पेट और चूत की आग ने रंडी बना दिया

मैं कुछ सोच कर बोली- ठीक है … लेकिन सर आप मुझे कितनी सैलरी दोगे?
इस पर नवीन जी मेरे दूध देखते हुए बोले- वैसे तो ये तुम पर निर्भर करता है कि तुम मुझे किस तरह से खुश करती हो … मेरा मतलब अपनी कुकिंग आर्ट से … तब भी मैं तुमको 15,000 महीना दे दूंगा … और यहां और भी घरों में काम दिला दूँगा.

मैं इतने रूपए की सुनकर मन ही मन खुश हो गई. मुझे मर्द और मनी दोनों ही पसंद आ गया था.
तब भी मैं इठला कर बोली- साहब जी सैलरी कम है.
फिर नवीन जी मेरे करीब सरक कर बोले- तुम बताओ … कितना तक लोगी?

उनकी इस डबल मींनिंग बात ने मुझे अन्दर तक गनगना दिया था.

मैं उनकी आंखों में आंखें डाल कर बोली- साहब ब्रेकफास्ट और डिनर बनाना है, फिर आपको समय का भी तोड़ा है, जल्दी सुबह में नाश्ता चाहिए … मैं 17,000 लूँगी.
नवीन जी होंठों पर जीभ फेर कर बोले- ये ज्यादा है … पर तुमको इसके एवज में कभी कभी कुछ एक्स्ट्रा काम भी करना होगा, जैसे रूम की सफाई वगैरह, तो मैं 17,000 दे दूंगा.
मैं अन्दर ही अन्दर इतना मिलने के कारण बड़ी खुश थी.

पर मैं अपनी ख़ुशी दबाते हुए बोली- ठीक है सर … मैं कब से आऊं?
नवीन जी बोले- आज रात डिनर से शुरू कर दो. शाम को डिनर बनाने आ जाना.
मैं बोली- ठीक है.

यह सब बात हो रही थी तब मैं देख रही थी कि नवीन जी मेरी 36 इंच की चूचियों को बड़ी कामुक निगाहों से देख रहे थे. उनका लंड फूलने लगा था.
मैं समझ गई थी कि साहब अकेले रहते हैं, इनको भी चुत चाहिए है. मुझे भी आज इनके लंड के मिलने की उम्मीद हो गई थी. मैं उनको मुस्कान देकर उनके फ्लैट से चली गई.
जाते जाते मैंने कहा- आप चिंता मत करना, मैं आपको खुश कर दूंगी.

मेरी इस डबल मीनिंग बात से नवीन जी ने मेरी तरफ देख कर अपना लंड सहला दिया और कहा- मुझे तुमसे मिलने वाली ख़ुशी का इन्तजार रहेगा.
मैं गांड मटकाते हुए चली गई.

रात को मैं नवीन जी घर डिनर बनाने गई, उस वक्त तक नवीन जी आए नहीं थे.

मैं सिक्योरिटी गार्ड के पास गई और बोली- नवीन जी तो अब तक आए ही नहीं. मुझे उनके घर डिनर बनाना है.
सिक्योरिटी गार्ड बोला- उनके फ्लैट की चाभी यहां है … यह लो.

मैं गार्ड से चाभी लेकर नवीन जी के घर गई. उनके फ्लैट में एक रूम था. किचन अन्दर था. सर के रूम में बाथरूम अटैच था. मैं किचन में गई और डिनर बनाना शुरू किया. मैं 8 बजे उनके घर पहुंच गई थी.

एक घंटे बाद करीब 9 बजे नवीन जी फ्लैट में आये और बोले- अंजलि, क्या तुमने डिनर रेडी कर लिया.
मैं बोली- जी साहब … रेडी कर लिया है.
वो मेरी तरफ देख कर बोले- ठीक है, मैं बाथरूम से फ़्रेश हो कर आता हूँ.
मैंने ओके में अपना सिर हिला दिया.

थोड़ी देर बाद नवीन जी बाथरूम से बाहर आए. मैंने उन्हें आते देखा, तो किचन में खाना गर्म करने जाने लगी.

नवीन ज़ी बोले- अभी नहीं … तुम फ्रिज से बोतल निकाल लाओ.
मैंने फ्रिज से बोतल निकाली और उनसे पूछा- ये क्या है सर?
नवीन जी बोले- यह व्हिस्की है … मैं डिनर से पहले इसे पीता हूँ.
मैं बोली- ठीक है सर.

वैसे मैं जब किचन में आई थी, तब ही मैंने इसे फ्रिज में देख लिया था.

नवीन जी गिलास में दारू डाल कर पीने लगे. मैं उनके लिए चखना ले आई, जब मैं उनको चखना देने लगी तो मैंने जानबूझ कर अपना आंचल गिरा दिया और अपने दूध उनको दिखा दिए.

मैं चखना देकर जाने लगी, तो नवीन जी ने कहा- जरा मेरी टेबल से सिगरेट और माचिस ला दे.
मैंने सिगरेट की डिब्बी और माचिस लाकर दे दी.

उन्होंने सिगरेट होंठों में दबाई और कहा- तुम सिगरेट जलाओ न.
मैंने फिर से झुक कर दूध दिखाए और उनकी सिगरेट जला दी.

मैं वहीं खड़ी रही … तो नवीन जी ने मुझे बैठने के लिए कह दिया. मैं उनके बगल की कुर्सी पर बैठ गई.

नवीन जी मुझे देखते हुए शराब पीने लगे. तीन पैग पीने के बाद वो अपना लौड़ा सहलाते हुए बोले- अंजलि, तू एकदम हॉट एंड सेक्सी माल है … मेरी बीवी भी इतनी सेक्सी नहीं है.
मैं बोली- साहब आपको चढ़ गई है, मैं डिनर लगा देती हूँ.

जैसे ही मैं डिनर लगाने के लिए उठी, नवीन जी ने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और जोर से मुझे किसिंग करने लगे. मेरे होंठों को काटने लगे.
वो बोल रहे थे कि सीमा मैं तुझसे कितना दूर हूँ.
मैं समझ गई कि सीमा इनकी वाइफ होगी.

तभी नवीन जी मेरे मम्मों पर हाथ घुमाने लगे और मेरे दूध मस्ती से दबाने लगे. वे मेरे चूचे जोर जोर से दबा रहे थे.
मुझे भी मजा आ रहा था. मैं ‘आह … सीई..’ कर रही थी.

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