ट्रेन में अजनबी औरत की चूत चाट के चुदाई किया

मैं: अरे मैं इतना भी छोटा नहीं हूँ.

फिर हमारी फ़्लर्टिंग शरू हो गई और बात सेक्स के टोपिक पर पहुँच गई. अपनी सुहागरात की बातें बताने लगी वो और मैं पूरा लाल पड़ गया. वो मुझे देख कर हंसने लगी और बोली, बच्चे हो अभी.

फिर उसने अपने मोबाइल के ऊपर मुझे अपनी कॉलेज की और शादी की फोटो दिखाई.

मैं: ये तुम हो?

सबीना: हां भाई और क्या, कोई शक हे!

मैं: लाईट जलाओ. देखूं तो तुम्हे.

सबीना: हां भाई देख लो लेकिन लाईट को जल्दी बंद कर देना नहीं तो ये उठ जाएगा.

मैंने लाईट जलाकर देखी तो वो एकदम स्टनिंग थी. पिक्स से ज्यादा ही प्रेटी लग रही थी. ब्राउन आँखे, रेड लिपस्टिक वाले ठीक लिप्स, खुले हुए बाल और बहुत ही स्वीट सी स्माइल. देखते ही मैं तो सबीना के ऊपर फ़िदा हो गया. मेरा मुहं उसे देख के खुला की खुला ही रह गया.

सबीना: देख लिया ना अब लाईट बंद कर दो.

मैंने लाईट बंद करते हुए कहा: यार तुम्हारे हसबंड की तो सच में लोटरी लग गई हे, क्या वाइफ मिली हे उसको.

ये सुनते ही उसने टोपिक को चेंज कर दिया. मुझे लगा कुछ बात हे तो पूछा पर उसने मना कर दिया. फिर मैंने उसे थोडा जिद्द कर के पूछा.

सबीना: अरे यार मैं तुम्हे कैसे बताऊ, एक अनजाने लड़के हो. पर मैं थोडा कम्फ़र्टेबल हो गई हूँ इसलिए बता देती हु. मेरा हसबंड एक पजेशिव और जले हुए नेचर का हे. वो मुझे घर के बहार अकेले कदम भी रखने नहीं देता हे और उसकी चले तो वो मुझे किसी और मर्द से बात भी न करने दे. और जब वो शराब पी के आता हे तो मारता भी हे मुझे.

ये कहते हुए उसकी आँखे भर सी आई थी. फिर उसने कहा, आज उसकी माँ ने कहा तो मुझे गाडी तक छोड़ गया. मुझे लगता हे की उसका चक्कर अपने बड़े अब्बा की लड़की के साथ हे इसलिए मुझे यहाँ से भगा दिया उसने.

और ये सब कहते हुए वो रोने लगी.

मैंने उसका हाथ पकड़ा तो उसने फिर और डिटेल में सब बताया और वो साथ में बहुत रो भी रही थी. मैंने हिम्मत कर के हग कर दिया उसे. उसने भी टाईट पकड़ लिया मुझे और मैंने भी उसकी पीठ के ऊपर सहलाना चालू कर दिया. फिर अपने रुमाल से मैंने उसके आंसू पोंछ दिए. और फिर वो रोते रोते हुए हंस पड़ी.

सबीना: सोरी यार तुम स्ट्रेंजर हो फिर भी इतना ध्यान से सब कुछ सुना तुमने.

मैंने फेस पोंछते हुए कहा माय प्लेजर, तुमने एक अजनबी को इतना सब खुल के कहा! अगर मैं कुछ मदद कर सका तो मुझे धन्य लगेगा. फिर वो हलके से पास और मुझे उसकी साँसे महसूस हो रही थी. अब मैंने हिम्मत कर के उसके लिप्स पर एक छोटा सा किस कर लिया. फिर क्या था उसने भी वापस किस कर लिया छोटा सा. और फिर अगले ही सेकंड हम दोनों एक दुसरे को स्मूच करने लगे. हम पागलों की तरह एक दुसरे को किस कर रहे थे. और वो मेरे लिप्स भी काट रही थी. और मेरी जबान को अपनी जबान और होंठो के बिच में दबा के चूस भी रही थी. हम दोनों ऐसे ही एकदम पेशन से भरा हुआ किस ऑलमोस्ट 15-20 मिनिट तक करते रहे.

और फिर कोई स्टेशन आया और ट्रेन रुक गई. वो मुझे देख के हंसने लगी और मैं भी!

सबीना: कोई ऊपर वाली बर्थ पर ना आ जाए!

मैं: उपरवाला करे की ऊपर की बर्थ पर कोई ना आये!

और ये कहते हुए मैंने उसके हाथ को रब किया.

लगभग 5 मिनिट के बाद ट्रेन वापस से चल पड़ी और कोई भी नहीं आया तो उसके चहरे पर एकदम से ख़ुशी की लगर आ गई. वो उठी और कम्पार्टमेंट का लेच लगा दिया और मैंने विंडो के परदे खिंच लिए और फिर शेरनी के जैसे वो मेरे ऊपर टूट पड़ी. हम दोनों फिर से स्मूच करने लगे एकदम पागलों की तरह. मैं बूब्स दबाने के लिए सोच रहा था पर थोडा हेसिटेट हो रहा था. थोड़ी देर बाद वो रुकी.

सबीना: अरे घबराओ मत अगले स्टेशन पर कोई आये उसके पहले जो करना हे वो कर लो!

हम दोनों फिर से स्मूच करने लगे और मैंने उसके बूब्स के ऊपर अपने हाथ रख दिए. मैंने अपने हाथ को उसके कुरते में डाल कर उसके बूब्स को बहुत दबाये. और फिर मैंने सबीना को बर्थ के ऊपर लिटा दिया और हम दोनों किस करते रहे. फिर मैं उसकी नेक के ऊपर किस किया और हलके से बाईट भी किया, उसकी आह निकल रही थी.

मैं: थोडा सा कंट्रोल करो, बेबी को जगा दोगी या फिर पड़ोस के कम्पार्टमेंट वालो को.

ये सुन के वो हंस पड़ी. मैंने उसकी नेक के साथ साथ अब कान के ऊपर भी बाईट किया और फिर मैं नेक को लीक करने लगा. वो मदहोश होती जा ताहि थी और उसने मेरे चेस्ट के ऊपर अपने हाथ को रख के फेरना चालू कर दिया.

Pages: 1 2 3 4

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *