सर्दी के मौसम में भाई ने गर्म करके चोदा

मैं: भैया मेरे को बड़ी अजीब अजीब फीलिंग आ रही है
भैया: तुम्हे क्या करने का मन कर रहा है। जो तुम्हारी फीलिंग हो कर लो! आज के लिए समझ लो हम दोनो लोग भाई बहन नहीं बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हैं
मै: मेरे को शर्म आ रही है

उन्होंने मेरे को खूब सारी रोमांटिक बातो को सुनाकर गर्म कर दिया। मै उनकी बात मान गयी। भैया मेरे को अपने करीब लाकर मेरे को चिपका लिया। मेरे पीठ पर हाथ घुमाते हुए मेरी आँखों में आँखे डालकर बात करने लगे। उसकी आँखों में मेरे को हवस की झलक नजर आ रही थी। उस दिन मैंने लैगी और टी शर्ट पहनी हुई थी।

भैया मेरे होंठो पर अपनी अंगुलियों को घुमाते हुए मेरे गले तक अपनी अंगुलियां ले जा रहे थे। उनका उंगलियां घुमाना मेरे ऊपर जोश में आने का जादू हो रहा था। रोमांटिक माहौल बन चुका था। उन्होंने मेरे होंठ से अपने होठ को सटा कर किस से शुरुवात की। चुम्मे से स्टार्ट करके उन्होंने मेरे को किस करने का उद्दघाटन हो चुका था। मेरे होंठ को चूसने में मस्त हो गये। दोनों होंठो को एक साथ चूसते हुए मेरे को गर्म कर रहे थे। मैं भी गर्म होकर अपनी बूब्स से दबा रही थी। हम दोनो ने एक दुसरे को कस कर जकड लिया था। मेरे मुह के अंदर अपनी जीभ डालकर मेरी जीभ तक को वो चूसने लगे। किस करने के मेरे को आज अलग अलग तरीके मालूम पड़ रहे थे। मै भी उसका साथ दे रही थी। मेरी गरमी बढ़ती ही जा रही थी। मेरी साँसे गर्म होकर निकलने लगी। दिल की धड़कन बढ़ती ही जा रही थी। होंठ चुसाई का सिलसिला लगभग 15 मिनट तक चलता रहा। पहली बार मैं ये सब कर रही थी। वो भी अभी इस खेल में अनाड़ी थे। मेरे को भी इस बारे में ज्यादा कुछ नॉलेज नही था। मैंने अपनी टी शर्ट निकाल कर उस अपने बड़े बड़े बूब्स का दर्शन भैया को करा दिए। भैया समझ गए उनकी प्यारी बहना आज चुदने की तैयार है।

भैया: एकता तेरा बूब्स तो जितना सोचता था उससे भी बड़ा है
मै: पीकर तो देखो भैया और भी मजा आएगा

मेरी चूंचिया ब्रा में कैद थीं। भैया ने मेरी ब्रा को खोलकर निकाल दिया। मेरे काले रंग के निप्पल पर उसने अपने काले रंग का उसका होंठ लगा दिए। बहोत ही जबरदस्त कंम्बिनेशन लग रहा था। मेरे दूध को दबा दबा कर पी रहे थे। मेरी निप्पल को दांतों से काट काट कर पीते हुए मेरी सिसकारियां निकलवा रहे थे। मै जोर जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सिसकारियां भर रही थी। मेरे दूध को वो निचोड़ते हुए पी रहे थे। मेरे को बहुत मजा आ रहा था। लगभग 10 मिनट तक उन्होंने दूध पीकर आनंद लिया। अब मेरी बारी थी।

ये सारे स्टेप मेरे को ब्लू फिल्मो में देखने को मिली थी। मैंने उनका पैंट खोला और उसका 4 इंच का सिकुड़ा छोटा लंड निकाला। काला काला उनका लंड बहोत ही भद्दा लग रहा था। उन्होंने मेरे को चूसने को कहा। मैंने हिचकिचाते हुए उनके लंड पर धीरे से अपना जीभ लगा रही थी। थोड़ा सा पानी जैसा कुछ उनके लंड पर लगा हुआ था। मैंने उसे अपनी अंगुलियो से पोछकर चूसने लगी। भैया ने अपना पूरा लंड मेरी मुह में रख दिया। उनका छोटा सा लंड मेरी मुह में आसानी से फिट हो गया। 2 मिनट में मेरे को लगा की मेरा मुह फटने वाला है। उनके लंड ने अपना आकार बढ़ा लिया था। मेरा पूरा मुह उसके लंड से भरा हुआ था। मेरे गले तक उसका लंड घुस गया। मेरा दम घुटने लगा। आँखे जैसे बाहर निकलने वाली हो गयी। मैंने भैया के गांड पर मार मार कर किसी तरह उसके लंड से छुटकारा पाया।
उसके बाद उनका लंड हिला हिला कर चूसने लगी। कुछ देर बाद उसने मेरा लैगी नीचे सरकाते हुए निकाल दिया। मै अब सिर्फ पैंटी में थी। मेरे को उसने सोफे पर बिठाकर खुद नीचे बैठ गए। मेरी चूत के दर्शन के लिये उन्होंने मेरी पैंटी निकाल दी। मेरी टांगो को फैलाकर मेरी चूत के दर्शन किया। भैया ने अपना मुह लगाकर मेरी चूत की चटाई शुरू कर दी। मेरी चूत से निकला थोड़ा बहोत माल उसने चाट चाट कर साफ़ कर दिया। मै जोर जोर से “……अई… अई….अई……अई….इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की चीख निकालने लगीं। भैया अपनी जीभ मेरी चूत में घुसाने लगे। मै बहोत ही उत्तेजित हो गयी।
मै: सी.. सी…और न तड़पाओ मेरे प्यारे भैया अब तुम अपना लंड मेरी चूत में डाल दो!!

भैया: तू मेरी गर्लफ्रेंड बनी है आज। तेरे को तो मैं बहुत पहले से ही चोदना चाहता था। तुझे तो मैं खूब तड़पा कर ही चोदूंगा

इतना कहकर वो और जोर जोर से मेरी चूत चाटने लगे। उनके जीभ की रगड़ से मेरी चूत ने अपना पानी निकाल दिया। भैया ने सारा माल पीकर मेरी गीली चूत पर अपना लंड रगड़ने लगे। मेरे को उसके लंड की रगड़ बर्दाश्त नहीं हो रही थी। मैंने अपने हाथों से उसका लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद पर लगा दिया। उसने जोर का धक्का मारा। उनका टोपा ही अंदर घुसा था। मेरी मुह से “……मम् मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ …. ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की चीख निकल गयी। मेरी चूत अंदर से काफी गीली थी। भैया ने अपना लंड धीरे धीरे करके पूरा अंदर घुसा दिया। मेरी चूत का बहुत बुरा हाल हो गया। मेरी सील पहले से ही टूटी थी। दर्द तो बहोत हुआ लेकिन खून नहीं निकला। मेरे चूत में अपना लंड घुसाये ऊपर नीचे होकर चुदाई कर रहे थे।

Pages: 1 2 3