जीजू ने मुझे पूरा मजा देकर चोदा

कुछ पल बाद मैं उठ कर बाथरूम में गयी और अपनी चूत को पानी से साफ़ किया. उसके बाद नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गयी. जीजू मुझे नंगा देख रहे थे. उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींच कर खुद से लिपटा लिया और मुझे किस करने लगे. हम दोनों एक दूसरे को फिर से किस करने लगे. हालांकि हम दोनों एक दूसरे से नजरें नहीं मिला रहे थे, लेकिन हम दोनों लोग एक दूसरे को बहुत अच्छे से किस कर रहे थे.

कुछ ही देर में जीजू मेरी चूत को दुबारा चाटने लगे. मेरी चूत एकदम चिकनी थी और मेरी चूत से पानी निकल रहा था. मैं एक बार चुद गई थी लेकिन मेरे अन्दर और भी चुदवाने का मन कर रहा था और जीजू को भी मुझे चोदने का मन कर रहा था.

जीजू ने कुछ देर तक मेरी चूत को चाटने के बाद अपना लंड मेरी चूत में अन्दर पेल दिया और मजे से अन्दर बाहर करने लगे. इस बार हम दोनों लोग उत्तेजित होकर सेक्स कर रहे थे. जीजू मुझे बड़ी ताकत से चोदे जा रहे थे और अब तो वे मुझसे नजरें भी मिला रहे थे. लेकिन मैं झिझक के मारे अपने जीजू से नजर नहीं मिला पा रही थी. जीजू मुझे चूमते चाटते हुए मेरा नाम लेकर मुझे लंड अन्दर बाहर होते देखने के लिए बोलकर चोदे जा रहे थे.. लेकिन मैं सिर्फ उनके लंड का अहसास अपनी चूत में करके मजे से चुदती जा रही थी.

जीजू कुछ देर मुझे यूं ही चोदने के बाद बोले- अब पीछे से चोदूंगा.
मैं मान गई, तो उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और उसके बाद वो मुझे घोड़ी बनाकर चोदने लगे.

तभी जीजू ने मुझे चोदते चोदते अपना लंड बाहर निकाल लिया और कुत्ते के जैसे मेरी गांड को सूंघने लगे. मैंने उनसे फिर से लंड अन्दर डालने का कहा, तो जीजू ने मेरी कमर को पकड़ कर अपना लंड मेरी चूत में एक झटके में ही पूरा पेल दिया और मुझे चोदने लगे.

इस वन शॉट में लंड डालने से मैं थर्रा सी गई थी. इस बार जीजू के लंड की चोट सीधी मेरे गर्भाशय पर लगी थी.

कुछ ही देर में मुझे मजा आने लगा और हम दोनों मस्ती से सेक्स करने लगे. जीजू मेरी चूचियों को भंभोड़ते हुए मुझे धकापेल चोदे जा रहे थे. कुछ ही देर में चिल्लाते हुए झड़ गई और मेरे झड़ते ही जीजू भी झड़ने हो हो गए.

जीजू ने मुझे चोदने के बाद अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और सारा माल मेरी कमर पर गिरा कर उसे लंड से से मेरे चूतड़ों पर मलने लगे.

उसके बाद बाथरूम में जाकर जीजू ने मेरी कमर को साफ़ किया. मैं और जीजू हम दोनों लोग बाथरूम में शावर के नीचे खड़े होकर नहाने लगे और हम दोनों ने अपने आपको साफ़ किया.

मैं अपने कपड़े पहनकर रसोई में काम करने चली गयी. मेरी मम्मी भी कुछ देर के बाद डॉक्टर के पास से आ गईं. जीजू उस दिन हमारे घर रुके थे, लेकिन रात को हम दोनों लोग सेक्स नहीं कर पाए क्योंकि घर के सारे लोग रात को आ गए थे. तब भी मैंने और जीजू ने रात को छत पर जाकर एक दूसरे को खूब किस किये और उसके बाद मैं अपने कमरे में जाकर सो गयी.

जीजू अगले दिन चले गए और उसके बाद हम दोनों लोग आज तक संपर्क में हैं. जब भी हम दोनों को मौका मिलता है हम दोनों चुदाई का मजा ले लेते हैं.

आप सबको ये मेरी जीजू संग चुदाई की कहानी कैसी लगी. आप सब मेरी कहानी के बारे में मुझे मेल करके जरूर बताएं. आप सबके मेल मुझे उत्साहित करेंगे. प्लीज़ मुझसे चुदाई की बात तो कीजिएगा, लेकिन मेरी चूत मत मांगिएगा.

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