भाई की साली की चुदाई का मजा लिया

उसके मम्मे चूसने में मुझको बहुत मजा आ रहा था. उधर उसकी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी.

इसके बाद मैंने उसके निप्पल को काटना चालू किया, वो इस प्यार भरे दर्द को बड़े मज़े ले कर सह रही थी. कुछ देर बाद मैंने उसके दूसरे आम को चूसना चालू किया और उसके दोनों मम्मों को चूस चूस कर लाल कर दिया.

ये असली चुदाई का मेरा पहला मौका था तो मैं देखना चाहता था कि एक पूरी तरह से तैयार लड़की या औरत की चूत कैसी लगती है. सबसे पहले मैंने मोबाइल उठाया और उसकी चूत देखने लगा. उसकी चुत एक फूली हुई पाव ब्रेड की तरह लग रही थी. ब्राउन कलर की चूत थी, जो अन्दर से लाल थी. उसमें से एक ऐसी महक आ रही थी, जो मुझको मदहोश कर रही थी.

फिर मैंने सोचा क्यों ना चूत का टेस्ट लिया जाए लेकिन पहले इससे लंड को चुसवा लेता हूँ.

मैंने कहा तो वो मना करने लगी और बोलने लगी कि उसका पति भी उससे करवाता है लेकिन उसको पसन्द नहीं है ओर उल्टी सी आती है.

पर मेरी ज़िद करने पर वो मान गई. उसने अपने मुँह में मेरा लंड ले लिया और उसको चूसने लगी. मुझको तो ये फील होने लगा, जैसे मैं आसमान में उड़ रहा हूँ और लंड चुसवाने जैसा मजा किसी और चीज़ में नहीं है.

मैंने उसके बाल पकड़े और उसका मुँह चोदने लगा. उसने मुझको लंड निकालने के लिए बोला कि हट जाओ उसको उल्टी आ रही है, पर मैं कहां मानने वाला था. मैं उसको लंड चुसवाता रहा.

फिर मैंने सोचा कि अब बहुत लंड चुसवा लिया है, अब इसको चोदना भी तो है. आख़िर मेरी ये पहली असली चुदाई थी

मैं नीचे आ गया और उसकी चूत पर अपनी जीभ लगा कर चुत चाटने लगा. अपनी जीभ कभी चुत के अन्दर डालता, तो कभी उसके भगनासा पर ऊपर से नीचे तक जीभ फेर देता था. वो अति उत्तेजना में मेरे बालों को सहला रही थी और मेरे सर को अपनी चूत में दबा रही थी. वो इतनी गर्म हो गई थी कि जैसे वो मेरा सर अपनी चूत में डाल लेगी. मैं उसकी चूत को बीच बीच में काट भी रहा था.

वो बोलने लगी- प्लीज़ अब मुझको और ना तड़पाओ, मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ. मेरा पति का अफेयर किसी और के साथ है और वो मुझको ज्यादा टाइम नहीं देता है.
अब मैंने कहा- कोई बात नहीं मेरी जान.. तेरी चूत के लिए मेरा ये शेर है ना..

जब उसने मेरा लंड चूसा था तो वो तभी से काफ़ी खुश हो गई थी. उसने मुझसे बोला कि यार तेरा लंड तो काफ़ी मोटा और लंबा है.
मैंने बोला- हां पार्टी.. पर मुझको तो छोटा लगता है, वो क्या है ना कि इंसान के लंड कितना भी बड़ा हो जाए, उसको छोटा ही लगता है.

मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया और धीरे धीरे उसकी चूत में पेलने लगा. दर्द की वजह से उसकी आखों से आंसू आने लगे थे. वो बीच बीच में बोल रही थी- आह.. लग रही है.. आराम से डालो.. मुझको इतना बड़ा ओर मोटा लंड लेने की आदत नहीं है, मेरे पति का पतला सा लंड है.
मैंने कहा- आदत डाल लो.. अब हमेशा यही लंड तुमको मजा देगा.
वो बोली- आह.. तुम एक बार में ही लंड डालने की कोशिश करो, मैं ये दर्द बर्दाश्त कर लूँगी.. पता नहीं ये मौका बाद में मिले या ना मिले.

मैंने एक बार में ही उसकी चूत में लंड पेल दिया. उसकी दबी हुई चीख निकल गई. मैंने झट से अपने मुँह से मुँह उसका मुँह बंद कर लिया.

फिर उसकी चूत के छेद में मेरा लंड समाता चला गया और मैं उसकी ज़ोरदार चुदाई करता रहा. हर धक्के के साथ उसके चेहरे पर एक सुख और दर्द के भावों को देखता रहा. वो पूरे मज़े के साथ मेरा लंड से चुदवा रही थी.

मैं उसके ऊपर आ गया था और उसको धकापेल चोद रहा था. बीच बीच में उसके गालों को काटता तो कभी उसके मम्मों को चूसता. फिर मैंने उसको अपने ऊपर आने को बोला.

वो मेरे लंड पर सवारी गांठने लगी. मैं नीचे से उसको ठोकर लगा कर चोद रहा था. मुझको काफ़ी मज़ा आ रहा था. मुझको पता चल गया था कि चुदाई का मज़ा लाजवाब होता है. मैं उसको काफी देर तक इसी पोजीशन में चोदता रहा.

कुछ देर बाद मैंने उसको कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया.

वो- अहह आराम से.. तेरा पूरा लंड जा रहा है.. आह मजा आ गया..

फिर मैंने उसके बाल पकड़ कर उसको चोदना शुरू किया.

उसकी आवाज़ निकलती रही- अह ओह ह्म्म्म् उम्म्ह… अहह… हय… याह… यस्स यस कम ऑन.. और तेज और तेज.. आज मुझको अपने रंडी बना लो.. मैं जिन्दगी भर के लिए तेरे लंड की गुलाम हो गई हूँ.

मैं रात के 3:30 तक उसको ऐसे ही चोदता रहा, फिर मैंने उससे एक बार फिर से लंड चुसवाया और गांड मारने के लिए बोला.

Pages: 1 2 3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *