज़े की कहानी जो सुनाऊंगा वो मेरी स्टोरी के तीसरे पार्ट की सब से मज़े की हे जो की मेरी ओर आंटी रुबीना की हे अब तक मे 2 चूत को मार मार कर शान्त कर चुका था जो की शायद अब दुसरे रूम मे जा कर आराम से अपनी अपनी चूत की आग ठंडी करके सो रही होंगी खेर अब मे आता हूँ अपनी ओर आंटी रुबीना की कहानी की तरफ. तो दोस्तो हुआ यूँ की अब क्योकी यह तीसरा टाइम था 1 ही रात मे 3 चूत मारना कोई आसान काम तो नही हे ना खेर मे लेट कर आंटी रुबीना की चूत के साथ खेल रहा था. ओर साथ साथ उसके बोबो को भी कभी कभी चूस लेता अब तक वो शायद मेरे साथ 3 बार झड़ चुकी थी ओर आंटी रुबीना भी मेरे लंड के साथ 30 मिनिट से खेल रही थी. अब मे भी कुछ गर्मी महसूस कर रहा था सेक्स की जिसकी वजह से दोबारा मेरा लंड खड़ा होना शुरु हो चुका था आंटी कभी कभी मेरे लंड के साथ लंड के बॉल भी मुँह मे डाल कर थूक लगा लगा कर गीले कर रही थी ओर उधर मे भी पागल हो रहा था इसलिये मे साथ साथ उसकी चूत मे उंगली डाल के तेज तेज अन्दर बाहर कर रहा था ओर जिसकी वजह से अब उसकी चूत गर्म हो कर लाल होना शुरु हो चुकी थी. ओर कुछ कुछ गीली भी.आंटी मेरा लंड पागलों के जेसे चूस रही थी। ओर सच पूछो तो आंटी रुबीना ने मूझे सही तरह जोश दिला था अब तक. ओर मेंरी हालत यह हो चुकी थी की मे भी पागलों के जेसे उस के साथ 69 की पोज़िशन मे हो कर उसकी चूत चुसने लगा ओर वो मेरा लंड हम दोनो को दुसरे रूम से नसरीन ओर शाज़िया इस हालत मे खिड़की से देख रही थी हमे तब पता चला जब उन्होने हमे आवाज़ दी की ओय पागलो कहीं तुम उसकी चूत ओर वो तुम्हारा लंड ही ना खा जाना जीतने तुम पागल होये हो सेक्स मे हाहहहहा. खेर इतने मे आंटी रुबीना की चूत से तेज धार पानी की निकाल गई जो की मेरे मुँह मे जा कर गीरी ओर मे वो पानी पी गया खेर कुछ देर बाद आंटी ने मूझे कहा की बस करो प्लीज अब मारो चूत मेरे से ओर नही रहा जाता. मैने आंटी को बेड से उठने को कहा हम दोनो खड़े हो गये ओर मैने आंटी से कहा की टेबल पर जा कर बेठो आंटी ने वेसा ही किया ओर टेबल पर बेठ गई मेने आंटी के करीब जा कर आंटी की टाँगें उपर उठा कर अपने कन्धों पर रख ली ओर खुद मे ज़मीन पर खड़ा था ओर आंटी की चूत बिल्कुल मेरे लंड के सामने थी आंटी की चूत मेरे लंड से टच होती तो आंटी ओर पागल हो जाती मैने लंड को चूत के छेद पर सेट किया ओर आंटी को कन्धों से पकड कर अपनी तरफ खींचा ओर खुद भी झटका दे कर लंड को अंदर किया जिससे एक ही झटके मे चूत को चीरता हुआ मेरा लंड अंदर घुस गया आंटी एक दम से हिली शायद दर्द की वजह से आंटी रुबीना की चूत की गर्मी मूझे सच मे महसुस हो रही थी मुझे महसुस हो रहा था की सच मे चूत की गर्मी कितनी होती हे.

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