पड़ोसन भाभी से सेक्स की कहानी

मैंने भी भाभी को अपनी बांहों में भरा और उनके होंठों को चूम कर चला गया.

मैंने घर जाकर लंड की झाटें साफ की और रात का इंतजार करने लगा. रात 9 बजे मैं अम्मी से कहकर निकला कि दोस्त के घर जा रहा हूँ.. पार्टी है और सुबह तक आऊँगा.

अब मैं बाजार गया.. कुछ देर घूमा और दस बजे भाभी के घर आ गया. भाभी भी डिनर तैयार करके नहा कर मेरे इंतजार में बैठी थीं.

मैं भी उन्हें लाल साड़ी में देखकर कण्ट्रोल नहीं कर पाया और जल्दी से जाकर भाभी को अपनी बांहों में लेकर किस करने लगा.
भाभी हंस कर बोलीं- अभी नहीं.. पहले खाना खा लें, तब करेंगे.
मैंने कहा- ठीक है.. खाना भी हो जाएगा पर थोड़ा रोमांस तो कर लेने दो.. अभी सेक्स थोड़ी कर रहा हूँ.
भाभी बोलीं- अच्छा बाबा जल्दी करो.. मुझे भूख लगी है.

हमारे बीच दस मिनट तक किस चला, फिर हम दोनों डिनर करने बैठ गए. भाभी मुझे अपने हाथ से खिला रही थीं. मैं भाभी को खिला रहा था.

खाने के बाद भाभी बोलीं- तुम रूम में बैठ कर टीवी देखो.. मैं तब तक बरतन समेट दूं.

करीब आधे घंटे के बाद भाभी टीवी वाले हॉल में आईं. दस मिनट बैठकर हम दोनों ने थोड़ी सेक्सी बातें की, फिर मैं भाभी को किस करने लगा.
भाभी- चलो रूम में चलते हैं.
मैं भाभी को उठाकर बेडरूम में ले गया. उनको बेड पर लिटा कर मैं उनके ऊपर चढ़ गया और उनको किस करने लगा.

हम दोनों का ये लम्बा किस 15 मिनट चला होगा. भाभी ने कहा- यही सब करोगे या और कुछ भी होगा?

मैं उनके ऊपर से उठा और भाभी के कपड़े उतार दिए. अब भाभी सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गयी थीं. मैं भाभी के 36 साइज के बूब दबाने और पीने लगा. भाभी भी गरम होकर मेरे सर को अपनी चूची पर दबाने लगीं, सिसकारी लेने लगीं.

मेरा लंड भी अब लोहे की रॉड की तरह खड़ा हो गया था. मैंने भाभी से अपने कपड़े उतारने को कहा.
वो बोलीं- क्यों तुम नहीं उतार सकते हो?
मैंने कहा- आप ही उतार दो न.

भाभी ने मेरे कपड़े उतार कर मुझे पूरा नंगा कर दिया. मेरे खड़े लंड को देख कर भाभी बोलीं- ओ माय गॉड.. तुम्हारा तो तुम्हारे भइया से काफी बड़ा और मोटा है.
मैंने कहा- उनका कितना है?
भाभी- उनका तो सिर्फ पांच इंच का है. सच में आज तो तुम्हारी खुरपी से मजा आ जाएगा.
मैंने कहा- हाँ भाभी आज बहुत मजा आएगा.. आपकी क्यारी की पूरी तरह गुड़ाई कर दूंगा.

भाभी ने लंड की तरफ लालसा से देखा तो मैंने अपने लंड को हाथ में पकड़ कर कहा- लो भाभी चूसो न लंड को.
भाभी मेरे लंड को पकड़ कर कहने लगीं- हां लाओ.. लंड का पानी पीये हुए बहुत दिन हो गए.

मैंने लवड़ा आगे किया तो भाभी ने पहले लंड के सुपारे पर जीभ घुमाई और कहा- बहुत मस्त स्वाद है.
मैंने लंड को तुनकी दी तो भाभी ने पूरा लंड मुँह में ले लिया और मस्त लंड चूसने लगीं. लंड भाभी के गले तक गया तो मेरी मादक सीत्कार निकल गयी- अहाहाहा उम्म्ह… अहह… हय… याह… आ ऊह आहह..

दस मिनट तक भाभी लंड चूसती रहीं. मेरे लंड का पानी निकल गया, लेकिन भाभी ने लंड बाहर नहीं निकाला बल्कि वे मेरे लंड के रस को बड़े चाव से चटखारा लेते हुए पूरा पी गईं.

मैं ज्यादा टाइम नहीं टिक पाया था इसलिए मैं जरा शरमा गया.
भाभी बोलीं- कोई बात नहीं.. पहली बार में सबका जल्दी ही हो जाता है.

भाभी ने मेरे लंड को चूस कर फिर से खड़ा कर दिया. भाभी ने अपनी ब्रा उतार दी और मैंने उनकी पैंटी को उतार दिया. भाभी की चूत देख कर तो मैं देखता ही रह गया.
भाभी बोलीं- क्या देख रहे हो?
मैंने कहा- भाभी ये इतनी खूबसूरत होती है… तभी तो सारी दुनिया के मर्द इसके पीछे पड़े रहते हैं.

भाभी की चूत क्या मस्त थी, पावरोटी की तरह फूली हुई थी. मैं तो खुद को कंट्रोल ही नहीं कर पाया और भाभी की चुत को चूमने लगा.
भाभी बोलीं- रुको एक मिनट.
इतना कह कर भाभी बेड पर लेट गयी फिर रंडी की तरह पैर फैलाकर भाभी बोलीं- अब चाटो न मेरी चूत..

मैंने उनके दोनों पैरों को फैलाकर चुत को सूंघा तो उनकी चूत से एकदम मदहोश कर देने वाली खुशबू आ रही थी. भाभी की चूत पूरी गीली हो गयी थी. मैं चुत चाटने लगा, जिससे भाभी की आह निकल गयी.
भाभी- तुम तो मुझे पागल कर दोगे मेरे चोदू देवर.. उम्म आह आय याह चाटो मेरी बुर को.. आह्ह हाह यस्स बहुत अच्छा चाटते हो.. मेरी फाड़ दो देवर राजा.. आह्ह फाड़ दो साली ये चूत मुझे बहुत परेशान करती है.. रात में बिना उंगली किये सोने नहीं देती है साली..

मैं बस उनकी रस भरी चुत को चाटने में लगा था.
भाभी- आह.. यस देवर जी.. फाड़ दे साले.. मेरी चूत को.. हाँ और चाटो कुत्ते.. साले पूरी चूत खा जाओ.. आह.. यस हाहहह उंउउम याहह यस करते रहो.. बस मैं आ रही हूँ.
इतना कह कर भाभी झड़ने लगीं- आह.. चूस लो सारा रस.. आ ई.. गई..

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