बहन की चुत चुदाई के बाद ग्रुप सेक्स का चस्का

बेहन चोद भाई की कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी बहन को उसके यार से चुदती देखा. वो डर गयी और उसने मुझसे भी चुदाई करवाने की बात कही. दोस्तो, मेरा नाम संतोष है, मैं बिहार का रहने वाला हूँ. आज मैं अपनी बेहन की चुदाई की सच्ची सेक्स कहानी आपको सुनाने जा रहा हूँ, कुछ त्रुटि हो तो माफ कीजिएगा. ये बेहन चोद भाई की कहानी उस समय की है, जब मैं स्कूल में पढ़ रहा था. उस समय मेरी बेहन एक लड़के से प्यार करती थी. मेरी बेहन पूरी तरह से जवान हो चुकी थी. उसके दूध और गांड बड़े ही मनमोहक थे. हालांकि मैं भी जवानी के नशे में मुठ मारने लगा था मगर मैंने अभी तक कभी भी अपनी बेहन के बारे में गलत नहीं सोचा था. एक दिन की बात है. मेरी बेहन ने अपने ब्वॉयफ्रेंड को एक चिट्ठी लिखी और उसे यूं ही अपने बिस्तर पर रख कर गाना गुनगुनाते हुए वो नहाने घुस गई. उसी समय मैं उसके कमरे में किसी काम से गया, तो मुझे उसकी लिखी हुई चिट्ठी दिखी. मैंने ध्यान दिया तो मेरी बेहन ने अपने ब्वॉयफ्रेंड को चिट्ठी लिखी थी. जिसमें उसने शाम को खेत में मिलने की बात की थी. उस चिट्ठी को पढ़कर मैं दंग रह गया कि शाम को मेरी बेहन खेत में उस लड़के से मिल कर क्या करना चाहती है. मैं सोचता रहा और मैंने अपनी बेहन का पीछा करने का फैसला कर लिया. मैंने उस शाम अपनी बेहन का पीछा किया, तो पता चला कि वो मेरे दोस्त मिथुन से मिलने गई थी. वो दोनों एक दूसरे से गले लग कर चूमाचाटी करने लगे. मैं चुपचाप खड़ा रहा और उन दोनों को प्यार करने दिया. फिर मिथुन ने मेरी बेहन के चूचों पर हाथ लगाया और उन्हें दबाने लगा, इससे मेरा दिमाग हिल गया. उसके बाद उसने एक एक करके मेरी बेहन के सारे कपड़े उतार दिए और मेरी बेहन ने नंगी होने के बाद नीचे घास में अपना दुपट्टा बिछा दिया. उसके बाद मेरी बेहन अपने दोनों पैर फैलाकर लेट गई. मिथुन मेरी दीदी के ऊपर चढ़ गया और उसके होंठ चूसने लगा. मैंने आज पहली बार अपनी बेहन के बड़े बड़े चूचे नंगे देखे थे. उसकी गांड भी बहुत बड़ी थी. मिथुन ने मेरी दीदी के होंठ चूसते चूसते उसकी चुत में लंड सैट किया और एक जोर का झटका दे मारा. तो लंड चुत में घुस गया. इससे मेरी दीदी हल्के से तड़प उठी. हालांकि उसकी इस मामूली सी तड़फ से ऐसा साफ़ दिख रहा था कि वो पहले भी मिथुन से चुद चुकी है. फिर भी वो ‘अअह ऊऊऊह ..’ करने लगी. अपनी नंगी बेहन को लंड लेते देख कर मेरा भी लंड मेरी पैंट में खड़ा हो गया था. मैं अपना लंड सहलाते हुए उन दोनों की चुदाई देखने लगा. एक पल के लिए मैं भूल गया था कि सामने मेरी बेहन मेरे दोस्त से चुद रही है. मैंने कुछ देर तक उन दोनों की चुदाई देखी. फिर जैसे ही मिथुन ने मेरी दीदी की चूत में माल गिराया. बेहन ने उसको धक्का दे दिया औऱ गुस्साते हुए कहा- ये क्या किया … कहीं बच्चा रुक गया तो क्या होगा … फिर मुझे तुम्हारा रस पीना था! इस पर मिथुन ने हांफते हुए कहा- सॉरी यार … मुझसे रुका ही नहीं गया. आगे से ध्यान रखूंगा. लो तुम अभी भी इसे चूस कर मजा ले सकती हो. दीदी को भी चुदाई से मजा आ गया था तो उसने बात भूलते हुए मिथुन से कहा- ओके … अब तुम अपना लौड़ा मेरे मुँह में डाल दो. मिथुन ने अपना लंड मेरी बेहन के मुँह में लगा दिया. मेरी बेहन उसके झड़े हुए लंड को चूसने लगी. मेरी बेहन ने दो मिनट तक लंड चूसा, फिर वो उससे बोली- कोई आ जाएगा, अब तुम निकल जाओ. जैसे ही मिथुन वहां से गया, दीदी कपड़े पहनने लगी. तभी मैं उसके सामने जा कर खड़ा हो गया. दीदी मुझे देख कर सकपका गई और उसके मुँह से कुछ आवाज ही नहीं निकल रही कि क्या बोले. मैंने उससे कहा- तुमने अभी जो ये कुकर्म किया है … वो मैंने छुप कर सब देखा है कि तुमने कैसे मिथुन से चुदाई करवायी है … उसका लंड चूसा है. वो मेरे सामने गिड़गिड़ाने लगी- किसी को मत बताना मेरे भाई, चाहे तुम भी मुझे चोद लो. मैंने कहा- पहले तो तुम घर चलो, फिर ये सब बात देखेंगे. वो अपने कपड़े पहन कर मेरे साथ घर आ गई. घर आने के बाद मैंने उससे कहा कि अभी तू अपने कमरे में जा और सो जा … मैं तुमसे बाद में मिलूंगा. अब तक मेरी बेहन काफी हद तक संतुलित हो चुकी थी. वो मुझे भी अपनी जवानी के जाल में फंसाने के लिए मन बना चुकी थी. उसने वासना से मेरी तरफ देखा और अपनी चूचियों को मसलती हुई बोली- मैं दरवाजा खुला रखूँगी और तुम्हारा इंतजार करूंगी.

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