मुझे इंग्लीश की ट्यूशन चाहिए

कुछ ही देर मे आंटी बाथरूम से नहा कर वापिस आ गये. मैं उनको देखता ही रह गया. क्या लग रही थी रोमा आंटी उन्हे देख कर मेरा दिमाग़ खराब सा हो गया. आंटी के गिल्ले बाल उनकी कमर पर चिपक रहे थे. और एक तो वो पहले से ही इतनी गोरी है पर जब वो नहा कर आई तो और भी ज़्यादा गोरी लग रही थी. उन्हे देख कर मेरा दिमाग़ सा खराब होने लग गया. उन्होने एक पतला सा वाइट कलर का सूट डाला हुआ था. जिसमे से उनके मोटे मोटे सॉफ नज़र आरहे थे.

आंटी ने जब मेरे हाथ वो बुक देखी तो वो बोली ये तुम्हे कहा से मिल गई. मैने कहा आंटी मैने अदिति के रूम से ली है क्यो ये इंग्लीश की बुक नही है क्या. आंटी बेटा ये इंग्लीश की ही बुक है पर ये बडो के लिए है. ये कहते ही उनकी नज़र मेरे खड़े लंड पर गई उनकी नज़र वहीं पर जाम गई और उनके मूह मे पानी भरने लग गया. मैने पूछा आंटी इसका क्या मतलब होता है आंटी वॉंट अ बिग कॉक.

आंटी बेटा मुझे लगता है अब तुम्हारा भी कॉक बड़ा हो गया है चलो मेरे साथ बेडरूम मे सब कुछ अच्छे से बताती हूँ मैं. मैं जान कर बोला आंटी पर मेरे पास तो मुर्गा नही है जो की बड़ा भी हो. आंटी हसने लग गई और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बेड रूम मे ले गई. फिर आंटी ने कहा बेटा कॉक मतलब है लंड अब तुम मुझे देखो तुम्हारा कॉक यानी लंड कितना बड़ा है. मैने कहा आंटी वो तो बहोत छोटा है अभी.

आंटी ने खुद ही मेरी पैंट उतार दी और मेरा अंडरवियर भी. जब उन्होने मेरा 10 इंच का लंड देखा तो उनके मूह से एक ही लाइन निकली. तेरी मा की चूत इतना बड़ा लंड वाह आज तो मज़ा ही आ जाएगा. साले तू मुझसे झूट बोल रहा था की तेरा लंड बहोत छोटा है. बेटा तेरे लंड मे से तो तेरे पापा और तेरे अंकल के लंड को मिला कर भी ना बने, तेरे जैसा लंड. तू तो अपने बाप का भी बाप निकला.

उसके बाद मुझे कुछ करने की ज़रूरत नही पड़ी. आंटी ने मुझे पूरा नंगा कर दिया और खुद भी पूरी नंगी हो गई. वो नीचे ज़मीन पर बैठ गई और मेरा लंड नीचे बैठ कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गई. उनके चूसने का अंदाज सच मे बहोत ही कमाल का था. क्योकि जब भी वो मेरा लंड अपने मूह मे लेती थी. तब उनकी जीब मेरे लंड को बाहर आकर नीचे से चट्टी थी.

मेरा लंड बड़ा तो है ही था इस लिए वो उनके मूह मे पूरा कभी भी नही जा सकता था. पर मैं हरामी बन गया था मैं जैसे तैसे अपना 7 इंच का लंड उनके गले मे तो उतार ही देता था. आंटी मेरा बड़ा लंड गले मे नही ले पाती थी. लंड चूसने के बाद मैने उनके बाल पकड़े और बेड पर गिरा दिया. मैने उनके दोनो बूब्स को करीब 15 मिनिट अपने दातो से काटा. जिससे उनके बूब्स गोरे से लाल हो गये.

दोनो बूब्स को काफ़ी अच्छे से चूसने के बाद मैं उनके उप्पर 69 की पोज़िशन मे आ गया. मैने उनकी गुलाबी चूत को ज़ोर-ज़ोर से चाटने लग गया. कुछ ही देर मे उनकी चूत ने मेरी जीब के उप्पर अपना सारा पानी निकाल दिया. कसम से गरम गरम पानी पी कर मज़ा ही आ गया था. उसके बाद आंटी लंड के लिए तड़पने लग गई. मैने भी देर नही करी.

मैं बेड के नीचे खड़ा हो गया और आंटी को बेड के किनारे ला कर उनकी दोनो टाँगे खोल दी. और अपना लंड चूत पर सेट करके एक जोरदार धक्के से चूत मे 5 इंच लंड घुसा दिया. आंटी अपने होंठो को अपने दांतो मे दबा कर अपनी आवाज़ को बाहर नही आने दिया. उनके दर्द का पता मुझे उनके चेहरे से सॉफ पता चल रहा था. पर मुझे उनके दर्द से कुछ नही लेना था. मैं अपने घर से ही ये सोच कर आया था की आज आंटी की चूत फाड़ देनी है.

तभी मैने एक और धक्का इस धक्के मे मेरा लंड 2 इंच तक और घुस गया. चूत काफ़ी टाइट थी अब मैने अपना पूरा लंड वापिस निकाल लिया और आंटी की चूत पर थूक लगा कर. थोड़ा सा लंड सेट किया और आंटी की आँखों मे आँखें डाल एक बहोत ज़ोर से धक्का मारा जिससे मेरा 10 इंच जड़ तक पूरा चूत मे समा गया.

जैसे ही लंड अंदर गया आंटी की तो मानो जान ही निकल गई. आंटी की दोनो आँखें खुली की खुली रह गई. और मूह भी खुला का खुला रह गया. उनकी आँखो मे से आँसू बाहर आ गये. और वो 2 सेकेंड बाद ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लग गई. ओ मा के लोडे साले हरामी आराम से चोद ले मैं कोई रंडी नही हूँ, जो तू मुझे एक जानवर की तरह चोद रहा है.\

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