मामा की बेटी की चूत चुदाई

फिर मैंने अपने हाथों से उसकी चूत के होंठों को अलग किया तो पाया उसकी चूत से पानी निकल रहा था। मैंने उसका एक पैर साइड पर सरका कर उसकी जांघों को चौड़ा किया और उसकी नाज़ुक चूत पर अपना लंड रख दिया.
हाय क्या गर्म चूत थी उसकी. आज मेरे घर का माल मेरे हाथ में था। मैंने मुँह से थूक निकाला और उसकी बुर के होंठों को पूरा गीला कर दिया और मेरा सुपारा उसकी मासूम कली की चूत के मुँह में लगा कर धीरे से ज़ोर लगाया. उसकी चूत ने जगह दे दी और मेरा आधा सुपारा उसकी चूत में फंसा दिया।

अब लौड़े ने अपनी जगह निशाने पर ले ली थी। मैंने ज़ोर से एक धक्का मारा.. उसकी कराह ‘आह्ह..’ निकल गई। मेरा आधा लण्ड शगुन की चूत में समा चुका था। तो मुझे साफ पता लग गया कि मेरी बहन पहले भी अपनी चूत चुदवा चुकी है.

फिर मैं जरा रुक गया.. उसके रसीले स्तन सहलाने लगा उसकी चूत तथा उसकी चूत के बालों में उंगली सहलाने लगा. शगुन की चूत में मेरा आधा लण्ड फंसा हुआ था. मैं उसका पेट, नाभि, स्तन सहलाता रहा और अपने लौड़े को धीरे-धीरे हिलाता हुए अंदर भी रहा। इस तरह मैंने पूरा लण्ड अपनी बहन की चूत में धकेल दिया.

मामा मामी बाहर सोये हुए थे और मैं अपने उनकी बेटी की चूत में अपना पूरा लंड घुसा चुका था. उसकी चूत ने मेरे लण्ड को जकड़ लिया था. मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरी बरसों की तमन्ना पूरी हो गयी हो।

अब मैंने हल्के हल्के झटके मारने शुरू कर दिए. शगुन की धीमी धीमी सिसकारियां निकल रही थी लेकिन वो अभी भी सोयी हुई का नाटक कर रही थी. लेकिन उसकी गीली गर्म चूत बता रही थी कि मेरी बहन की चूत को भी के लंड से मजा मिल रहा है.
क्या मस्त चूत थी शगुन की..! मुझे बहुत मजा मिल रहा था.. मैं उसकी चिकनी चूत और चूचों को सहलाता गया और चूत में धक्के मारता गया और वो भी मजे लेती रही!

फिर मैंने उसको अपनी बांहों में लेकर दूसरी तरफ मुँह करके से एक करवट से लिटाया. मैंने अपने लण्ड पर ढेर सारा थूक लगाया. उसके कूल्हों को मेरी तरफ खींच कर बाहर को निकाला, फिर उसको पास करके लण्ड को चूत के छेद पर रखकर धक्का मारा और अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में फिर से फंसा दिया।

अब मैंने उसकी टीशर्ट को पूरा उतार दिया और फिर अपनी को भी. मैं उसको बांहों में लेकर चूमता हुआ उसे पीछे से हचक कर चोदने लगा।
अब उसे भी मज़ा आ रहा था और वो मुंह से आह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह्ह करने लगी. अब उसके सोये होने के नाटक का भी अंत हो चुका था.

मैंने उसकी चूत में अपना लंड दस मिनट तक अन्दर बाहर किया! वो अकड़ने लगी थी जिससे मुझे अहसास हो रहा था कि शायद वो झड़ने वाली है. और उसी टाइम वो झड़ गयी और मुझे उसका रस अपने लंड पर महसूस होने लगा क्योंकि अब लंड और आसानी से अंदर बाहर हो रहा था.

फिर मैंने देर न करते हुए उसके दोनों स्तनों को पकड़ कर आख़िरी धक्के मारे जोर लगा कर और ढेर सारा वीर्य उसकी चूत में गिरा दिया।

और सच में नहीं बता सकता, क्या मजा आ रहा था मुझे, आज मैंने अपनी एक पुरानी इच्छा पूरी की थी मैं अत्यधिक प्रसन्न था. मैंने अपना लंड चूत में से बाहर खींच लिया और बहन को सीधी करके उसके होंठों को चूमने लगा.
मैंने उससे पूछा- शगुन, मजा आया?
उसने गर्दन हिला कर हाँ में जवाब दिया. उसके बाद हम दोनों ने कुछ बातें की और फिर मैंने एक राउंड और मारने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया।

अब शगुन मेरे लंड का स्वाद चख चुकी थी तो कोई चिंता की बात नहीं थी अब तो रास्ता खुल चुका था, मुझे पता भी चल चुका था कि मेरी बहन चालू किस्म की है. अब तो वो जब चाहे मुझे हासिल होने वाला माल बन चुकी थी।

फिर मैंने उसको दो दिन तक अच्छे से चोदा और हम दोनों ने बहुत मजे लिए एक दूसरे के!
और उसके बाद जब भी वो हमारे घर आती तो मैं उसको पूरी रात चोदता!

फिर कुछ टाइम बाद उसकी शादी हो गयी और फिर मैं उसको कभी नहीं चोद पाया उसके बाद!
मेरी लाइफ कीमें रिश्तेदारी में शगुन सिर्फ ऐसी लड़की थी जिसके साथ मैंने सेक्स किया. उसके अलावा मैंने और कई रिश्तेदारी वाली लड़कियों पर ट्राई किया लेकिन कोई और चूत नहीं मिली मुझे रिश्तेदारी में!
और उससे पहले मैंने अपनी एक गर्लफ्रेंड को चोदा था. वो कभी और बताऊँगा.

तो दोस्तो, आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी, मुझे जरूर बताना ईमेल करके … और कुछ गलती हो गयी हो तो वो भी बताना ताकि आगे कभी कोई स्टोरी होगी तो ध्यान रख सकूँ!
धन्यवाद.

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