एक नवविवाहिता की सेक्स समस्या

मुझे यह सब करते हुए देखकर वे बहुत उत्तेजित हो रहे थे, यह उनके हावभाव से ही जाहिर हो रहा था.

और जब मैं मात्र पैंटी और ब्रा में रह गई तो उनका सब्र जवाब दे गया और उन्होंने मुझे पलंग पर घसीट लिया और पटक दिया.
यह थोड़ा अजीब लगा मुझे … लेकिन मैं चुप रही.

उसके बाद उन्होंने मेरी अंडरवियर को लगभग खींचते हुए मेरे जिस्म से अलग किया. यह भी मुझे अच्छा नहीं लगा. मैं सोचे बैठी थी कि सब कुछ बहुत नजाकत और प्यार से होगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
मेरी ब्रा भी लगभग इसी तरह से अलग कर उन्होंने मुझे पूर्णतया लग्न किया.

कमरे में बहुत तेज रोशनी थी और मुझे सब कुछ अजीब लग रहा था. मैंने बहुत मिन्नतें की लाइट बंद करने की या फिर कम करने की लेकिन उन्होंने नहीं सुना.

मुझे यह अजीब लग रहा था कि उन्होंने अपनी कोई कपड़े नहीं उतारे थे और मैं पूर्णतया निर्वस्त्र हो चुकी थी.
और एक बात … उन्होंने मेरे सिर्फ कपड़े ही उतरवाए; शादी की भारी भरकम और बहुत सारी ज्वेलरी मेरे जिस्म पर ज्यों की त्यों थी जिसे उन्होंने अलग नहीं करने दिया.

इसके बाद उन्होंने मेरे दोनों हाथ सिर के ऊपर रखवा दिए और मेरे पैरों को भी फैला दिया. मुझे बहुत शर्म आ रही थी और थोड़ा घबरा भी रही थी कि ना जाने यह बंदा क्या करने वाला है.

शादी के पहले जैसा कि लड़कियां करती है मैंने 1 महीने का बॉडी ट्रीटमेंट लिया था. मेरे समूचे जिस्म पर एक बाल भी नहीं था. मैंने अपनी बगल की और अपनी योनि पर भी वैक्सिंग से हेयर रिमूव करवाई थी.

तेज रोशनी में मेरा जिस्म चमक रहा था और मैं बहुत कसमसा रही थी. एक तो ड्रिंक का नशा और ऊपर से पूर्णतया निर्वस्त्र होने के बाद मेरे जिस्म में भी वासना की आग सुलग गई थी.
मेरा मन कर रहा था कि ये मुझे भींच लें और ताबड़तोड़ प्यार करें.

लेकिन वह बंदा बहुत इत्मीनान से मुझे निहार रहा था.

और फिर उसने एक हाथ मेरे वक्ष स्थल पर रखकर बेदर्दी से दबाना शुरू किया और अपना दूसरा हाथ मेरी निहायत चिकनी और स्निग्ध योनि को सहलाना शुरू किया.

मैं इस दो तरफा हमले से उत्तेजना की सागर में गोते लगाने लगी और अब मेरा पूरा जिस्म कसमसाने लगा था. मेरा सीना तेज सांसों की वजह से ऊपर नीचे हो रहा था और मैं अपने पैरों को आगे पीछे करके उसके हाथ के स्पर्श को अपनी योनि पर और ज्यादा महसूस कर रही थी.

कुछ ही देर में मेरी योनि ने पानी छोड़ दिया और इतना सारा कि वह बह कर निकल रहा था. मेरी योनि के पानी से उसके हाथ सन गए.

इसके बाद उसने एक और गंदी हरकत की, मेरी खुद की योनि में सने हुए हाथ को मेरे मुंह में दे दिया लगभग जबरदस्ती!

मैं पहले ही दिन झगड़ा करना नहीं चाहती थी और माहौल खराब करना नहीं चाहती थी इसलिए बेमन से मुझे अपनी योनि का रस मुंह में लेना पड़ा.

इतना सब हो चुकने के बाद भी वह बंदा अब तक भी खुद के कपड़े नहीं खोल रहा था.

इसके बाद उसने मुझे करवट दिला कर लेटा दिया और फिर मेरा एक पैर ऊंचा कर दिया. मैं बहुत कामुक अवस्था में हो गई थी मेरा पिछवाड़ा बहुत उभर के निकल आया था फिर इस अवस्था में उसने मुझे काफी देर तक सहलाया.

और फिर मुझे पूरी तरह से उल्टा लेटा दिया और उसके बाद अपने दोनों हाथ मेरी कमर के नीचे डाल कर मेरे भारी-भरकम कूल्हों को थाम कर एकदम ऊंचा उठा दिया और मेरे घुटने नीचे मुड़कर मुझे उसी अवस्था में रहने दिया.

मैं बहुत शर्मनाक स्थिति में हो गई थी मेरे कूल्हे ऊपर उठे हुए थे और मेरी कूल्हे की लकीर इस अवस्था में खुल गई थी मेरा मल द्वार और योनि भी खुल गई थी.

अब वे मेरे पीछे बैठ कर मेरे दोनों गोलों को अपने हाथ से और चौड़ा कर के खोलकर निहारने लगे.

मुझसे रहा नहीं गया, मैंने कहा- यह क्या कर रहे हो? मुझे शर्म आ रही है और परेशानी हो रही है.
तो उन्होंने बहुत ही प्यार और नजाकत से कहा- आज मैं तुम्हारे जिस्म के एक-एक अंग और हिस्से का मुआयना कर रहा हूँ. आज से तुम्हारा यह समूचा जिस्म मेरा है.

उनके प्यार और अपनेपन से कहीं इस बात से मैं आगे कुछ और नहीं कह पायी.

काफी देर मेरे पिछवाड़े से खेलने के बाद उसने मुझे सीधा किया, मेरे दोनों पैरों को हवा में ऊंचा करते हुए मेरे ही हाथ में थमा दिया और कहा- इन्हें ऐसी ही चौड़ा करके पकड़ो.

अब मेरी योनि पूरी तरह से खुल गई थी. इससे भी उसका मन नहीं भरा तो उन्होंने मेरे कूल्हों को उठाकर अपनी गोदी में रख लिया. अब मेरी योनि उसके चेहरे के एकदम नजदीक हो गई थी.
मैं शर्म के मारे गड़ी जा रही थी क्योंकि मेरी योनि से योनि रस लगातार बह रहा था और जिस्म वासना की आग में जल रहा था.

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