संध्या मेडम की चूत का रस

कुछ देर बाद उन्होने मेरा मूह अपनी चूत मे घुसा दिया. और अपनी चूत का सारा पानी मेरे मूह के उप्पर ही निकाल दिया. जिसे मैं चाट चाट कर सारा का सारा पी गई. मेडम अब शांत हो गई थी और फिर उन्होने मुझे उप्पर खींचा और मेरे होंठो को चूसने लग गई.

दोनो होंठो को अच्छे से चूसने के बाद मेडम बोली आज से तुम मेरे सब से अच्छी दोस्त हो. और फिर उन्होने मेरे साथ भी ऐसा किया हम दोनो ने 69 की पोज़िशन मे आ कर एक दूसरे की चूत का पानी एक दूसरे को पिलाया. फिर मेडम ने मेरे घर फोन करके मुझे पूरी रात अपने घर पर रोक लिया.

पूरी रात मे हम दोनो ने 6 बार अपनी अपनी चूत का पानी निकाला. और फिर जा कर हम एक दूसरे को बाहों मे ले कर सो गये. अब मैं रोज उनके घर पर जाती और हम दोनो ऐसे ही हर रोज करते. अब हम दोनो स्कूल मे भी मोका मिलते ही एक दूसरे की चूत का पानी पीने लग गये थे.

एक दिन की बात है मैं मेडम की चूत चाट रही थी. क्लास मे कोई भी नही था मेडम अपनी दोनो टाँगे खोल कर बड़े मज़े से अपनी चूत मुझसे चटवा रही थी. तभी क्लास मे प्रिन्सिपल आ गये और हम दोनो की उनको देख कर गांड फट गई.

आगे क्या हुआ ये दोस्तो मैं लिखूँगी जब आप मुझे इस कहानी के बारे अच्छे अच्छे कॉमेंट्स और ईमेल लिखेंगे. प्लीज़ आप सब ज़रूर बताना की आप को ये कहानी कैसी लगी. मुझे आप के कॉमेंट्स और ई-मेल्स का बेसबरी से इंतेज़ार रहेगा,

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