अजनबी लड़के के साथ चुत चुदाई का मजा

उधर उसने मेरा टॉप निकाल कर मुझे पूरी नंगी कर दिया.

अब वो मुझे निहारने लगा. मैं एकदम से गर्म होने लगी थी क्योंकि मुझे उसका तना हुआ लंड इस समय बड़ी लज्जत दे रहा था.
मेरी निगाहें उसकी फूली हुई पैंट पर ही टिकी थीं.

उसने मेरे हाथ पकड़े और मुझे चूमने लगा. मैं उसके चुम्बन का मजा ले रही थी मगर कुछ भी रिएक्ट नहीं कर रही थी. मेरा विरोध भी नहीं था.
ये देख कर वो समझ गया कि मैं चुदने के लिए राजी हूँ.

अब उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और अपने हाथों से मेरी टांगें चौड़ी कर फैला दीं. मैं भी अपनी चुत पसार कर आने वाले पलों का इंतजार करने लगी.

फिर उसने अपने पूरे कपड़े निकाले और खुद भी नंगा हो गया. उसका लंड बहुत मस्त था, एकदम गोरा चिकना लंड … काफी मोटा और लंबा था.

वो लंड हिलाता हुआ मेरे करीब आया और 69 पोज़िशन में होकर मेरे ऊपर लेट गया. उसका लंड मेरे मुँह के पास हो गया था और मैं कुछ समझ पाती कि उसने मेरी चुत पर अपनी जीभ लगा दी और चुत चाटने लगा.

मैं एकदम से सिहर गई और मेरी चुत उसके मुँह से चूसी जाने लगी.

उसका लंड मेरे होंठों पर टक्कर मार रहा था.
न जाने मुझे क्या लगा कि मैंने उसका लंड अपने मुँह में ले लिया. मुझे एक बार को तो उसके लंड से अजीब सी महक आई, फिर ना चाहते हुए भी मैं उसका लंड चूसने लगी थी.

मुझे कुछ ही पलों में लंड चूसने में बहुत मजा आने लगा था. उधर वो मेरी चुत को लपलप करते हुए अपनी जीभ से चोदने लगा था.

मैं वासना से मचल उठी और मोन करने लगी. मेरी उठती हुई गांड से वो समझ गया कि मैं उससे चुदने के लिए एकदम रेडी हूँ.

अब वो मेरे ऊपर से उठ गया और बिस्तर पर पैर लटका कर बैठ गया. उसने अपनी उंगली से मुझे पास आने का इशारा किया, तो मैं समझ गई और बिस्तर से नीचे उतर कर उसके सामने अपने घुटनों पर बैठ गई.

उसने मेरा सर पकड़ा और अपने लंड को मेरे मुँह में देने लगा. मैंने मुँह खोल दिया और उसका लंड चूसने लगी.
वो मेरे मुँह में लंड आगे-पीछे करते हुए मेरे मुँह को ही चोदे जा रहा था.

कभी कभी वो लंड निकाल कर अपने लंड से मेरे मुँह पर थप्पड़ से मार रहा था.
मुझे लंड से पिटने में बड़ा मजा आ रहा था.

उसने मेरी आंखों में आंखें डालकर इशारे से पूछा कि अब चोदूं?
मैंने हां में सर हिला दिया.

फिर उसने मुझे उठाया और बेड पर आने का इशारा करते हुए मुझसे कहा- साली रंडी … तू बड़ी मस्त माल है.

इतना कह कर उसने मुझे चित लिटाया और मेरी दोनों टांगें बिस्तर के किनारे खींचते हुए फैला दीं.

जैसे ही मेरे टांगें बिस्तर के किनारे पर आईं, उसने मेरी दोनों टांगों को फैलाया और मेरी चुत में एक बार फिर से अपना मुँह घुसा दिया.

वो मेरी चुत चाटने लगा और मेरी टागें हवा में उठकर फ़ैल गईं.
मैं उसका मुँह अपनी चुत में दबाने लगी और उसकी चुत चुसाई से सीत्कार करने लगी- आह नवीन … उहह … अम्म्म्म … आअहह… यअहह … और ज़ोर से चाट साले मेरी चुत … आहह!

कुछ देर बाद वो उठा और मेरे होंठों को किस करने लगा.
मैं भी उसकी चुम्मियों का जवाब अपनी चुम्मियों से देने लगी.
मुझे किस करते करते ही वो मेरे ऊपर चढ़ गया और उसने मेरी चुत में अपना लंड रगड़ना चालू कर दिया.

मुझे एक तरफ चुम्मी का मजा आ रहा था और दूसरी तरफ उसके मोटे मूसल लंड का स्पर्श अपनी चुत पर बड़ा ही हॉट लग रहा था.
मैं अपनी गांड उठाते हुए उसके लंड से चुत को रगड़वाने का सुख ले ही रही थी कि उसने एक झटके में मेरी चुत में अपना मोटा लंड डाल दिया.

उसका लंड चुत में घुसा, तो मेरी आह निकल गई. उसका लंड मेरी चुत को चीर सा रहा था. साथ ही वो मेरी चुत में अपने लंड का दाब दिए जा रहा था जिससे लंड चुत में घुसता ही जा रहा था.

उसने मेरी चुत को चाट चाट कर चिकनी कर दी थी, तो लंड को चुत के अन्दर जाने में जरा भी दिक्कत नहीं हो रही थी.
मगर लंड मोटा था तो मेरी चुत की मां चुद गई थी.

मैं चीख भी नहीं पा रही थी क्योंकि नवीन के होंठों का ढक्कन मेरे होंठों को बंद किये हुए था.

वो मुझे दबादब चोदने लगा.

कुछ ही देर में मेरी चुत को चुदाई में मजा आने लगा- आअहह …. आअहह … नवीन तेरा लंड बहुत मस्त है.. एआहह उहह फक मी … आह और ज़ोर से चोद साले मुझे.
नवीन- हां साली रंडी … तुझे पेल कर चोदूंगा … आह तेरी चुत में बहुत चुल्ल थी न चुदने की … आह ले साली मादरचोद मेरी पर्सनल रंडी … ले लौड़ा खा.
मैं- यअहह …. आअहह भैनचोद …. आ फक मी … मां के लवड़े चोद दे मुझे … याहह … फक मी हार्ड … नवीन.

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