मौसी की बेटी की चूत चुदाई की वो हसीन रात

कुछ ही देर चूसने के बाद उसने मेरे लन्ड को बाहर निकाल दिया और बोली- मुझसे न होगा!
तो मैंने भी जोर नहीं दिया।

अब बारी मेरी बहन की चूत चुदाई की थी तो कुछ देर उसे चूमने और फिर से गर्म करने के बाद मैंने थोड़ा सा थूक अपने लन्ड और उसकी चूत पे लगाया और लन्ड का सुपारा पकड़ कर उसकी चूत पे रगड़ने लगा.

मेरी बहन कामवासना से पागल सी हो गयी और कमर ऊपर उठाकर मेरे लन्ड को अपनी चूत में लेने की नाकाम कोशिश करने लगी.
कुछ ही देर में वो गिड़गिड़ाते हुए मुझसे बोली- अब इंतज़ार नहीं होता भाई… डाल दे अपना लन्ड मेरी चूत में!

उसे कुछ देर ऐसे ही उसे तड़पाने के बाद मैंने अपने लन्ड का सुपारा बहन की चूत के मुंह पे फंसाया. मुझे पता था कि हम दोनों का पहली बार है तो इसलिए मैं उसके मुंह को अपने मुंह में लेकर चूमने लगा और अचानक ऐसे ही उसे चूमते हुए एक जोर का धक्का लगाया, मेरा लन्ड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया.

मैंने अपनी कमर को पीछे खींचकर फिर से एक जोरदार धक्का लगाया, इस बार मेरा लन्ड उसकी चूत की सील तोड़ते हुए उसकी चुत में और अंदर घुस गया और उसकी एक बहुत जोर की चीख मेरे मुंह में ही रह गयी, उसकी आंखों में आंसू आ गए थे।

मैं रुक गया, मेरे भी लन्ड पर भी जलन हो रही थी लेकिन उस वक़्त चुदाई के आगे मुझे कुछ भी नहीं दिख रहा था, मैं उसकी चूचियों को पकड़ कर फिर से दबाने व चूसने लगा. जब उसका दर्द कम हुआ तो मैं अपने लन्ड को फिर से आगे पीछे करने लगा और बहन की चुदाई शुरू की.

धीरे धीरे मेरा लन्ड उसकी चूत में रास्ता बनाते हुए पूरा अंदर तक चला गया और अपनी जगह बना ली। अर्चना के चेहरे पर दर्द और खुशी का मिलाजुला एहसास दिख रहा था क्योंकि अब उसे भी मज़ा आना शुरू हो गया था, अब तो वो भी पूरे मज़े ले कर चूत ऊपर उठा उठा के चुदाई का मज़ा ले रही थी और मैं उसकी चूचियों को पकड़ कर उसकी चुदाई किये जा रहा था।
उसके मुंह से आह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… फक… आह… फक की सिसकारियों के साथ ‘और जोर से… फाड़ दे मेरी चूत को… और ज़ोर से डाल… फाड़ डाल मेरी इस चुत को… बहुत परेशान किया है इसने मुझे…’ बोले जा रही थी.

मैं भी अपनी बहन की बातें सुनकर और जोश में चुदाई कर रहा था.

करीब 15 मिनट की ताबड़तोड़ और जबरदस्त चुदाई के बाद अर्चना का शरीर अकड़ने लगा और वो अपने चरम पे पहुँच कर झड़ने लगी और उसके कुछ ही देर धक्के लगाने के बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने अपना लन्ड बाहर निकाल लिया और सारा माल अर्चना के पेट के ऊपर गिरा दिया।

कुछ देर बाद वो उठी फर अपना पेट और चूत एक कपड़े से साफ किया और बाथरूम की तरफ चल दी. वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी तो मैं उसे सहारा देकर ले गया, फिर हम भी बहन ने एक दूसरे को साफ किया और वापस आ गए।

वापस आने के बाद हम भाई बहन बाक़ी पूरी रात एक दूसरे को चूमते चाटते रहे. मेरी बहन मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाती रही, मैं अपनी बहन की चूत में उंगली से सहलाता रहा. चूत में उंगली डालने से उसे दर्द भी हो रहा था. उस पूरी रात मैंने अपनी बहन की चूचियां और होंठ चूसता रहा. चुदाई के बाद ये सब करके हम भाई बहन काफी थक गए थे इसलिए हम अपने अपने कपड़े पहन कर एक दूसरे को किस करके सोने लगे तो मेरी बहन ने कहा- भाई, तू जाकर बड़े भाई के पास ही सो जा!

मुझे भी यह बात ठीक लगी और मैं उठ कर अर्चना के बड़े भाई के पास आकर सो गया.

अगली रात हमने 3 बार अलग अलग पोज में मस्त चुदाई की. उस रात भी हम अलग कमरे में चले गए थे. दूसरी रात मैं अर्चना की चूत का भुर्ता बनाता रहा.

उसके बाद कई बार जब भी हमें मौका मिलता, हम चुदाई कर लेते हैं, वो रात मेरी जिंदगी की सबसे हसीन और सबसे खूबसूरत रात थी, मैं उस रात को में कभी भी नहीं भूल सकता।

मेरी बहन की चूत चुदाई की कहानी कैसी लगी आपको? जरूर बताएं मुझे… आपके मेल्स का इंतजार रहेगा! आशा करता हूँ कि आप मुझे और कहानियां लिखने के लिए प्रेरित करेंगे.
मैं अपना निजी ईमेल नहीं दे सकता था तो आपसे सम्पर्क के लिए एक नई ईमेल बनाई जो ये है.
अपने ख्याल और सुझाव जरूर बताइएगा।
धन्यवाद.

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