पहली बार पहनी किसी लड़की की जींस

हम दोनों बिना कुछ कहे ही एक दूसरे की मन की बात जान चुके थे. बातों ही बातों में कब उसका हाथ मेरे हाथ के ऊपर आया, पता भी नहीं चला.

मैंने अपना हाथ वापस खींचा और खड़ा होकर अपनी तौलिया ठीक करने लगा, जो मेरे लंड के उभार से अपनी पकड़ को ढीली कर रही थी. पूजा सब समझ चुकी थी, उसने मुझे हाथ पकड़ कर रोका और मेरे बिल्कुल पास आकर खड़ी हो गई. मैं भी अपने आपको रोक नहीं पाया और मौका पाते ही तुरंत उसके होंठों से अपने होंठ चिपका लिए. उसके बाद हम दोनों अनवरत दस मिनट तक एक दूसरे के होंठ चूसते रहे. धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे को चूसते हुए बिस्तर पर आ पहुंचे. मैंने उसे बेड पर लिटाया और अपना हाथ धीरे से उसके चूचुक तक पहुंचा दिया. उसने भी आँख बंद करके अपनी तरफ से सहमति दे दी.

मैं उसके मम्मों को नाइटी के ऊपर से ही दबाने लगा. वो भी मस्त होकर इस आनन्द के मजे ले रही थी. फिर उसने मेरी शर्ट के सारे बटन खोल कर उसे उतारकर फेंक दिया. मैंने भी उसकी नाइटी उतार दी. अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में बेड पर चित लेटी थी. उसने रेड ब्रा और ब्लैक कलर की पेंटी पहनी हुई थी. मैंने उसकी ब्रा को भी उतारा और उसके चुचों को चूसने लगा. उसने भी धीरे से अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़ लिया. उसका हाथ लगते ही मेरा लंड बाहर खुली हवा में आने को तड़पने लगा.

फिर मैंने अपना अंडरवियर उतारा और अपना लंड उसके हाथों में सौंप दिया. उसने भी देर ना करते हुए लंड को अपने मुँह में लिया और लम्बी लम्बी सांसें लेते हुए लंड चूसने लगी. कुछ देर बाद मैंने उसके मुँह से लंड बाहर निकाला और उसकी ब्लैक कलर की पेंटी को उतार कर साइड में रख दिया.

अब मैंने उसे 69 की पोज़िशन बनाने को कहा. वो राजी थी. पहले मैं बेड पर चित लेट गया, उसके बाद वो मेरे ऊपर आकर नीचे की तरफ मुँह करके लेट गई.

अब उसकी एकदम क्लीन शेव चुत बिल्कुल मेरे मुँह के पास थी, उसमें से एक अजीब मनमोहक खुशबू आ रही थी. वो शायद अपनी चूत पर कोई खुशबू लगाती थी. मैंने तुरंत उसकी चुत को चाटना शुरू कर दिया था. वो भी मेरे लंड को अपने मुँह में ले रही थी. हम दोनों बड़ा ही असीम आनन्द का अनुभव कर रहे थे. कुछ देर बाद हम दोनों का पानी निकल गया और हमने उसे एक दूसरे का चाटकर साफ किया.

इसके बाद बारी मेरे लंड और उसकी चूत के बीच होने वाले युद्ध की थी. हम दोनों खड़े हो गए क्योंकि इस बार पूजा को नीचे लेटना था. मैंने पूजा के चुचों को दबाते हुए उसे बेड पर लेटने को कहा.

वो मेरे सामने एकदम नंगी बेड पर लेटी हुई थी. मैंने भी देर ना करते हुए अपने लंड को उसकी चुत के छेद की मोरी पर रखा और जोरदार धक्का लगा दिया. पहले ही शॉट में मेरा लगभग आधा लंड उसकी चुत में चला गया. वो भी मीठे दर्द के मारे चिल्लाने लगी. उसकी पीड़ा जान कर मैं कुछ देर रुक गया और उसके ऊपर लेटे रह कर फिर से उसके होंठों को चूसने लगा. कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने फिर से धक्के लगाने शुरू किए.
अब वो आह आह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… अया आह … की आवाज़ निकालते हुए चुदाई के मज़े ले रही थी. मस्त चुदाई के साथ वो अपने मुँह से चिल्लाए जा रही थी- आह … और ज़ोर से करो …

उसकी चुदास से भरी आवाज़ मुझे और अधिक उत्तेजित करने का काम कर रही थी. मैं धकापेल उसकी चुदाई में लगा रहा. वो जल्द ही झड़ गई. उसके झड़ने के कुछ देर बाद मैं भी उसकी चूत में ही निकल गया.

चुदाई के बाद हम दोनों यूं ही नंगे जिस्म चिपके पड़े रहे. फिर उठ कर हम दोनों ने बाथरूम में जाकर एक दूसरे को साफ़ किया. बाथरूम से मैं उसको अपनी गोद में उठा कर बाहर बिस्तर पर लाया और हम दोनों फिर से चुम्बन में लग गए.
कुछ देर बाद फिर से उत्तेजना बढ़ गई और चुदाई का खेल फिर से शुरू हो गया.

इस तरह से उस दिन हम दोनों ने 2 बार सेक्स किया. उसके बाद उसने मेरे लिए नाश्ता बनाया. हम दोनों ने साथ में नाश्ता किया.

तब तक उसकी फ्रेंड जो कॉलेज गई हुई थी, उसके भी आने का समय हो रहा था. इसलिए मैंने वहां से निकलने का फ़ैसला किया. उसने मुझे अपनी एक ढीली सी जीन्स लाकर पहनने को दी, क्योंकि मेरी जीन्स चाय गिरने से गंदी हो गई थी … जो उसके बाथरूम में गीली पड़ी थी. उसके बाद मैंने उसकी जींस पहनी और उसे एक किस देते हुए वापस अपने घर आ गया.

यह मेरी पहली सेक्स कहानी थी, आपको सबको कैसी लगी, जरूर बताना.
धन्यवाद.

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