अजनबी लड़के के साथ चुत चुदाई का मजा

हॉट लड़की की चुदाई कहानी में पढ़ें कि एक दिन मैं नंगी बाथरूम में अपनी चूत मोमबत्ती से चोद रही थी. तभी दरवाजे की घंटी बजी. एक लड़का बैंक से आया था. यह कहानी लड़की की आवाज में सुनें. ऑडियो प्लेयर 00:00 00:00 आवाज बढ़ाने या कम करने के लिए ऊपर/नीचे एरो कुंजी का उपयोग करें। हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम दिशा है. मेरी उम्र 25 साल की है और मैं मध्यप्रदेश में रहती हूँ. मेरा फिगर 34-26-34 का है. ये मेरी पहली हॉट लड़की की चुदाई कहानी है. जिस वक्त मेरे साथ ये घटना हुई थी, उस वक़्त मैं 22 साल की थी. मेरे घर पर उस दिन कोई नहीं था. मेरी चुत में बहुत आग लगी थी, तो मैं बाथरूम में नहाने घुसी थी और उधर अपनी चुत की झांटें साफ़ करके एक मोमबत्ती से अपनी चुत की मुठ मार रही थी. उस दिन मेरे डैड ने एक बैंक वाले किसी एजेंट को बुलाया था. उसका नाम नवीन था. जब किसी ने मेरे घर की कॉलबेल बजाई, तब मैं बाथरूम में थी और अपनी चुत में उंगली कर रही थी. कॉलबेल बजने से जल्दी जल्दी बाथरूम में से निकल कर मुझे सामने एक टॉप दिखा, मैंने उसे ही पहन लिया. ये टॉप मेरे घुटनों से थोड़ा ऊंचा था और सफ़ेद कलर का था. जल्दीबाजी में मैंने ब्रा नहीं पहनी थी, जिस वजह से चलने पर मेरे बूब्स हिल रहे थे और मेरे जिस्म का हर कटाव उस टॉप में अच्छे से दिख रहा था. मैंने गेट के स्पाई होल से देखा, तो मुझे बाहर एक जवान मर्द खड़ा दिखाई दिया. मेरी चुत में आग लगी थी … तो मुझे वो अपनी चुदास खत्म करने के लिए एक शानदार आइटम दिखा. मैंने एक पल सोचा और मन बनाते हुए गेट खोल दिया. चूंकि वो मेरे लिए एक अपरिचित था, तो पहले मैंने उसकी तरफ सवालिया निगाहों से देखा. उसने मेरे मम्मों को देखते हुए कहा- मैं नवीन हूँ, बैंक एजेंट हूँ और आपके पापा ने मुझे किसी काम से बुलाया था … उन्हें मुझसे कुछ बैंक का काम था. आप प्लीज़ उन्हें बुला दीजिएगा. मैंने उससे हाय कहते हुए अपना परिचय दिया- मैं दिशा हूँ … अभी मेरे डैड घर पर नहीं हैं. इन फेक्ट इस समय घर पर कोई नहीं है. आप अन्दर आ जाइए, डैड ने मुझे आपको पेपर्स देने के लिए कहा था. मेरी बातों से वो मेरी तरफ खा जाने वाली नजरों से देखने लगा. मैंने उसे अन्दर बुला लिया और उसे सोफा पर बैठने को बोला. वो अन्दर आया तो मैंने एक पल फिर से सोचा और मेन गेट लॉक कर दिया. मैंने उसे सोफे पर बिठाते हुए हदास भरी आवाज में उससे पूछा- आप क्या लेना पसंद करेंगे … ठंडा या गर्म! वो मेरे गेट बंद कर देने से कुछ कुछ समझ गया था इसलिए वो मेरी चूचियों को देखते हुए बोला- पहले गर्म फिर कुछ ठंडा. मैं उसकी बात से चौंक गई और हंसने लगी- ये कैसी बात … पहले गर्म फिर ठंडा! वो मेरे बदले हुए रूप से अचकचा गया और बोला- आहहां … गर्म ठंडा बाद में होता रहेगा. आप मुझे पेपर्स दे दीजिए. मैं अन्दर से पानी का गिलास लेकर आई और उसके सामने झुकते हुए उसे अपने मम्मों की झलक दिखाती हुई बोली- लीजिए शायद पहले आपको पानी की जरूरत है. वो मेरी चूचियों की तरफ देखता हुआ बोला- हां सच में बहुत प्यास लग रही थी. मैंने नवीन को पानी पिलाया और फिर उसने मुझसे जो पेपर्स मांगे, वो देने के लिए मैं अपने ड्राइंगरूम के शोकेस के नीचे वाला ड्रॉवर ओपन करने के लिए झुकी. चूंकि मैंने सिर्फ एक लम्बा टॉप भर पहना था. नीचे न लोअर था और न ही पैंटी पहनी थी. इस वजह से जब मैं झुकी तो पीछे से उसे मेरी नंगी गांड चुत दिखने लगी. मैं जानबूझ कर पेपर्स निकालने में थोड़ा टाइम लगा रही थी ताकि उसे मेरे छेद से मजा मिल जाए. नवीन से शायद रहा नहीं गया और वो उठ कर मेरे करीब आ गया. उसने पीछे से मेरा टॉप पूरा ऊपर कर दिया और अपना 7 इंच का लंड मेरी गांड पर रगड़ने लगा. मैं एकदम से पीछे मुड़ी, तो उसने कहा- तुम बहुत हॉट हो. मैंने तुम्हारी गर्म आवाजें सुनी थीं, जब तुम बाथरूम में थीं. मैं उसकी बात सुनकर एक बार को तो हक्की बक्की रह गई. चूंकि मेरे कमरे का बाथरूम बाहर की तरफ है और उसकी वेंटीलेटशन की विंडो कंपाउंड में खुलती थी. वो जब मेरे घर आया होगा तो उसने मेरी कामुक आवाजें सुन ली होंगी. मैं कुछ नहीं बोली, बस सर झुका कर खड़ी हो गई. इस वक्त मुझे खुद एक लंड की जरूरत थी … जो मेरे सामने मुझे चोदने के लिए रेडी था. मुझे उस समय सिर्फ चुत में लंड चाहिए था, इसलिए मैंने उसका कोई विरोध नहीं किया. मेरे चुपचाप रहने से उसकी हिम्मत बढ़ गई और उसने अपने हाथ मेरी कमर में डालकर मुझे उठा लिया. वो मुझे मेरे बेडरूम में ले गया.

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