पति पत्नी की बेताब चुदाई की कहानी

मेरी चूत में सरसराहट होने लगी. कुछ ही देर में मेरी चुत में कुछ होने लगा था. बस मैं बड़बड़ा रही थी- आ.. आ…ह उई.. … सऽऽऽ मेरी चूत में कुछ हो रहा है चोदो.. लंड को चुत में जोर से अन्दर बाहर करो.

मैं अपनी गांड उठा कर पति का पूरा लंड चुत में लेना चाहती थी. मेरे पति मेरी बात मानकर जोर से धक्के मारने लगे. उनके धक्के मेरी नाजुक चुत को बर्दाश्त नहीं हुए.. मेरी चुत ने दूसरी बार पानी छोड़ दिया. मैंने उनके सर के पीछे के बाल पकड़ कर अपने निप्पल छुड़वा लिए और पति के होंठ अपने होंठों में लेकर चूसने लगी.

मेरी आँखें बंद थीं, पति का लंड मेरी चुत में धंस कर अटक गया था. पांच मिनट होंठ चूसने के बाद मैंने उनके होंठों को छोड़ दिया. मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरे पेट में हल्का सा दर्द हो रहा है. मैंने सोचा ऐसे ही हो रहा होगा.

मेरी चुत में अभी भी मेरे पति का लंड था.. तो मैंने कहा- मेरी चुत में तुम अपना लंड सिर्फ रखोगे या चोदोगे भी?
पति ने कहा- चोदूँगा क्यों नहीं जान, जरूर चोदूँगा.. ये ले..

ये कहकर पति ने अपना लंड धक्का मारने के लिए चुत से बाहर निकालना चाहा तो लंड बाहर नहीं आ रहा था और मेरी चुत में भी दर्द हो रहा था.

मैं समझ गई कि मेरे पति का लंड चुत में अटक गया था. मेरी चुत में ना आगे जगह थी.. ना मेरे पति का लंड चुत से बाहर आ रहा था. शायद इसलिए मेरे पेट में हल्का सा दर्द हो रहा था.

ये स्थिति हम दोनों के साथ अक्सर हो जाती है. शायद मेरे पति के लंड का सुपारा, कुछ कुत्ते के जैसे फूल जाता है, जोकि मेरी चूत में फंस जाता है. हालांकि इस बात से हम दोनों को कोई दिक्कत नहीं होती है.. इसलिए अब तक डॉक्टर को भी नहीं दिखाया है.

आधे घंटे तक पति का लंड मेरी चुत में अटका रहा. इससे मेरी चुत में और पेट में दर्द हो रहा था तो मैंने अपने पति से विनती की कि वो अपने वीर्य की धार मेरी चुत में छोड़कर छह दिन से सूखी पड़ी चुत को भिगो दें.

पति ने कहा- मेरा लंड तुम्हारी चुत में अटक गया है, धक्के मारूंगा तो तुम्हें दर्द होगा.
मैं बोली- होने दो दर्द.. मैं दर्द सह लूँगी.

मेरा इतना कहना था और पति ने थोड़ा जोर लगाकर अपना लंड चुत से आधा बाहर निकाला.. दर्द से मेरी तो चीख निकल गई.
अब मेरे पति अपना लंड मेरी चुत में तेजी से अन्दर बाहर करने लगे. मेरी मोटी गांड अपने आप ऊपर नीचे होकर लंड को चुत में जड़ तक घुसा लेने की कोशिश करने लगी.

इस वक्त मेरे पति की चुदाई की स्पीड बढ़ गई थी. उनका लंड मेरे चुत में बहुत ही तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था!
“आ…ह.. उम्म ले मेरे लंड का वीर्य चुत में ले…” यह कहकर मेरे पति ने अपना लंड चुत में जड़ तक घुसा दिया और वीर्य की गरम तेज धार मेरी चुत में ही छोड़ दी.

जैसे ही मेरे पति के वीर्य की धार छूटी तो मेरी चुत भी हार गई और मेरी चुत ने पानी छोड़ दिया. मेरे पति का वीर्य और मेरी चुत के पानी से मेरी चुत पूरी भर गई. कुछ ही पलों में हम दोनों का पानी चुत से बाहर बहने लगा.

जब भी मैं अपने पति से चुदवा लेती हूँ, तो मैं पति के साथ झड़ जाती हूँ. इससे मुझे और मेरी चुत को अलग ही मजा आता है.

दो घंटे तक चल रही चुदाई खत्म हो गई.

ये थी हम मियाँ बीवी की चुदाई की कहानी. कैसी लगी जरूर बताना.

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *