एरपोर्ट के वॉशरूम मे किए मज़े

हेल्लो दोस्तो मैं शाइनी प अरमर. आज फिर आप सब के लिए एक नयी और सच्ची कहानी लिखकर आप सब के लंड और चूत को मज़े देने की कोशिश करूँगी.

मूज़े बहोत खुशी हुई की बहोत सारे लोगो को मेरी पिछली कहानी इतनी अच्छी लगी और कई ने बताया भी की कहानी पढ़ते वक़्त जैसे मेरी सुहाग रात उनकी आखो के सामने चल रही थी. आप सब का इतना प्यार मिला इसलिए बहोत थॅंक यू.

जो आज पहली बार मेरी यह कहानी पढ़ रहे है उनसे रिक्वेस्ट करूँगी की प्लीज़ मेरी पहली कहानी (सुहाग रात पर टूटी मेरी चूत की सील) ज़रूर पढ़े ताकि आप सब इस कहानी के उतने ही मज़े ले पाए.

तो अब ज़्यादा टाइम नही गवाते हुए स्टोरी लिखती हू. आप सब ने जैसे पढ़ा सुहाग रात मे हम ने मतलब मेरे पति सन्नी ने कैसे मेरी सील तोड़ी और रात भर हमारी चुदाई चली. अगले दिन सुबह तो मेरे ऐसे हाल थे की उठने का क्या हिलना तक नही हो रहा था.

मेरी ऐसी हालत देख कर मेरे पति सन्नी ने घर मे सब से कह दिया की शादी की थकान के वजह से मुझे बुखार चढ़ गया है और एक दिन मुझे आराम करने दे.

यह तो अब आप सब भी समझते है और घर वाले भी बहोत अच्छे से समझ गये होंगे की यह शादी की नही बल्कि सिर्फ़ सुहाग रात की थकान थी पर किसीने मुझसे कुछ नही कहा और मुझे आराम करने दिया.

अगले दिन मैं मेरे घर गयी थी एक रसम के लिए जो आप सब ने सुन्नी होगी पद्फेर के लिए. वाहा भी मेरी सब बहनो ने मुझे बहोत छेड़ा यह कह कर की ऐसा क्या हुआ सुहाग रात मे जीजू ने क्या किया जो बुखार चढ़ गया और सब. मुझे यह सब सुन कर बहोत शरम आ रही थी.

वाहा से वापिस ससुराल आ कर हमे उस दिन ही हमारे हनिमून के लिए निकलना था. हम हनिमून के लिए मालदिव जाने वाले है और हमारी रात की फ्लाइट थी.

अब मालदीव के बारे बहोत लोगो ने सुना है वो जगह तो है ही नये मॅरीड कपल्स या हनिमून कपल्स के लिए स्पेशली.

हम ने सारी पॅकिंग करी और मेरे हज़्बेंड ने मुझे कुछ अलग से पॅकेट्स दिए और कहा की यह हे कपड़े लेना और ज़्यादा कुछ नही. मैने बिना पूछे सिर्फ़ वो पॅकेट्स और कुछ दूसरे मॉडर्न कपड़े जैसे स्कर्ट टॉप जीन्स शॉर्ट्स ऐसे सब पॅकिंग कर ली.

हमारी फ्लाइट आधी रात की थी तो हम घर से कुछ 10 बजे निकले और 11 बजे तक एरपोर्ट पहुच गये. अभी फ्लाइट को बहोत टाइम था तो हम ने चेक्किन किया बोरडिंग पास लिए और वेटिंग एरिया मे बैठ गये.

वाहा हमारे जैसे और भी बहोत मॅरीड कपल्स थे जो अपने मे ही खोए हुए थे और कॉर्नर्स पर बैठे रोमॅन्स कर रहे थे.

उन सब को देख कर मेरे हज़्बेंड को भी पता नही क्या सूजी वो भी मेरा हाथ पकड़ कर सहलाने लगे और एक हाथ मेरी थाइस पे रख कर सहलाए जा रहे थे. मुझे उनकी इस हरकत से बहोत शरम आ रही थी.

हमारे सामने बैठे कपल्स हमे ही देखे जा रहे थे. मैने बहुत कोशिश की हज़्बेंड को रोकने की पर वो रुके नही.

मैने हज़्बेंड का हाथ छुपाने के लिए मेरे पैरो पर मेरी हॅंड बॅग रख दी जिससे से उनका हाथ छुप गया. मेरी यह हरकत देख कर हज़्बेंड और ज़्यादा मस्ती करने लगे.

अब वो मेरी थाइस सहलाते सहलाते साइड से अपनी उंगलिया मेरी चूत पे फेरने लगे जिससे मेरी शरीर मे एक अलग ही सिहर उठी. अब धीरे धीरे उनकी यह हरकत मुझे गरम कर रही थी और मेरी चूत को बहोत गिल्ली.

ऐसे करते करते हज़्बेंड ने अब मेरा हाथ पकड़ा और हल्के से अपने लंड के पास ला कर सहलाने लगे. लंड पे हाथ लगते हे मैं समझ चुकी थी वो तो पहले ही पेंट के अंदर तन्ना हुआ है.

अब मेरा भी उनके लंड को सहलाने का और मेरी चूत मे लेने का मन कर रहा था पर हम थे तो एरपोर्ट पे. यह सोचते ही मेरे चेहरे पे उदासी आ गयी जिसको देख कर हज़्बेंड समझ गये मेरी हालत को.

हज़्बेंड ने थोड़े पास आ कर मेरे कान मे कहा, जी जानेमान मैं जानता हू की अब तुम भी पूरी गरम हो चुकी हो और मेरा अपने अंदर लेना चाहती हो. उनकी यह बात सुनते हे मुझे इतनी शरम आई की मेरी चूत और गिल्ली हो गयी और मेरी नज़रे झुक गयी.

मेरी यह हरकत देख कर हज़्बेंड ने फिर से मेरी कान मे कहा की शाइनी अब मैं भी नही रह पाउँगा जब तक अपने लंड का पानी तेरी चूत मे नही डाल दू इसलिए मैं वॉशरूम के पास जा रहा हू मेरे जाते ही 2 मिनिट बाद तुम भी जल्दी से आ जाना.

मैं यह सुनते ही बहोत शॉक थी यह सोच कर की हज़्बेंड यहा ऐसे पब्लिक जगह मे मुझे वॉशरूम मे बुला रहे है उनका इरादा क्या था.

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