मम्मी की गांड चोदने का सपना एक दिन सच हुआ

मैं नाश्ता कर के कोलेज जा रहा था तो माँ ने फिर से मुझे लिप किस दे दी और बाय कहा. मैं कोलेज तो गया लेकिन वहां ध्यान नहीं लग रहा था. मैं आज भी कोलेज से जल्दी ही आ गया और मम्मी को हग कर लिया.मैं चेंज कर के आया तो हॉल से मम्मी किचन में थी वो देखा. मम्मी की बिग एस को देख के अब मेरे से रुका नहीं जा रहा था. मैं किचन में गया और मम्मी को पकड लिया पीछे से. वो बोली रुको मुझे काम तो कर लेने दो. मैं वापस चला आया हॉल में.फिर वो किचन से आधे घंटे के बाद आई और मेरे पास सोफे के ऊपर बैठी. मैंने उसे पकड़ के अपनी गोदी में बिठा लिया. मेरा लंड की एसहोल को टच हो रहा था साडी के ऊपर से ही. मैंने उसके बूब्स मसले और ब्लाउज को खोला और फिर बूब्स को चुसे. फिर मैंने माँ की साडी खोली और पेंटी भी निकाली. फिर माँ खुद ही कुतिया बन गई मेरे सामने. मैंने जैसे ही लंड को गांड के छेद पर लगाया वो बोली, ये क्या कर रहे हो?

मैंने कहा, मम्मी आप की गांड मारनी हे!

वो बोली, पीछे तो बहुत दर्द होगा.

मैंने कहा, मम्मी मैं तो एक जमाने से आप की गांड मारने की फेंटसी में ही जी रहा था, अब मौका मिला हे तो प्लीज मना मत करो मुझे. वो मान गई. जैसे ही मैंने एक झटका दिया वो दर्द से बेहाल हो के छटपटा उठी. लंड गांड में घुसा नहीं लेकिन फिसल गया. वो बोली, अंदर से तेल ले आओ.

मैं किचन में गया और शीशी से कुछ तेल एक रकाबी में लिया और अपने लंड के ऊपर लगाया. फिर मैंने माँ की गांड के ऊपर भी लगा दिया. फिर उसने अपने कुल्हे खोले और मैंने लंड को डाला तो अब की सुपाड़ा अन्दर चला गया चिकनाहट की वजह से.वो छटपटा रही थी और गांड के और मेरे लंड के बिच में उसने हाथ रखा था ताकि मैं राक्षसी चुदाई न कर दू उसकी. मैंने भी पहले धीरे धीरे किया और आधा आधा इंच कर के लंड को पूरा गांड में भर दिया. एक जमाने के बाद माँ की गांड मारने की फेंटसी पूरी हुई थी आज. उसकी गांड बड़ी सख्त थी और गरम भी.

फिर मैं अपने लंड के धक्के लगा के माँ की गांड मारने लगा था. माँ अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह ओह करती गई और 10 मिनिट तक मैं उसे पेल के हिलाता रहा.फिर मेरे लंड से बहुत सब वीर्य निकला माँ की गांड में ही. उसने जैसे पाद मारी हो वैसे गेस छोड़ा और वीर्य के छींटे मेरी जांघो पर भी आ गिरे! मैंने मम्मी को हग कर लिया डौगी पोज़ में ही और उसके माथे को पीछे कर के उसके होंठो के ऊपर लिप किस दे दिया. मैं आज बहुत खुश था माँ की गांड मार के.दोस्तों अब मेरी मम्मी मेरी रंडी होती हे जब भी हम दोनों अकेले हो घर पे. मैं आज भी अपनी माँ की बिग एस में अपना लंड डालता हूँ!

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