सालों से प्यासी बीवी की चोदाई

और मैं वहाँ से निकल गया. घर पहुँच कर हम दोनों ने कपड़े बदले. मैंने एक सेक्स टेबलेट खा ली और टीवी ओन करके बैठ गया. करीब आधे घंटे बाद गोली असर दिखाने लगी, दिल की धड़कन तेज हो गयी और मैं बहुत गर्म और उत्तेजित महसूस करने लगा.

फिर मैंने मोहिनी को आवाज लगाई- मोहिनी, मोहिनी ओ मैडम इधर आइएगा जी!
मोहिनी- हाँ जी बोलिये, कुछ चाहिए था क्या?
मैं- कुछ नहीं चाहिए, पहले आप इधर मेरे बगल में बैठिये.

और मैंने उसका हाथ खींच कर अपनी बगल में बिठा दिया और उसकी गोद में सिर रख कर उससे पूछा- आप मेरी धर्म पत्नी हो, मुझ पर आपका पूरा अधिकार है, तो फिर अगर आपको सेक्स की इच्छा है, तो अपने कभी मुझ पर अपना हक़ क्यों नहीं जताया?
मोहिनी- ऐसी बात नहीं है जी, वो क्या है ना, आप हफ्ते में एक दो दिन के लिए आते हैं, ऊपर से आप अपने बिज़नस को लेकर इतने टेंशन में रहते हैं, तो आपको तंग करना ठीक ना होगा, सोच कर मैंने कभी अपनी इच्छा जाहिर नहीं की, बस और कोई बात नहीं थी।
मैं- अच्छा मेरी जान को मेरी इतनी चिंता है. माफ़ करना डार्लिंग, अब मैं तुम्हें ज्यादा से ज्यादा समय देने की कोशिश करूँगा।

फिर मैं उसे गोद में उठा कर बैडरूम ले गया, हल्के से उसे बेड पे लिटाया और लिपट कर उसके होंठों को चूमने लगा. इतने दिन बाद अपनी बीवी को यूं बाँहों में भर कर मजा आ गया. मैंने उसके शारीरिक बदलाव को महसूस किया. वो पहले से और भी ज्यादा खिली हुई और भरी पूरी लग रही थी.

मैं उससे लिपट कर रगड़ रगड़ कर उसे चूम रहा था. एक तो दवा का असर, ऊपर से मेरी नर्म गर्म बीवी … मैंने उसकी नाइटी खोली और उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को चूसने लगा, जोर जोर से दबने लगा. उसकी सिसकारियाँ मुझे और उतेजित्त कर रही थी.
फिर उसने कॉन्डम मेरे लन्ड पर लगाया और हल्के हाथ से ऊपर नीचे करने लगी.

अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था, मैंने उसके पैर फैलाये, थोड़ा सा तेल उसकी चूत पर गिराया, लन्ड का सुपारा उसकी चूत पे टिकाया और जोर का एक शॉट लगाया. लन्ड पचक से उसकी चूत को खोलता हुआ अंदर पिल गया और मैं जोर से उससे लिपट कर उसे चूमने लगा.

हम दोनों यों ही एक दूसरे से करीब 5 मिनट लिपटे रहे, फिर मैंने अपना लन्ड निकाला और धीरे धीरे लन्ड अंडर बाहर करने लगा।

मैं- डार्लिंग, कैसा लग रहा है? तुम तो एकदम बदली बदली सी लग रही हो।
मोहिनी- बहुत अच्छा लग रहा है जानू, कितने समय बाद आप मुझसे हमबिस्तर हुए हैं।

फिर मैंने बीवी की चूत की ठुकाई थोड़ी तेज कर दी, पच-पच … पच-पच पचपचपच … क्या मस्त समा बना था वो!
“आ हा हाहा … उम्म्ह… अहह… हय… याह…” उसकी वो हल्की दर्द भरी आवाज!
“आह अह हम्म आह अह …” करीब 20 मिनट की उस चोदाई करम में कॉन्डम फट गया. मैं रुक कर दूसरा कॉन्डम लगा रहा ही था कि मोहिनी ने कहा- जी बिना कॉन्डम के करिये ना, मैं कोई पराई औरत हूँ क्या!

यह सुन कर तो मैं और भी वहशी सा हो गया. हल्का सा थूक उसकी चूत पर गिरा कर लन्ड से अच्छे से रगड़ रगड़ के उसकी उभरी जगह पर मालिश की, सुपारा टिकाया और जोर से एक धक्का मारा और फिर चोदाई चालू कर दी. बिना कॉन्डम के चोदाई का मज़ा तो कुछ और ही होता है.

मैं दोनों हाथों से उसकी चुचियाँ मसल मसल कर किसी बच्चे की तरह उसका दूध पी रहा था. फिर मैंने उससे उल्टा होकर लेटने को कहा. अब बारी मेरी बीवी की गोल मटोल पिछवाड़े की थी.
उसने भी निसंकोच अपने चूतड़ आगे कर दिये मानो आज वो बस मेरी हर तमन्ना पूरी करना चाहती हो.
मैंने एक तकिया उसके पेट के नीचे लगाया ताकि पकड़ थोड़ी अच्छी मिले. फिर लन्ड उसकी चूतड़ के छेद यानि पर टिकाया और अंदर ठेल दिया.
वो भी दर्द से चिल्ला उठी- आह्ह्ह्ह … आराम से डार्लिंग … थोड़ा आहिस्ता!

“हाय मेरी प्यारी बीवी … अब कहाँ आहिस्ता … इतने दिन बाद तेरी ठुकाई कर रहा हूँ, थोड़ा बर्दाश्त कर ले मेरी रानी!” और पीछे से जोर से पकड़ कर उसकी चोदाई जारी रखी.
करीब 20-25 जबरदस्त शॉट लगाने के बाद मैं उसकी गांड में ही झड़ गया और उससे लिपट कर कुछ देर शान्त हो गया.
लेकिन 10 मिनट बाद मैं फिर चार्ज हो गया, अब मैंने उसे उठा कर अपने ऊपर कर दिया और नीचे से उसकी चोदाई चालू कर दी. वो भी खूब मज़े से उछल उछल कर मेरा साथ दे रही थी. उसकी चुचियाँ ठीक मेरी छाती से रगड़ खा रही थी और मैं उसके होंठों का रसपान कर रहा था.

कभी वो मेरे नीचे तो कभी मैं उसके नीचे, पूरी रात चोदाई का यह खेल चलता रहा।

घोष बाबू- ओ प्रधान जी, कहाँ खो गए सर? रात की बात खत्म हो गई.
मैं- अरे कहीं नहीं घोष बाबू, आपकी बात सुनकर उत्सुक हो गया हूँ, बस घर पहुँचने की इच्छा है अब तो जल्दी!
घोष बाबू- आपके तो मज़े ही मज़े हैं! सर घर में अपनी बीवी, बाहर देविका जी! अच्छा सुनिए ना … कहीं बाहर चलने का प्लान बनाइये. आप देविका जी को ले लीजिये, मैं अपनी मिसेज को ले लेता हूँ, हो सके तो शंकर जी और कौशल्या जी को भी ले लिया जाए. मुझे उन दोनों के प्रेमसंबंधों के बारे में भी पता है.

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