मेरे मामा की लड़की मेरी दिलबर

थोड़ी देर में उसके मुँह में ही अपना पानी निकाल दिया और पूरा पानी उसने पी लिया. मैं हाँफ रहा था और कोमल ने मेरे सारे वीर्य को अपने अंदर गटक लिया था. मेरा लंड बिल्कुल खाली हो गया था और मुझे थकान सी महसूस होने लगी थी.

कोमल के साथ मेरा वह पहला अनुभव था वीर्य छोड़ने का. और थक कर कुछ देर हम ऐसे ही आंखें बंद करके एक दूसरे की बांहों में पड़े रहे.

जोश में जो होना था वह सब हो चुका था. मैं भी कुछ सोच रहा था और कोमल भी कुछ सोच रही थी. कोमल का तो पता नहीं लेकिन मैं अंदर से काफी खुश था. मेरा सपना पूरा होने से कम नहीं था यह सब.

तभी मेरे पापा का कॉल आया, उन्हें मार्किट ले कर जाना था. मैं फटाफट कपड़े पहन कर उसे किस करके वहाँ से वापस अपने घर पर पापा को मार्केट ले जाने के लिए आ गया. और रास्ते भर ये सोचता रहा कि कहीं ये सपना तो नहीं था. कोमल के साथ जो भी हुआ क्या वह सच में हुआ है. मुझे अभी भी यक़ीन नहीं हो पा रहा था कुछ वक्त पहले बीती उस घटना पर.

उस शाम को मैं अपने ही ख्यालों में खोया हुआ था. मन में काफी खुशी थी. एक अजीब सी खुशी थी जिसको मैं शायद शब्दों में नहीं कह पा रहा हूँ।

उसी वक़्त कोमल का मैसेज आया- जानू, आज पहली बार किसी ने मुझे इतना प्यार किया है; आज से मैं तुम्हारी हो गई हूँ.
उसका यह मैसेज पढ़कर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा. उसने अपनी तरफ से लाइन क्लीयर कर दी थी. उस दिन मेरे मन में लड्डू फूटने लगे थे और मैं ख़ुशी से उसकी चुदाई के सपने देखने लगा.

उसके बाद मैंने किस तरह कोमल की चुदाई की. वह आपको कहानी के अगले भाग में बताऊंगा. आपको यह कहानी पसंद आई या नहीं, आप मुझे मेल ज़रूर करिएगा.

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