पति के बिना नौकर के साथ मस्ती

अब मेरी हालत ख़राब हो गई थी, अब में तड़पने छटपटाने लगी थी और उसे गाली देने लगी, राजा मादारचोद तड़पा क्यों रहा है? चोद दे देना मुझे हरामी। फिर वो उठा और मेरी जांघो को आराम से अपने दोनों हाथों में पकड़ते हुए अपना लंड मेरी चूत के सामने रख दिया। फिर उसने धीरे से अपना लंड अंदर पेलना शुरू किया। अब उसका लंड आधा ही अंदर जाते ही में हांफने लगी कि अचानक से उसने एक झटके में मेरी गीली चूत में अपना पूरा 8 इंच का लंड पेल दिया और रुक गया। अब मेरी तो सांस रुक गई थी, फिर उसने मुझे अपना लंड अंदर किए हुए ही मुझे ऊपर खींचा। अब में उसके सीने से चिपक गई थी, अब मेरे बूब्स उसके बालों से भरे सीने में दस कर दब गये थे। फिर उसने मेरे कान में कहा कि साली रंडी तेरी चूत एकदम चिकनी है, में तुझे आज ऐसे चोदूंगा कि तुझे ये चुदाई जिंदगी भर याद रहेगी और ये बोलकर उसने मेरे कूल्हों को पकड़कर अपने लंड का जोर से धक्का दिया तो अब में कांपने लगी, अब मेरी चूत कांपने लगी थी।

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फिर उसने अपनी एक उंगली मेरे मुँह में डाली और कहा कि चूस इसे तो मैंने चुपचाप ऐसा ही किया। फिर उसने मुझे गांड से पकड़कर वो उंगली मेरी गांड के छेद में डाल दी, तो में सहम गयी। फिर उसने मुझे ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू किया, अब में मज़े से पागल हो गई थी। अब मेरी चूत में उसका लंड और मेरी गांड में उसकी उंगली पूरी चली गई थी। अब में बस उउफ़फ्फ़ आहह हम्मम्म हम्फफफफ्फ़ चोद मेरे राजा आआहम्म करती रही। फिर करीब 5 मिनट में ही में उसके लंड पर फव्वारे की तरह झड़ गई, फिर उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और में उसे पागलों की तरह सहलाने लगी। अब में ज़ोर-ज़ोर से उसका लंड हिला रही थी, फिर उसके लंड से ढेर सारा रस निकला जो मेरे शरीर के हर हिस्से पर हर तरफ़ फैल गया मेरे बूब्स, मेरी नाभि, मेरा पेट, यहाँ तक की कुछ बूंदे मेरे होंठ पर भी पड़ी थी, जिन्हें में चाट गई थी।

उसने काफ़ी दिनों के बाद ये चुदाई की थी, इसलिए उसका इतना रस मेरे शरीर और आसपास टेबल पर फैला हुआ था। अब में इतने मज़े में थी कि मुझे अपनी कंडीशन का अहसास ही नहीं था, अब दिनेश के सफेद रस में लिपटे और दिनेश मेरे कंधे पर अपना सिर रखकर आहें भर रहा था। फिर करीब पूरे 10 मिनट के बाद मुझे याद आया कि हम हॉल के बीचो बीच में है, दरवाजा भले ही लॉक हो अगर कोई घर के बाहर सामने से हमारे बगीचे को पार करके आए और किचन की खिड़की से देखे तो उसे हम साफ़- साफ़ दिख सकते है, ये मुझे बाद में पता चला था। इसके बाद दिनेश और मैंने एक दूसरे की कमी खूब मिटाई और हमने आने वाले हर मौके का 1 हफ्ते तक खूब फायदा उठाया ।।

धन्यवाद …

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