गांव में पड़ोसन दीदी की यौनवासना संतुष्टि

बस कुछ ही देर में एक बार और पूरे जोरों शोरों के साथ ठुकाई हुई. उन्हें बहुत मजा आया, उन्होंने मुझे बकी गालियों के लिए माफी मांगी और चुदाई के लिए शुक्रिया अदा किया.

अगले दिन मैं शहर वापस आ गया. अब उनसे कभी कभार फोन पर बात होने लगी.

शहर में भी मेरे पास दो चूत उपलब्ध थीं और तीसरी की तैयारी थी. वो सब भी लिखूंगा.

मेरी यौनवासना कहानी आपको कैसी लगी, आप मुझे बताएं. अगर कोई सुझाव हों, तो जरूर भेजें. अपने अनुभव मेरे मेल के जरिए शेयर करें, धन्यवाद.

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