मौसी को उंगली करते देखा

लेकिन फिर मेरे बार बार मनाने पर वो मान भी गई। अब पहले मै उठकर आराम से धीरे धीरे घर के पीछे बने एक कमरे में आ गया।

यह कमरा मामा जी ने अभी अभी बनवाया था। इस कमरे में वो घर का बेकार सामान लाकर रखते थे। मैने पहले कमरे में जाकर देखा, और सोने लायक जगह बना ली।

वहीं से एक कपडा उठाकर मैने उसे जमीन पर बिछा दिया, और अब मौसी के आने का इंतजार करने लग गया। कुछ देर बाद, मुझे किसी के चलने की आहट सुनाई देने लगी।

वह मौसी के पैरों की आवाज थी, अगले ही पल मौसी भी उस कमरे में घुस गई। मौसी ने कमरे में घुसते ही पहले कमरे का दरवाजा अच्छे से बंद कर दिया।

उन्होंने दरवाजा बंद करते ही मैने पीछे से जाकर उन्हें हग कर लिया। जैसे ही मैने उन्हें हग किया, उन्होंने भी मेरा साथ देते हुए मेरे हाथों पर अपने हाथ रखते हुए अपना एक हाथ नीचे ले जाकर मेरे लंड को टटोलने लगी।

मैने भी उन्हें पलटा दिया और दरवाजे से उन्हें सटाकर अब मैने अपने होंठ उनके होठों पर रख दिए। अब मै उनके लबों का रसपान कर रहा था।

तो मौसी ने मुझसे कहा, “आज रात के लिए मै तेरी रखैल हूं, मुझे एक रंडी की तरह चोद। आज मुझ पर कोई रहम मत दिखाना।”

मैने बस हां मे अपना सर हिलाते हुए उनके स्तनों को मसलना चालू रखा। अब मैने नीचे झुककर उनके गाउन को ऊपर उठाते हुए उसके बदन से अलग ही कर दिया।

मैने अब मौसी से कहा, “क्यों रंडी अब बोल, मेरा लंड कहां लेगी? पहले मुंह मे डालूं या तेरी गांड में?”

इस पर वो बोलने लगी, “पहले तो मै तेरे लंड को चूसकर गिला कर दूंगी, उसके बाद तू अपनी मर्जी से जहां डालना हो डाल देना।”

इतना बोलकर मौसी मेरे सामने अपने घुटनों के बल बैठ गई। नीचे बैठते ही उसने मेरे पजामा के ऊपर से मेरे लंड को सहलाते हुए मेरे पजामे का नाडा खोल दिया।

अब मेरे पजामे का नाडा खोलने से पजामा नीचे खिसक गया। पजामा नीचे जाते ही उसने मेरी चड्डी को भी खींचकर उतार दिया। और मेरे नंगे लंड को अपने हाथ मे लेकर अच्छे से सहलाया।

फिर गपाक से मेरे लंड को उसने अपने मुंह मे भर लिया। अब वो मेरे लंड को मुंह मे भरकर लॉलीपाप की तरह चूसने लगी थी।

कुछ देर लंड चूसने के बाद, वो उठ गई, और जो मैने कपडा बिछाया था, उस पर जाकर लेट गईं। उसके लेटते ही मैने उसके पास जाकर उसके पैर अपने कंधे पर ले लिए और अपना मुंह उसकी चुत पर टिका दिया।

अब मै उसकी चुत का रसपान करते हुए अपनी जीभ से उसकी चुत का चोदन कर रहा था।

अब वो अपनी कमर उछाल रही थी, तो मैने पहले उसकी चुत में लंड डालना ही सही समझा। तो मैने अगले ही पल उसके ऊपर चढते हुए, अपने लंड को हाथ मे पकडकर उसकी चुत पर टिका दिया।

अब हम दोनों ही चुदासी हो चुके थे। मैने फिर एक जोर के धक्के के साथ पूरा लंड एक ही झटके में उसकी चुत में उतार दिया। उसकी चुत भी आसानी से मेरा लंड गटक गई। अब मै उसे गपागप चोदने लगा।

मौसी भी मेरा साथ दिए जा रही थी। कुछ ही देर बाद हम दोनों ने ही अपना वीर्य निकाल दिया। वीर्य निकलने के बाद, हम दोनों वापस अपनी अपनी जगह पर जाकर सो गए।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, हमे कमेंट करके जरूर बताइए। धन्यवाद।

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