मस्तराम जवानी चुत चुदाई

फिर मैंने और हिम्मत करके अपना हाथ उसकी कमर से टॉप के अन्दर डाल दिया और उसकी दूधों को सहलाने लगा.

सरिता मेरी तरफ पलटी और मुझसे कहा- यह तुम क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- क्या तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा है?
उसने कहा- नहीं नहीं … मुझे तो बहुत अच्छा लग रहा है.
फिर मैंने उसके होंठों को किस किया और वह भी मुझे पागलों की तरह किस करने लगी. उसने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल कर पूरे मुँह में चारों तरफ घुमाई और धीरे-धीरे उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया और उसे हिलाने लगी.

उसके कोमल हाथों के स्पर्श से मेरा लंड एकदम टाइट हो गया. मैंने अपना पजामा और टी-शर्ट उतार दी और उसका टॉप और जींस भी उतार दी. अब वह सिर्फ पैंटी में थी.
मैंने उससे कहा- मेरा लंड चूसो.

उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगी. मैं तो दूसरी दुनिया में ही पहुंच गया था. मैं एक हाथ से उसका दूध दबा रहा था और दूसरे हाथ से पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहला रहा था. फिर मैंने उसकी पैंटी उतार दी और पहली बार मैंने उसकी कोमल चूत के दर्शन किए.
मैं अपनी जीभ से उसके निप्पल पर घुमाने और अपने हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा.

वह इतने जबरदस्त तरीके से मेरे लंड को चूस रही थी कि मेरे शरीर में अजीब सी सनसनी होने लगी. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मैंने उसे बेड पर लिटाया और अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखा. उसके होंठ अपने मुँह में ले लिए और उसे किस करने लगा. फिर मैंने एक धक्का मारा तो उसकी चीख निकल गई, वह रोने लगी.

पर मेरा अभी आधा लंड ही अन्दर गया था और उसकी चूत से खून निकल रहा था. मैंने उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और आधे अन्दर गए, लंड से आगे पीछे करने लगा. कुछ देर बाद वह थोड़ी नॉर्मल हुई. मैंने फिर से एक जबरदस्त धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया. वह फिर दोबारा से चिल्लाई, इस बार वह मुझे हटाने की कोशिश करने लगी. पर मैंने उसे जकड़ रखा था और वह मेरी पकड़ से छूट नहीं पाई. मैं ऐसे ही उसे ऊपर पड़ा रहा और उसे किस करता रहा.

कुछ देर बाद वह शांत हो गई और मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा. उसे भी आनन्द आ रहा था क्योंकि वह सिसकारियां भर रही थी और कह रही थी- आह … और तेज करो … मुझे बहुत मजा आ रहा है.
मैंने अब अपने धक्के मारने की स्पीड तेज कर दी थी. पूरे कमरे में हमारी चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं.

धीरे धीरे मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं उसकी चूत के अन्दर झड़ गया. वह भी मेरे साथ ही झड़ चुकी थी. मैं कुछ देर उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा. कोई 15:20 मिनट बाद मैं फिर से तैयार था. हमने एक बार फिर सेक्स किया. उसके बाद हम दोनों बाथरूम में एक साथ नहाए और फिर सो गए.

उसके बाद यह हमारा रोज का काम बन गया. मैंने उसे लगातार 4 साल तक चोदा, पर अब उसकी शादी हो गई है. लेकिन वह हर साल गर्मियों की छुट्टियों में अपने मायके आती है. तब हम किसी ना किसी होटल में मिलते हैं और सेक्स का आनन्द लेते हैं.

तो यह है मित्रो, मेरी सच्ची कहानी. मैं आशा करता हूं मेरी यह कहानी आप सभी लोगों को पसंद आएगी. प्लीज मेरी कहानी के बारे में अपने कमेंट, अपनी राय मुझसे जरूर शेयर करें. प्लीज मुझे ईमेल करना ना भूलें. मुझे आप लोगों के ईमेल का इंतजार रहेगा. अगली बार मैं एक और मस्तराम कहानी लेकर आऊंगा धन्यवाद.

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