जब चूत की झड़ी लगी

अभी भी मेरा लंड उसकी चूत मे ही था जो की आहिस्ता आहिस्ता ढीला होने की वजह से खुद बाहर निकल आया था. इस टाइम सुबह के 5 बज रहे थे. तब मैने आंटी से कहा की अब मूझे जाना चाहिये यह सुन कर उसने मूझे आज पहली बार कहा की आइ लव यू प्लीज़ कल फिर आ जाओ ना मे कल भी अकेली हूँ ओर कल सिर्फ़ मे होंगी ओर पूरी रात बस तुम मूझ से प्यार करना मैने उसकी आँखो मे अजीब सा प्यार देखा ओर मूझे उस पर बहुत प्यार आया जिससे मैने एकदम उसे अपनी बाँहो मे ले लिया ओर लंबी किस की ओर कहा की आइ लव यू टू जान आऊँगा जब भी तुम बुलाओंगी मे आ जाऊँगा. यह सुन कर वो खुश हो गयी ओर मेरी शर्ट अपने हाथ से मूझे पहनाई ओर फिर मेने अपने कपड़े पहने ओर अब उसे अपने हाथो से ब्रा पहनाई ओर शलवार ओर कमीज़ भी फिर वो बाहर दरवाजे तक मेरे साथ आई ओर उसने देखा की बाहर गली मे कोई हे तो नही ना ओर तब मे बड़े आराम से बाहर निकल कर अपने घर मे घुस गया ड्रॉयिग रूम के दरवाजे से. खेर पूरी रात सच मे मैने इतना इन्जॉय किया जिसका अंदाज़ा आप लगा चुके होंगे.

अगले दिन मे दोबारा आंटी के घर किसी बहाने से गया तो देखा की आंटी मेरी चाची के पास बेठी थी ओर बातें कर रही थी ओर मैने बड़े अंदाज़ मे कहा की आंटी क्या बात हे लगता हे आप की तबियत ठीक नही हे आँखे भी लाल हैं आंटी ने मेरी तरफ देखते हुये कहा हाँ वो रात को तबियत ठीक नही थी जिस वजह से सारी रात सो नही सकी आँखें भी लाल हैं. ओर मे साइड की तरफ मुँह करके हंस दिया की आंटी रुबीना केसे बात बदल रही हैं मेरी चाची के सामने अहहहाहहः. खेर उस शाम दोबारा आंटी ने मूझे 7:30 बजे कॉल करके कहा की आज रात दोबारा आ जाना 12 बजे तक ओर मैने हाँ कर दी ………. ओके दोस्तो केसी लगी मेरी स्टोरी प्लीज़ रिप्लाई जरुर करना.

Pages: 1 2 3 4 5 6