लेडी कस्टमर को चोद कर गर्भवती किया

अन्जान लेडी के साथ इस तरह कुछ करने में मुझे भी डर सा लग रहा था लेकिन हम दोनों घर में अकेले थे और मेरा मन उस अकेलेपन का फायदा उठाने के लिए कर रहा था. वो भी मेरे पूरे बदन को बहाने से देख रही थी. समझ तो मैं गया था कि इसकी चूत में भी कुछ हलचल मची हुई है.

हिम्मत करके मैंने उसका हाथ पकड़ लिया.
उसने थोडी़ हैरानी से मेरी ओर देखा मगर विरोध जैसे कोई भाव नहीं थे. मैं अपने होंठों को उसके होंठों के पास ले गया तो उसकी सांसें तेज हो गयीं. मैं समझ गया कि आग दोनों तरफ ही लगी हुई है.

फिर मैंने उसे पकड़ा और दीवार से उसको सटा कर उसके होंठों को चूसने लगा. वो अपने घुटनों को मेरे पैरों के बीच में रगड़ने लगी. मेरा लौड़ा खड़ा हो गया. मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी पैंट की चेन के ऊपर रखवा दिया जिससे उसको मेरे लंड की लम्बाई का अहसास हो गया.

वो कहने लगी- छोड़ो न.. आह्ह … क्या कर रहे हो आप … ऐसा मत कीजिए न … आह्ह … प्लीज।
मैं जानता था कि वो नाटक कर रही थी. चाहती तो वह भी यही थी. जिस तरह से पहली ही चैट में उसने आई लव यू बोल दिया था तो फिर शंका का स्थान तो कहीं था ही नहीं.

मैं उसको बेतहाशा चूमता रहा. कभी उसके होंठों को, कभी उसके गालों को, कभी उसकी गर्दन को, तो कभी उसकी चूचियों पर किस कर रहा था. फिर मैंने अपने हाथों को उसके चूचों पर रख दिया. आह्ह … क्या दूध थे उसके! मज़ा ही आ गया उसके दूधों को सहला कर.

उसके दूधों को मैंने कपड़ों के ऊपर से ही पीना शुरू कर दिया.
वो कहने लगी- जरा रुक भी जाओ, मैं कहीं नहीं जा रही.
मगर मैं कहां रुकने वाला था. मेरे अंदर कामवासना के समुद्र में एक ज्वार फूट चुका था जो रुकने का नाम नहीं ले रहा था.

मुझे उसने जबरदस्ती रोकते हुए पीछे धकेला और हांफते हुए पूछने लगी- अच्छा, ये तो बताओ, कितनी देर तक रुकोगे?
मैंने कहा- आज की ये रात तुम्हारे ही नाम है डार्लिंग.

मेरे मुंह से ये बात सुन कर वो खुश हो गयी. उसने मुझे गाल पर एक गर्म चुम्बन दिया और फिर किचन में चली गयी. वो ऑमलेट बना कर ले आई. मेरे सामने रख दी उसने ऑमलेट.

मैंने उसमें से थोड़ी ही खाई. मैं तो उसकी चूत चोदने के लिए बेसब्र हो रहा था और उसको मेरी भूख की पड़ी हुई थी.
यार, अगर सामने एक मस्त माल चुदने के लिए तैयार हो तो ऐसे में भला खाने और भूख मिटाने का होश किसे रहता है. मैं तो बस उसकी चूत चोदने के लिए तड़प रहा था.

उसको पकड़ कर मैं बेड पर ले गया. वो रोकने लगी तो मैंने उसे गोद में उठा लिया. हालांकि वो देखने में मेरे से ज्यादा भारी भरकम थी मगर आप तो जानते ही हो कि जब चूत मिलने वाली हो तो लौंडों में ये ताकत तो अपने आप ही आ जाती है.

बेड पर लिटा कर मैं उसके होंठों को चूसने लगा और उसके दूधों को दबाने लगा. कुछ ही देर में वो पूरी तरह से गर्म हो गयी. अब उसने खुद ही मेरे कपड़ों को खोलना शुरू कर दिया. साथ ही मैं भी उसके कपड़ों को खोलने लगा.

उसने मेरी शर्ट उतारी तो मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया. उसने मेरी पैंट उतारी तो मैंने उसका पेटीकोट निकाल दिया. अब मैं अंडरवियर में था और वो ब्रा और पैंटी में थी. मैंने झपट कर उसकी ब्रा को खींच कर उसकी चूचियों से आजाद कर दिया.

उसकी मोटी मोटी चूचियां एकदम से हवा में झूल गयीं. मैंने उसकी चूचियों को अपने हाथों में भर लिया और पीने लगा. एक दो मिनट तक तो वो सिसकारते हुए अपने दूध मुझे पिलाती रही. मगर फिर उसने मुझे पीछे की ओर धकेला और फिर मेरे अंडरवियर को निकाल दिया.

मेरा लौड़ा फनफनाकर उछलता हुआ बाहर आ गया. तभी मैंने उसकी पैंटी को भी खींच दिया. उसकी चूत भी नंगी हो गयी. उसकी चूत पर बाल थे. मगर उसके गोरे बदन पर उसकी बालों वाली चूत बहुत ही सेक्सी लग रही थी.

अब हम दोनों ही पूरे के पूरे नंगे थे. वो मेरे लंड को देख रही थी और मैं उसकी चूची और चूत को निहार रहा था.
मेरे लंड को निहारने के बाद उसने एकदम से कहा- बाप रे! ये तो बहुत बड़ा है.

उसके मुंह से अपने लंड की तारीफ में ये शब्द सुन कर मुझे गर्व सा महसूस हुआ. मुझे उस दिन इस बात का यकीन हो गया कि मैं किसी भी साइज की औरत को संतुष्ट कर सकता हूं. उस समय मेरा लंड 6.5 इंच का था. अब मेरे लंड का साइज 7 इंच से ऊपर हो चुका है.

वो बोली- मैं तो इतने बड़े लंड को अपनी चूत में नहीं ले पाऊंगी.
उसने कहा- आज केवल मैं इसको चूस कर शांत कर देती हूं. मेरी नीचे वाली (चूत) को तुम फिर कभी ले लेना.

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