जब चूत की झड़ी लगी

मे अभी आंटी रुबीना की चूत मार ही रहा था की पीछे से शाज़िया ओर नसरीन दोनो रूम मे आ गईं ओर उन्होने कपड़े उतार दिये ओर मेरे पीछे से आ कर एक ने मूझे अपनी बाहों में भर लिया ओर दुसरी नीचे झुक कर मेरे लंड के बॉल को चुसने लगी ओर मे साथ साथ आंटी रुबीना की चूत का गुलाम बन कर उसकी सेवा कर रहा था. नसरीन जो की नीचे बेठ कर मेरे बॉल चूस रही थी वो कभी कभी मेरा लंड हाथ से चूत से बाहर निकाल कर अपने मुँह मे डाल कर चुसती ओर फिर रुबीना आंटी की चूत मे अपने हाथ से डाल देती इस टाइम हम सब पागलों की तरह कमरे मे आवाज़े निकाल रहे थे लेकिन जो हालत आंटी रुबीना की थी वो पूछो मत उसकी चूत इतना पानी छोड़ चुकी थी की मेरा लंड पूरा गीला हो गया था. ओर अब तक वो पानी छोड़ छोड़ कर खुद भी कमजोरी महसुस कर रही थी. खेर 10 मिनिट ऐसे ही चूत मारने के बाद भी मेरा वीर्य निकलने का नाम नही ले रहा था क्योकी तीसरा टाइम था इसलिये टाइम ज्यादा लगता हे वीर्य निकलने मे. खेर इतने मे रुबीना आंटी ने कहा प्लीज 5 मिनिट रुक जाओ थोड़ा सब्र करके फिर मार लेना चूत मूझे जलन हो रही हे ओर मेने आंटी को छोड़ दिया वो जा कर बेड पर उल्टी लेट गई इतने मे शाज़िया ओर नसरीन दोबारा मेरे साथ चिपक गई.

मैने शाज़िया से कहा की अगर तुम्हारी इच्छा हे तो बताओ मे गांड मारुगा वरना नही. इस पर वो मान गई ओर मेने उसको पकड़ कर उल्टा करके नीचे से रुबीना की चूत के पानी से भरा हुआ लंड सीधा शाज़िया की गांड मे डाल दिया वो एक दम चीख मारती मारती रुक गई ओर नसरीन आगे से आ कर उसके बोबे दबाने लगी ओर शाज़िया साथ साथ उसकी चूत को सहलाने लगी खेर 5 मिनिट के बाद रुबीना ने मुड़ कर देखा ओर कहा की इंसानो की तरह अपने रूम मे जाओ तुम दोनो बस अब यह बारी मेरी थी तुम दोनो क्यो आ गई हो. मैने जब देखा की रुबीना आंटी नाराज़ हो रही ही तो मैने उन्हे छोड़ कर कहा की जाओ तुम दोनो बस अब. इतने मे दोबारा मे आंटी के पास जा कर लेट गया. अब तक आंटी कुछ ठीक हो चुकी थी मैने आंटी से पूछा की क्या हुआ तो उसने बताया की उसे बेबी ट्यूब तक जलन हो रही ही अभी भी शायद पानी ज्यादा निकलने की वजह से खेर. मैने पूछा तो अब क्या मूड हे उसने कहा की मूड क्या होना हे मज़ा दो मूझे बस जो दिल चाहे करो मैने सुनते ही उससे कहा की अब तुम मेरी गोद मे आ कर बेठो मेरी तरफ मुँह करके नीचे से लंड डलवा कर चूत मे आंटी ने वेसा ही किया ओर अब मे उसकी चूत मे लंड डाल कर साथ साथ उसके बोबे मसल कर चूस रहा था ओर साथ साथ उसकी गांड को नीचे से उठा उठा कर चूत मे लंड डाल रहा था.

यह सिलसिला 5 से 7 मिनिट चला अब फिर आंटी पानी छोड़ चुकी थी ओर कुछ कुछ मे भी अब वीर्य छोड़ने के करीब था. खेर मेने अपना स्टाइल बदल दिया ओर लंड चूत मे डालते हुये ही आंटी को उल्टा कर उसकी टांगे अपनी कमर से जकड़ा दी ओर अब मेरी रफ़्तार ओर भी तेज हो चुकी थी। कमरे में पचक पचक पूच पूच की आवाज़ें आ रही थी ओर साथ मे हम दोनो की सेक्स की आवाज़ें मुँह से निकल रही थी. रुबीना इतनी गर्म हो चुकी थी की अब तक मेरी कमर पर उसने अपने नाख़ून मार मार कर कितने जख्म कर दिये थे लेकिन उस टाइम मूझे भी महसुस नही हो रहा था ओर मे भी उसकी चूत पागलों की तरह मारे जा रहा था मैने रुबीना के बोबो को काट काट कर लाल कर दिया था ओर दाये बोबे पर काटने से जख्म भी आ चुका था लेकिन उसे भी उस टाइम दर्द महसुस नही हो रहा था शायद सेक्स की वजह से. खेर रुबीना के कान मे मैने पूछा की वीर्य निकालने का दिल करता हे चूत मे निकाल दूँ उसने मना कर दिया लेकिन मेरे प्यार से कहने पर वो मान गई ओर कहा की अगर गर्भवती होने का चान्स हुआ तो…… मैने कहा की लेडी डॉक्टर कोन सी खत्म हो चुकी हैं दुनिया मे। करवा लें ना कुछ ना कुछ। खेर इतने मे साथ साथ चूत मे पहले तो मेरे लंड ने पानी छोड़ा ओर मे समझ गया की मे बस झड़ने वाला हूँ इस लिये मे ओर तेज झटके मारने लगा ओर साथ ही 10 सेकेंड तक मैने इतनी तेज वीर्य की धार चूत मे छोड़ दी जिससे रुबीना ने मूझे ज़ोर से अपने हाथ गले में डाल कर चिपका कर अपनी बाहो मे दबा लिया ओर मूझे किस करने लगी ओर साथ साथ नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर ज़ोर ज़ोर से मेरा लंड चूत के साथ दबाने लगी मे भी आराम से उसके उपर लेटा रहा जब तक वो खुद ढीली ना पड़ गई.

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